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जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, पटना द्वारा बांकीपुर विधान सभा उप निर्वाचन, 2026 की तैयारियों की समीक्षा की गई। सभी 21 कोषांगों के नोडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारियों को आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने, निर्वाचन व्यय पर पैनी नजर रखने, विधि-व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करने सहित भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त, पारदर्शी एवं सहभागितापूर्ण वातावरण में चुनाव सम्पन्न कराने के लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहने का निदेश दिया गया। 3 फ्लाईंग स्क्वायड, 3 पालियों में 3 प्वायंट्स पर 9 स्टैटिक सर्विलांस टीम, 3 वीडियो सर्विलांस टीम तथा 3 वीडियो व्यूईंग टीम आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए तत्पर है। अभ्यर्थियों एवं राजनैतिक दलों के निर्वाचन व्यय पर निर्वाचन व्यय लेखा एवं अनुश्रवण कोषांग पैनी नजर रखे हुए है। डिस्ट्रिक्ट इन्टेलिजेंस कमिटि अनुश्रवण कर रही है। लगभग 20 इन्फोर्समेंट एजेंसी पैसों के ऑनलाइन-ऑफलाइन ट्रान्जैक्शन तथा मूवमेंट पर नजर रख रही है।
मतदाताओं की सहायता हेतु #Voter #Helpline 1950 कार्यरत है जिसपर निर्वाचकों को हर तरह की सहायता उपलब्ध करायी जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि हम लोकतंत्र के इस उत्सव को एक सुखद अनुभव बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जागरूक मतदाता हमारे समृद्ध लोकतंत्र की रीढ़ हैं। संविधान द्वारा प्रदत्त वयस्क मताधिकार बहुमूल्य है एवं इस अधिकार का प्रयोग एक नागरिक के लिए अत्यावश्यक है। चुनाव में उच्च मतदान प्रतिशत हमारे प्रजातंत्र को एक नया आयाम देगा। सभी निर्वाचकों से अपील है कि वे इस विधानसभा उप चुनाव में वोट जरूर दें। इससे हमारा समृद्ध लोकतंत्र और प्रस्फुटित होगा तथा इसे एक नया आयाम मिलेगा।
#Bankipur
#Byepoll
@ECISVEEP
@SpokespersonECI
@CEOBihar
गांधी मैदान में आयोजित होने वाले रावण वध कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग की।
इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रभावी भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रवेश एवं निकास मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी मुस्तैदी एवं तत्परता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गये.
पटना जिला में खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का काम मिशन मोड में जारी.विभिन्न विभागों द्वारा जिला में संस्थापित कुल 1,55,984 स्ट्रीट लाइटों में तकनीकी कारणों से खराब पाए गए 32,988 स्ट्रीट लाइट में से 16,864 को आज तक कर लिया गया ठीक. दीपावली से पूर्व सभी स्ट्रीट लाइट को ठीक कर लेने का लक्ष्य
पटना जिला में मिशन मोड में सड़कों की चल रही मरम्मति अभियान अंतर्गत चिन्हित 1220 स्थलों में से 747 स्थलों (कुल लम्बाई -159 किमी ) की मरम्मति की जा चुकी है. सड़कों के बाकी क्षतिग्रस्त स्थलों की भी मरम्मति दिनरात जारी है.
पटना जिला में खराब स्ट्रीट लाइट को ठीक करने का काम मिशन मोड़ में शुरू. जिलाधिकारी ने दीपावलो से पहले पूरे जिले में किसी भी वजह से काम नहीं कर रहे स्ट्रीट लाइट को शत प्रतिशत ठीक कर लेने का सभी संबंधित विभागों को दिया निदेश.
विभिन्न संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में बिना पूर्व सूचना अथवा निर्धारित अनुमति के धरना-प्रदर्शन किए जाने के मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी, पटना एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल का ही उपयोग किया जाए। निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किए जाने से शहर की यातायात व्यवस्था बाधित होती है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे प्रदर्शनों के कारण स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, न्यायालय सहित विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों के कार्यो में अवरोध उत्पन्न होता है । साथ ही, जिले के वाणिज्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है एवं उनकी व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं, जिससे आम लोगों के दैनिक जीवन एवं व्यवसाय से जुड़े कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है।
इस तरह की स्थिति में बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों, स्कूली बच्चों तथा एम्बुलेंस सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं। इससे आवश्यक सेवाओं में विलंब होने के साथ आम नागरिकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है.
