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India Against Corruption is a registered anti-corruption organization. The aim of the organization is to eradicate corruption from its roots.

Delhi, Maharashtra, Tamilnadu
Joined June 2019
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उत्तर प्रदेश सरकार का रामराज्य! उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में छेड़छाड़ से तंग आकर बेटी ने जान दे दी। पिता थाने के चक्कर लगाता रहा गुंडे रोजाना परेशान करते थे, पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया !
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हरियाणा के पंचकूला से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां स्कूल परिसर में तीसरी कक्षा के एक छात्र पर KG में पढ़ने वाली मासूम बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि छात्र बच्ची को पिता के बुलाने का बहाना बनाकर स्कूल की पहली मंजिल पर ले गया, जहां उस पर पत्थरों और गमले से हमला किया गया। परिजनों के मुताबिक, बच्ची को बेहोश होने के बाद भी पत्थरों से मारा गया और काफी देर तक घसीटा गया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को पहले पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी हालत को देखते हुए PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। फिलहाल बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। बच्ची के चाचा फाजिल का आरोप है कि स्कूल में CCTV कैमरे लगे होने और उनकी मॉनिटरिंग प्रिंसिपल के कार्यालय से होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना किसी की नजर में क्यों नहीं आई? परिजनों का यह भी कहना है कि जब वे बच्ची को तलाशते हुए स्कूल पहुंचे, तो कथित तौर पर हमला करने वाला छात्र ही उन्हें घायल बच्ची के पास लेकर गया। मामले की सूचना मिलते ही सेक्टर-20 थाना पुलिस स्कूल पहुंची और स्कूल प्रबंधन से पूछताछ शुरू की। पुलिस आरोपी छात्र के माता-पिता से भी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल हमले की वजह और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, CCTV निगरानी और स्कूल प्रशासन की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। #Haryana #Panchkula #SchoolIncident #SchoolSafety #ChildSafety #Indiaagainstcorruption
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इसलिए तो लोग अधिकारी बनते है, इन अधिकारीयों ने देश को लूटने का संकल्प लिया हुआ है? अब कुछ लोग कहेंगे कि तुम लोगों की तरक्की से जलते हो।
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आदरणीय राजकीय रेलवे पुलिस के पुलिस महानिदेशक महोदय अवगत कराना हैं कि इस वीडियो में जनता के टेक्स से तनख्वाह लेने वाले जो जीआरपी के पुलिस कर्मी (भक्षक) अपने पैर से यात्री का हाथ पैर दब रहे हैं क्या यात्री को दर्द नहीं होता है? महोदय तत्काल कार्यवाही करें और भक्षक के विरुद्ध की गयी कानूनी कार्यवाही साझा करें ताकि जनता का कानून पर विश्वास बना रहे, अन्यथा कहीं जनता स्वं न्याय करने पर उतारू न हो जाये? @prakashdips @upgrphq @spgrpagra @spgrpjhansi @RailwaySeva @RPF_INDIA @HMOIndia @PMOIndia @RahulGandhi @India_NHRC @rashtrapatibhvn @SupriyaShrinate @VPIndia @SanjayAzadSln @AtishiAAP @MahuaMoitra @pbhushan1 @KapilSibal @rajnathsingh @narendramodi @AmitShah
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी से पत्रकारों से हुई बदसूलुकी और उन्हें डीटेन किये जाने का जवाब माँगा है , क्या है पूरा मामला , NWMI की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने रिट याचिका दायर कर मांग की है कि प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग के दौरान महिला पत्रकारों की सुरक्षा और गरिमा के लिए पुख्ता गाइडलाइंस तय की जाएं , फ्रीडम स्पीच कलेक्टिव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत की अवमानना याचिका का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 10 अक्टूबर के उस आदेश का सीधा उल्लंघन है, जिसमें पत्रकारों को परेशान न करने का निर्देश दिया गया था , वरिष्ठ अधिवक्ता सी. यू. सिंह ने भी इस मुद्दे पर अदालत का ध्यान आकर्षित किया , मतलब ये याचिका भी इन दोनों मामलो से जुड़ी है , एक साथ 3 याचिका दाखिल की गयी है जिसमे पत्रकारों के अधिकारों का हनन , उनके साथ हुई बदसूलुकी और डीटेन किये जाने का मामला है , इस पूरे मामले में दिल्ली प्रोटेस्ट के दौरान पत्रकारों के साथ हुई बदसूलुकी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारी को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया , अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी , साफ शब्दों में कहे तो दिल्ली पुलिस को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अब कड़े निर्देश मिलने वाले है।
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क्या यह सत्य है?