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित व्यक्तियों एवं संगठनों से अपील की है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से रखने के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल का ही उपयोग करें। साथ ही, यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक शांति एवं आम नागरिकों की सुविधा बनाए रखने में जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्यत्र धरना-प्रदर्शन करने अथवा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
@IPRDBihar
@PatnaPolice24x7
पटना जिला अंतर्गत क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति का कार्य दिन- रात जारी है. शहर से ग्रामीण इलाकों तक मरमति के लिए अबतक चिन्हित 1171 स्थलों में से 612 स्थलों पर सड़कों की मरम्मति पूरी कर ली गई है. लक्ष्य है कि अतिशीघ्र पूरी गुणवत्ता के साथ सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति कर ली जाय एवं आम जनों को आवागमन में अधिक से अधिक सहूलियत हो.
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना अंतर्गत सितंबर माह की पेंशन राशि का डीबीटी के माध्यम से पेंशनधारियों राज्य के पेंशनधारियों के खाते में ट्रांसफर किया गया.
पटना जिला के 5 लाख 11 हजार 887 पेंशनधारियों के खाते में सभी छह पेंशन योजनाओं की सितंबर माह की पेंशन राशि के रूप में रुपए 58 करोड़ 43 लाख 98 हजार की राशि अंतरित की गई. समाहरणालय पटना में इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार उप विकास आयुक्त श्री शुभम कुमार समेत काफ़ी संख्या में लाभुक पेंशनधारी उपस्थित रहे
प्रेस विज्ञप्ति
प्रायः विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर पटना शहरी क्षेत्र में बिना सूचना/पूर्वानुमति के धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम किया जा रहा है। विभिन्न मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों एवं संगठनों के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल चिन्हित है। सभी संबंधित व्यक्तियों एवं संगठनों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन निर्धारित स्थल पर ही करना होगा। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी स्थान पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
जिलाधिकारी, पटना एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के द्वारा स्पष्ट निर्देश है कि आम नागरिकों की सुविधा, यातायात का सुचारू संचालन तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किए जाने से यातायात जाम से आम लोगों को भारी असुविधा के साथ स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, न्यायालय, सचिवालय, आयोग आदि के कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है. तथा जिलानतर्गत विभिन्न व्यवसाय से जुड़े लोगों एवं उनकी व्यावसायिक गतिविधियों मे भी बाधा उत्पन्न होती है. विशेष रूप से बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों, स्कूली बच्चों एवं एम्बुलेंस सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन में दिक्क़ते उत्पन्न होती है। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी होती है और आपातकालीन परिस्थितियों में गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न होती हैं।
जिलाधिकारी, पटना एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के द्वारा सभी व्यक्तियों एवं संगठनों से अपील की गयी है कि वे निर्धारित गर्दनीबाग स्थित चिन्हित धरना स्थल पर ही शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखें तथा आम नागरिकों की सुविधा एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्यत्र धरना-प्रदर्शन करने अथवा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधि-सम्मत आवश्यक कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
@IPRDBihar
@PatnaPolice24x7
छूटे हुए एवं युवा निर्वाचकों के पंजीकरण हेतु विशेष अभियान
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में अर्हता प्राप्त छूटे हुए एवं युवा निर्वाचकों का निर्वाचक सूची में पंजीकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पटना जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पात्र नागरिकों की पहचान कर उनका नाम निर्वाचक सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के अंतर्गत मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारी (BLO) द्वारा घर-घर जाकर गृह सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के दौरान पात्र पाए जाने वाले ऐसे व्यक्तियों, जिनका नाम अभी तक निर्वाचक सूची में दर्ज नहीं है, का प्ररूप-6 के माध्यम से पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। विशेष रूप से युवा एवं पहली बार मतदान के लिए पात्र नागरिकों को अभियान से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा गृह सत्यापन के क्रम में चिन्हित पात्र व्यक्तियों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों/बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ भी साझा की जाएगी, ताकि निर्वाचक सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं सहभागी तरीके से संपन्न हो सके।
*मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप का आयोजन*
पात्र नागरिकों के पंजीकरण को सुगम बनाने के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप का भी आयोजन किया जाएगा। इन कैंपों के माध्यम से नागरिकों को निर्वाचक सूची में नाम दर्ज कराने, प्ररूप-6 भरने तथा निर्वाचन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अतिरिक्त, आवश्यकता के अनुसार रात्रि आश्रय स्थलों, श्रमिक कॉलोनियों, गरीब एवं वंचित बस्तियों तथा कमजोर वर्ग के लोगों के बीच विशेष कैंप आयोजित कर पात्र व्यक्तियों का निर्वाचक सूची में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक निर्वाचक सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
*जिला स्तर से होगी नियमित निगरानी*
निर्वाचकों के पंजीकरण के लिए चलाए जा रहे इस विशेष अभियान की नियमित निगरानी एवं पर्यवेक्षण जिला स्तर तथा निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर से किया जाएगा। अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र व्यक्तियों के पंजीकरण में किसी प्रकार की कमी न रहे, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की तेजी से हो रही मरम्मति
बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति का कार्य पटना जिला में मिशन मोड में तेज गति से संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग के सभी संबंधित प्रमंडलों के साथ निरंतर समन्वय एवं नियमित समीक्षा के माध्यम से मरम्मति कार्यों में तेजी लाई जा रही है, ताकि आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
जिला अंतर्गत सड़क निर्माण से संबंधित विभिन्न प्रमंडलों द्वारा कुल 1,103 स्थलों पर सड़कों की मरम्मति के लिए चिन्हित किया गया था, जिनमें से 555 स्थलों पर मरम्मति कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब तक मरम्मति की जा चुकी सड़कों की कुल लंबाई 105 किलोमीटर से अधिक है। शेष चिन्हित स्थलों पर भी मरम्मति कार्य तेजी से जारी है।
ग्रामीण कार्य विभाग के पटना प्रमंडल के अंतर्गत मरम्मति के लिए चिन्हित 96 स्थलों में से 53 स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। मसौढ़ी प्रमंडल में चिन्हित 18 स्थलों में से 11, दानापुर प्रमंडल में 16 में से 8 तथा पालीगंज प्रमंडल में चिन्हित 73 स्थलों में से 17 स्थलों पर मरम्मति कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं, बाढ़ प्रमंडल के अंतर्गत चिन्हित 166 स्थलों में से 6 स्थलों पर कार्य पूर्ण हो गया है तथा शेष स्थलों पर कार्य प्रगति पर है।
इसी प्रकार, पथ निर्माण विभाग के पटना सिटी प्रमंडल के अंतर्गत चिन्हित 120 स्थलों में से 109 स्थलों पर मरम्मति कार्य पूरा कर लिया गया है। पश्चिमी प्रमंडल के अंतर्गत चिन्हित सभी 129 स्थलों पर मरम्मति कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं, न्यू कैपिटल प्रमंडल के अंतर्गत चिन्हित 355 स्थलों में से 92 स्थलों पर कार्य पूरा किया जा चुका है तथा शेष स्थलों पर मरम्मति कार्य तेजी से चल रहा है।
NHAI के द्वारा चिन्हित 130 स्थलों में सबकी मरम्मति हो चुकी है
जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार ने सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि सड़क मरम्मति कार्य में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आम नागरिकों को शीघ्र सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि उनके क्षेत्र में यदि ऐसी कोई सड़क चिन्हित होती है, जिसकी मरम्मति आवश्यक है, लेकिन वह वर्तमान सूची में शामिल नहीं है, तो ऐसी सड़कों की सूची तत्काल संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को उपलब्ध कराई जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी आवश्यक सड़क मरम्मति से वंचित न रहे तथा आमजन को अधिकतम सुविधा मिल सके।
जिला प्रशासन द्वारा सड़क मरम्मति अभियान की निरंतर निगरानी की जा रही है। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शेष क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा के कारण उत्पन्न हुई आवागमन संबंधी कठिनाइयों को जल्द से जल्द दूर कर सड़कों की स्थिति सामान्य एवं आवागमन को सुगम बनाया जा सके।
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के निर्देशानुसार सारण जिले में बाढ़ प्रभावित एवं जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है। सूखा राशन पैकेजिंग सेंटर से आवश्यक खाद्य सामग्री के पैकेट तैयार कर प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाए जा रहे हैं, ताकि हर जरूरतमंद परिवार को समय पर सहायता मिल सके।
#samratchoudhary
#CMSamrat
माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के निर्देशानुसार सारण जिले में बाढ़ प्रभावित एवं जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाने का कार्य लगातार जारी है। सूखा राशन पैकेजिंग सेंटर से आवश्यक खाद्य सामग्री के पैकेट तैयार कर प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाए जा रहे हैं, ताकि हर जरूरतमंद परिवार को समय पर सहायता मिल सके।
#BiharFlood
#samratchoudhary
#CMSamrat