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🚨अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के रामपुर से हत्या का लाइव वीडियो वायरल! उत्तर प्रदेश में हत्यारे बेखौफ, दिनदहाड़े कारोबारी की हत्या LIVE CCTV में हुआ क़ैद UP : जिला रामपुर में दिनदहाड़े कारोबारी नवजोत सिंह की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। रामपुर पुलिस को बदमाशों ने दी खुली चुनौती। हत्या का LIVE CCTV सामने आया है। वीडियो में कार सवार हमलावर आते हैं और‌ चंद सेकेंड में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर फरार? इस घटना ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं? #upnews #murder @rampurpolice @Uppolice @CMOfficeUP @India_NHRC @yadavakhilesh @RahulGandhi @UNinIndia @iac_registered @dgpup @HMOIndia @PMOIndia @rashtrapatibhvn @SupriyaShrinate @SanjayAzadSln @priyankagandhi @kpmaurya1
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विमान में घुसकर धरपकड़: क्या तानाशाही की सारी हदें पार हो गईं ?
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आज बहुत से लोग नाराज़ होने वाले हैं 🤔
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रक्षक बने भक्षक! कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में बुजुर्ग महिला पर पुलिस की बर्बरता व सुशासन का असली चेहरा सामने आया ! मुख्यमंत्री जी , आपकी सरकार में वर्दी अब सुरक्षा की नहीं, दहशत की पहचान बनती जा रही है! बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटने वाले पुलिसकर्मी पर तत्काल कार्रवाई करें। यह जंगलराज कब तक चलेगा? @DrMohanYadav51 @CollectorKatni @CMMadhyaPradesh @MPPoliceDeptt @HMOIndia @India_NHRC @NCWIndia @rashtrapatibhvn @PMOIndia @UNinIndia @RahulGandhi @BJP4India @INCIndia @VPIndia
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मंथली के मोह में बंधकर आर. सी. सैनी ट्रैवल्स पर मेहरबान ट्रैफिक पुलिस वज़ीराबाद के शिव मंदिर पुस्ता रोड पर सड़क बनी बसों की अवैध पार्किंग, बार-बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं नई दिल्ली (इंडिया अगेंस्ट करप्शन)। किसी भी कल्याणकारी राज्य (वेलफेयर स्टेट) में जनता के अधिकार सर्वोपरि होते हैं। लेकिन जिन पर नियमों का पालन कराने की ज़िम्मेदारी है, वही जब 'मंथली' के मोह में बंधकर जनता की जान दांव पर लगाने लगें, तब आम जनता का सिस्टम से विश्वास उठ जाता है। इंडिया अगेंस्ट करप्शन (IAC) द्वारा सड़कों पर अवैध रूप से पार्क की जा रही गाड़ियों का मुद्दा लगातार उठाए जाने के बावजूद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अवैध बसों और अवैध पार्किंग के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है। मामला #वज़ीराबाद के शिव मंदिर पुस्ता रोड, पाइप लाइन का है, जहां आर. सी. सैनी ट्रैवल्स की बसें सड़क पर अवैध रूप से पार्क की जा रही हैं। जनता की बार-बार की शिकायतों के बावजूद ट्रैफिक पुलिस इन बसों को वहां से हटाने के लिए तैयार नहीं है। हालात ऐसे हैं मानो ट्रैफिक पुलिस ख़ुद जनता की जान दांव पर लगाकर सड़क पर इन बसों की पार्किंग करवा रही हो। विशेष बात यह कि इन बसों के पास दिल्ली में चलने की कोई अनुमति नहीं है लेकिन इसके बावजूद देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर यह अवैध बसें बिना कानून के डर के दौड़ रही हैं ? सड़क पर खड़ी बसों के कारण रास्ता संकरा हो जाता है, जिससे पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जाम की स्थिति में एम्बुलेंस और दमकल जैसी आपातकालीन सेवाओं के रास्ते भी बाधित हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, #आर. सी. सैनी ट्रैवल्स के संचालक खुलेआम यह स्वीकार करते हैं कि वे ट्रैफिक पुलिस को 'मैनेज' करते हैं। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस यहां पार्क होने वाली प्रत्येक बस के एवज़ में उनसे हर महीने रिश्वत के रूप में मोटी रकम वसूलती है। यही 'मंथली' शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने की असली वजह मानी जा रही है। क्या कहता है कानून मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 122 के अनुसार किसी भी वाहन को सार्वजनिक स्थान पर इस तरह खड़ा नहीं छोड़ा जा सकता, जिससे दूसरों के लिए खतरा, बाधा या अनुचित असुविधा पैदा हो। धारा 127 क्षेत्राधिकार वाले वर्दीधारी पुलिस अधिकारी को यह अधिकार देती है कि वह निषिद्ध स्थान पर खड़े वाहन को टोइंग (क्रेन) से हटवाए या उस पर व्हील-क्लैंप लगवाए। भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 285 के तहत सार्वजनिक मार्ग पर खतरा या बाधा उत्पन्न करना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए पांच हज़ार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। रिश्वत के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 अनुचित लाभ लेने वाले लोक सेवक के लिए कम से कम तीन वर्ष और अधिकतम सात वर्ष के कारावास के साथ जुर्माने का प्रावधान करती है। वर्ष 2018 के संशोधन के बाद धारा 8 के तहत रिश्वत देने वाला भी अपराधी है, जिसे सात वर्ष तक के कारावास, जुर्माने या दोनों से दंडित किया जा सकता है। यानी पुलिस को 'मैनेज' करने का दावा करने वाले भी कानून के दायरे से बाहर नहीं हैं। कार्रवाई की मांग कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मियों का यह व्यवहार पूरे पुलिस विभाग की छवि बिगाड़ता है और ईमानदारी से ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों की साख पर भी सवाल खड़े करता है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ऐसे भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष विजिलेंस जांच कराकर शिव मंदिर पुस्ता रोड से अवैध रूप से खड़ी बसों को तत्काल हटवाया जाना चाहिए। यह भी जांच का विषय है कि इन बसों के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र और बीमा वैध हैं या नहीं। इंडिया अगेंस्ट करप्शन (IAC) इस मामले पर लगातार नज़र बनाए रखेगा। @CPDelhi @DelhiPolice @JointCP_ER @MCD_Delhi @CMODelhi @LtGovDelhi @ArvindKejriwal @SupriyaShrinate @SanjayAzadSln @rashtrapatibhvn @VPIndia @RahulGandhi @PMOIndia @HMOIndia @narendramodi @AmitShahOffice @AtishiAAP @atishi_maarlena @AamAadmiParty @AAPDelhi @BJP4Delhi @INCDelhi @India_NHRC @PIB_India @ANI @PTI_News @ManojTiwariMP @msisodia @CBIHeadquarters @PIB_India @PTI_News @official_dda @Spanda3000 @TransportDelhi @MORTHIndia @NHAI_Official @OfficeOfNG @dtptraffic @dcpter08 @TrafficCP @DcpWestern @dcptcr @dcptsr @dcptwr @MORTHRoadSafety @DcpNorthDelhi @ibcregistered #corruption #Delhi #PoliceInvestigation #rekhagupta
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बड़ोदरा के करजन में CNG स्टेशन पर CNG भरवाते समय धमाका हो गया.... कार में CNG भरवाते समय अचानक सिलेंडर फट गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि CNG सिलेंडर दो हिस्सों में टूट गया। हादसे में दो लोग घायल हो गए। #CNG #Indiaagainstcorruption #news #newsupdate
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दादर स्टेशन, •• जंतर मंतर सीजन 2 लोड हो रहा है, ^^जेल भरो आन्दोलन~~ | गांधी जयंती l 2अक्टूबर | शिवाजी पार्क | मुंबई @CJP_for_India @Cockroachisback @CJP_2029 @abhijeet_dipke #indianbroadcastingcorporation
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दादर स्टेशन, •• जंतर मंतर सीजन 2 लोड हो रहा है, ^^जेल भरो आन्दोलन~~ | गांधी जयंती l 2अक्टूबर | शिवाजी पार्क | मुंबई @CJP_for_India @Cockroachisback @CJP_2029 @abhijeet_dipke
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TRAI has become Joker Nowadays.🤡🤡 Na khaunga na khane dunga!