जिले में बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा के कारण पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती तेजी से की जा रही है। न्यू कैपिटल रोड डिवीजन में चिह्नित 355 स्थलों में से 72 स्थानों पर सड़क की मरम्मती पूरी की जा चुकी है। पटना पश्चिमी डिवीजन में 129 चिह्नित स्थलों में से 8 स्थानों पर लगभग 7 किलोमीटर सड़क की मरम्मती पूर्ण हो चुकी है। पटना सिटी पथ प्रमंडल में चिह्नित सभी 4 स्थानों पर लगभग 1.5 किलोमीटर सड़क की मरम्मती पूरी कर ली गई है। शेष जगहों पर भी सड़कों की तेजी से मरम्मति चल रही है जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जायेगा
बेटियों की सुरक्षा और सहायता के लिए ‘पुलिस दीदी’ पहल के तहत महला पुलिसकर्मियों द्वारा छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं। साथ ही, उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा जरूरत के समय सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
#samratchoudhary
#CMSamrat
बेटियों की सुरक्षा और सहायता के लिए ‘पुलिस दीदी’ पहल के तहत महला पुलिसकर्मियों द्वारा छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं। साथ ही, उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा जरूरत के समय सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
#PoliceDidi
#samratchoudhary
#CMSamrat
पटना जिला के शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति के काम युद्ध स्तर पर चल रहे हैँ.
ग्रामीण कार्य विभाग के विभिन्न प्रमंडलों में भी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मती का कार्य भी लगातार प्रगति पर है। ग्रामीण कार्य विभाग के बाढ़ प्रमंडल में 166 चिह्नित स्थलों में से 5 स्थानों पर लगभग 1.60 किलोमीटर सड़क की मरम्मती पूर्ण हो चुकी है। पटना पश्चिमी प्रमंडल में 96 चिह्नित स्थलों में से 43 स्थानों पर कार्य पूरा किया जा चुका है। साथ ही बाढ़ से क्षतिग्रस्त 5 सड़कों, जिनकी कुल लंबाई लगभग 4.9 किलोमीटर है, को पुनः मोटरेबल बनाने का कार्य प्रगति पर है।पालीगंज प्रमंडल में 73 चिह्नित स्थलों में से 6 स्थानों पर 2 किलोमीटर से अधिक सड़क की मरम्मती पूर्ण हो चुकी है। दानापुर प्रमंडल में चिह्नित दोनों स्थानों पर मरम्मती कार्य पूरा कर लिया गया है। मसौढ़ी प्रमंडल में 11 चिह्नित स्थलों में से 6 स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है।
जिलाधिकारी ने बचे हुए मरम्मति के काम को पूरी गुणवत्ता के साथ टाइमलाइन के भीतर पूरे कर लेने के निदेश दिए हैँ.
पंचायत सरकार भवनों को पूरी तरह क्रियाशील रखें :डी एम
जिला अंतर्गत चल रहे विकासात्मक एवं कल्याणकारी व योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयपर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
*पंचायत सरकार भवनों के सुचारू संचालन पर विशेष जोर*
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी पंचायत सरकार भवन पूरी तरह क्रियाशील रहें तथा वहां निर्धारित कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पंचायत सरकार भवनों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवनों पर कार्यरत कर्मियों के वेतन का भुगतान बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही किया जाए। किसी पंचायत सरकार भवन के बंद अथवा गैर-क्रियाशील पाए जाने पर संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को पंचायत सरकार भवनों के संचालन का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया।
*उद्योग एवं बड़ी परियोजनाओं लिए लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश*
जिलाधिकारी ने जिले में औद्योगिक इकाइयों एवं बड़ी परियोजनाओं की स्थापना के लिए पर्याप्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को उपयुक्त सरकारी भूमि की पहचान कर लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि बड़ी परियोजनाओं आवश्यकता के अनुरूप औद्योगिक एवं अन्य विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने संबंधित विभागों को उद्योग एवं विभिन्न उद्यमों से संबंधित आवेदनों, अनापत्ति प्रमाण-पत्र, क्लीयरेंस एवं लाइसेंस से जुड़े मामलों का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ ससमय निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। इससे जिले में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास के अवसरों का विस्तार होगा।
बैठक में ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ अभियान की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों एवं अन्य चयनित सरकारी भवनों एवं स्कीमो में आवश्यक सुधार एवं विकासात्मक कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर सूची तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक भवन में उपलब्ध आधारभूत संरचना एवं आवश्यक सुविधाओं की कमियों को चिह्नित कर उनके निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालयों के वास्तविक आवश्यकताओं एवं समस्याओं की पहचान मीना मंच एवं बाल संसद के माध्यम से भी की जाए, ताकि उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप सुधारात्मक कार्य किए जा सकें।
*अस्पतालों में चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति एवं सुविधाओं की जानकारी प्रदर्शित करने का निर्देश*
जिलाधिकारी ने अस्पतालों में चिकित्सकों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अस्पतालों में डिजिटल डिस्प्ले लगाने को कहा, जिस पर जिनकी ड्यूटी हो उन चिकित्सक का नाम एवं मोबाइल नंबर प्रदर्शित हो, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को सुविधा हो सके.