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उत्तर प्रदेश पुलिस को भंग ही कर दिया जाए - सुप्रीम कोर्ट
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कीर्ति नगर में छत पर पार्टी, सरेआम ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग — राजधानी में कानून का खौफ खत्म? रिहायशी इलाके में कई राउंड गोलियां, वीडियो में साफ दिख रहे चेहरे — दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर में एक मकान की छत पर पार्टी के दौरान कई लोगों ने सरेआम ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग की। जानकारी के मुताबिक, घटना कीर्ति नगर के ई-21 स्थित मकान की तीसरी मंजिल की छत पर हुई। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। सामने आए वीडियो में गोलियां चलाते लोग साफ देखे जा सकते हैं। एक के बाद एक कई राउंड फायर किए गए, मानो हाथ में हथियार नहीं, पटाखे हों। जिस बेफिक्री से घनी आबादी वाले इलाके में गोलियां दागी गईं, वह बताती है कि राजधानी में असामाजिक तत्वों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं बचा है। यह घटना दिल्ली की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर पेश करती है। हवा में चली गोली, नीचे किसी की जान पर खतरा हवा में चलाई गई गोली गायब नहीं होती, वह कहीं न कहीं नीचे गिरती है। घनी बसावट वाले इलाके में ऐसी गोली छत पर खेलते बच्चे, गली से गुजरते राहगीर या बालकनी में खड़े किसी व्यक्ति की जान ले सकती है। दिल्ली इसका दर्द झेल चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2016 में मंगोलपुरी में शादी की बारात के दौरान चली गोली दूसरी मंजिल की बालकनी में खड़ी 20 वर्षीय युवती के सिर में लगी और उसकी मौत हो गई। इसी खतरे को देखते हुए संसद ने 2019 में शस्त्र अधिनियम में संशोधन कर हर्ष फायरिंग को अलग से दंडनीय अपराध बनाया। इसके बावजूद राजधानी में ऐसे नज़ारे थमने का नाम नहीं ले रहे। कहाँ थी पुलिस? सबसे बड़ा सवाल दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी पर है। रिहायशी कॉलोनी में कई राउंड गोलियां चलीं, तो क्या बीट स्टाफ और पीसीआर को इसकी भनक तक नहीं लगी? अगर लगी, तो मौके पर क्या कार्रवाई हुई? राजधानी में पार्टी के बीच हथियार निकालकर गोलियां बरसाना अगर इतना आसान है, तो यह स्थानीय पुलिस के खुफिया तंत्र की भी विफलता है। वीडियो में गोली चलाने वाले साफ दिख रहे हैं, इसलिए उनकी पहचान पुलिस के लिए मुश्किल नहीं होनी चाहिए। पुलिस चाहे तो वीडियो के आधार पर स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज कर सकती है। सवाल यह है कि क्या अब तक एफआईआर दर्ज हुई और क्या किसी आरोपी को पकड़ा गया? अगर नहीं, तो इस देरी का जवाबदेह कौन है? कानून क्या कहता है इस तरह की फायरिंग पर एक नहीं, कई कानूनी प्रावधान सीधे लागू होते हैं। शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 25(9): हर्ष फायरिंग या उतावलेपन व लापरवाही से हथियार चलाकर मानव जीवन या दूसरों की सुरक्षा खतरे में डालना अपराध है। सजा दो साल तक की कैद, एक लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों है। सार्वजनिक जमावड़ों, धार्मिक स्थलों, शादी-समारोहों और अन्य आयोजनों में गोली चलाना कानूनन हर्ष फायरिंग है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 125: उतावलेपन या लापरवाही से मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में डालना दंडनीय और संज्ञेय अपराध है। मूल सजा तीन महीने तक की कैद या 2,500 रुपये तक जुर्माना है। चोट लगने पर छह महीने और गंभीर चोट पर तीन साल तक की कैद हो सकती है। अवैध हथियार: अगर हथियार बिना वैध लाइसेंस के थे, तो यह शस्त्र अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन है, जिस पर धारा 25 के तहत कठोर सजा का प्रावधान है। तब यह भी जांच का विषय होगा कि हथियार आए कहाँ से। लाइसेंसी हथियार: अगर हथियार लाइसेंसी थे, तो धारा 17(3) के तहत लाइसेंसिंग प्राधिकारी लोक सुरक्षा के आधार पर या लाइसेंस की शर्तें टूटने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द कर सकता है। एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य: संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 173 के तहत एफआईआर दर्ज करना पुलिस का वैधानिक कर्तव्य है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार, (2014) 2 SCC 1 में यह स्पष्ट कर चुकी है। वीडियो बतौर सबूत: घटना का वीडियो भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 63 के तहत आवश्यक प्रमाणपत्र के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में अदालत में पेश किया जा सकता है। जवाबदेही किसकी? राजधानी की कानून-व्यवस्था की सीधी जवाबदेही केंद्र सरकार की है। संविधान के अनुच्छेद 239AA के तहत दिल्ली में पुलिस और लोक व्यवस्था केंद्र के अधीन हैं, और दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करती है। दिल्ली में शस्त्र लाइसेंस जारी करने का काम भी दिल्ली पुलिस की लाइसेंसिंग यूनिट करती है। यानी लाइसेंस देने से लेकर हथियारों के दुरुपयोग पर कार्रवाई तक, दोनों जिम्मेदारियां एक ही विभाग के पास हैं। स्थानीय स्तर पर इलाके में ऐसी गतिविधियों पर नजर रखना थाना पुलिस और उसके बीट स्टाफ की जिम्मेदारी है। फिर भी गोलियां चलीं, तो जवाब भी यहीं से शुरू होना चाहिए। जवाब मांगते सवाल इस्तेमाल किए गए हथियार लाइसेंसी थे या अवैध? अवैध थे तो कहाँ से आए, और लाइसेंसी थे तो लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई कब होगी? अगर बीट स्तर पर लापरवाही हुई, तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होगी? मामला सिर्फ एक छत पर चली गोलियों का नहीं, राजधानी में कानून के इकबाल का है। वीडियो में साफ दिखते चेहरों के बावजूद ठोस कार्रवाई न हुई, तो संदेश यही जाएगा कि दिल्ली में गोलियां चलाना बेखौफ किया जा सकता है। इस मामले में दिल्ली पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। वीडियो सोर्स - @Tehelka_Delhi @gupta_rekha @CPDelhi @DelhiPolice @JointCP_ER @MCD_Delhi @CMODelhi @LtGovDelhi @ArvindKejriwal @SupriyaShrinate @SanjayAzadSln @rashtrapatibhvn @VPIndia @RahulGandhi @PMOIndia @HMOIndia @narendramodi @AmitShahOffice @AtishiAAP @atishi_maarlena @AamAadmiParty @AAPDelhi @BJP4Delhi @INCDelhi @India_NHRC @PIB_India @ANI @PTI_News @ManojTiwariMP @msisodia @CBIHeadquarters @PIB_India @PTI_News @DCPWestDelhi @OfficeOfNG @dtptraffic @dcpter08 @TrafficCP @DcpWestern @dcptcr @dcptsr @dcptwr @MORTHRoadSafety @LokNiwasDelhi @LambaAlka @CrimeBranchDP
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लखनऊ का टेबल के नीचे का विकास देखिए। LDA ( Lucknow Development Authority) के पूर्व JE एस. के. Dixit पर 8 लाख की रिश्वत का आरोप लगाया गया है। ये वीडियो लखनऊ JE द्वारा रिश्वत लेने का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि 8 लाख रुपए लेने के बाद भी उसका काम नहीं हुआ और ना ही उनके रुपए लौटाए गए। मार्च में JE रिटायर हो गया था । इस एक आरोप में 8 लाख की राशि बताई जा रही है तो सोचिए JE ने पूरी सर्विस में कितने पैसे छापे होंगे? @myogiadityanath @myogioffice @ACOUPPolice @yadavakhilesh @RahulGandhi @SupriyaShrinate @SanjayAzadSln @iac_registered @HMOIndia @PMOIndia
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DU की छात्रा आकृति मजदूरों के लिए बोली तो उस पर NSA लगा दिया गया। हाईकोर्ट ने कहा ये गलत है। हिरासत रद्द की और छात्रा को 5 लाख मुआवजा देने को कहा। पैसा नोएडा DM मेधा रूपम की सैलरी से वसूलने को कहा। मेधा रूपम देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं। DM और यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट गईं। वहाँ केस उस बेंच में लगा जिसका रोस्टर ही इस केस का नहीं था। सुनवाई के दौरान कोर्ट का ऑडियो तक म्यूट कर दिया गया। फिर उसी बेंच ने हाईकोर्ट की फटकार और 5 लाख जुर्माने पर रोक लगा दी। अब नया खुलासा हुआ है। राहत देने वाले जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा के बेटे ही MP हाईकोर्ट में चुनाव आयोग के वकील हैं। एक तरफ CEC की बेटी, दूसरी तरफ ECI से जज के परिवार का लिंक। ये न्याय व्यवस्था है या परिवार व्यवस्था?
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