साथ ही अस्पतालों में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं की जानकारी भी प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया।
*लोक शिकायत, आरटीपीएस एवं न्यायालयीय मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर*
बैठक में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम विभिन्न न्यायालयीय मामलों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को सभी मामलों का ससमय, गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
*भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश*
विभिन्न विकास एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन भू-स्वामियों को अर्जित भूमि का मुआवजा अब तक प्राप्त नहीं हुआ है, उनके लिए विशेष कैंप आयोजित कर भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन भूमि का भू-अर्जन पूर्ण हो चुका है, उनका दाखिल-खारिज तत्काल सुनिश्चित किया जाए, ताकि परियोजनाओं से संबंधित आगे की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री शुभम कुमार सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार के निर्देश पर जिला अंतर्गत बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मति मिशन मोड में की जा रही है
पटना जिला अंतर्गत आने वाली NHAI की 145 किलोमीटर सड़क में बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षा से 130 स्थानों पर बने छोटे- मोटे गड्ढे को मरम्मति के लिए चिह्नित किया गया था, जिनमें से 100 स्थानों पर गड्ढों को भरने का काम पूर्ण हो चुका है। शेष 30 स्थानों पर भी तेजी से सड़क मरम्मति का कार्य किया जा रहा है जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा.
पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में पटना जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के द्वारा किया जा रहा उत्कृष्ट प्रदर्शन
ग्रामीणों की भागीदारी से तैयार की गई पंचायत विकास की रूपरेखा
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर पटना जिले के 23 प्रखंडों की 304 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। पंचायत सरकार भवन, पंचायत भवन, सामुदायिक भवन एवं अन्य उपयुक्त स्थलों पर आयोजित इन ग्राम सभाओं में ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा की गई तथा गांवों के समग्र एवं सतत विकास के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को साकार करने की दिशा में आयोजित इन विशेष ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की सक्रिय एवं सीधी भागीदारी सुनिश्चित की गई। ग्राम सभा में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों के समन्वय से स्थानीय आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई।
*ग्रामीणों की भागीदारी से विकास की प्राथमिकताएँ तय*
विशेष ग्राम सभाओं में ‘जन योजना अभियान 2026-27’ के तहत ‘सबकी योजना, सबका विकास’ की थीम पर आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पंचायत विकास योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों से गांव की प्राथमिक समस्याओं, आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी सुझाव प्राप्त किए गए तथा उनके आधार पर आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देने पर विमर्श किया गया।
इसके साथ ही ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ एवं मनरेगा के तहत प्रस्तावित नए कार्यों पर चर्चा एवं आवश्यकतानुसार स्वीकृति की प्रक्रिया की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय जरूरत के अनुरूप योजनाओं के चयन पर बल दिया गया।
ग्राम सभाओं में स्वच्छ भारत मिशन/लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान तथा हर घर नल का जल योजना की स्थिति की समीक्षा की गई। स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव के निर्माण के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं देखभाल का संकल्प भी लिया गया।
विशेष ग्राम सभाओं में जीविका दीदियों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई।
ग्राम सभा में पारित प्रस्तावों एवं योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
विशेष ग्राम सभाओं में स्थानीय जन प्रतिनिधि,प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंच, पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक, ग्राम कचहरी सचिव, किसान सलाहकार, विकास मित्र, मनरेगा रोजगार सेवक, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे।
ग्राम सभाओं के माध्यम से जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं ग्रामीण समुदाय के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए गांवों को अधिक स्वच्छ, सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया गया।







































