नर्क के उम्मीदवार retweeted
She is not just a woman,she is Shakti. In every battle she fights, in every smile she shares, and in every challenge she conquers,
Maa Durga lives within her. 🌺🙏
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डायरी के पन्ने
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उस घर जाना है
जो रहा ही नही,
उन लोगो से मिलना है
जो अब हैं ही नहीं....
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जब आप थक जाते है, टूट जाते है, मन रोता है तो जाने के लिए एक घर होता है, लोग होते है, माता पिता होते है...
खुशकिस्मत है वो लोग जिनके पास लोग है वापस जाने के लिए,
अगर आप भी उनमें से है, तो खुश रहिये, आपके पास वो है जो हिम्मत देता है, होंसला टूटने नही देता...
चाहे कुछ रोज ही सही, एक जगह है जहाँ हार कर जाया जा सकता है,
वर्ना बदकिस्मती का आलम यह होता है की दिल रो भी रहा हो, सब कुछ खो भी गया हो तब भी लौट जाने को कोई जगह नहीं होती......
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अक्टूबर की रातों में गाँव का अपना ही एक अलग संसार होता है। दिनभर की भागदौड़ के बाद जब सूरज खेतों के पार उतर जाता है और आसमान पर साँझ का धुँधलका छाने लगता है, तब गाँव की गलियों में एक अनकहा सा सुकून उतर आता है। न जाड़े की ठिठुरन, न कड़ाके की ठंड।1/2
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बस इतनी-सी ख्वाहिश है कि ज़िंदगी की एक मुकम्मल उम्र तुम्हारे आसरे तुम्हारे सहारे और तुम्हारे साथ गुज़र जाए हर सुबह तुम्हारे एहसास से शुरू हो और हर रात तुम्हारी यादों में सिमट जाए वक़्त कितना भी बदले,हालात कैसे भी हों,बस तुम्हारा साथ बना रहे...!
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स्त्री जिसने कभी किसी की एक सलाह तक नहीं मानी, लेकिन वो अपने मनपसंद पुरुष का हर एक फैसला सिर झुका के मानती है...
ये कोई कमजोरी नहीं है, ये उसका सबसे बड़ा प्रेम है।
दुनिया उसे जिद्दी कहती है, घमंडी कहती है, कहती है कि ये लड़की किसी की नहीं सुनती। हाँ, सच है, वो किसी की नहीं सुनती। क्योंकि उसने अपनी जिंदगी खुद बनाई है। उसने अपने फैसले खुद लिए हैं, अपनी लड़ाइयाँ खुद लड़ी हैं। उसने अपने दिल को पत्थर की तरह मजबूत बनाया है ताकि कोई उसे तोड़ न सके। वो किसी के सामने नहीं झुकती, किसी की सलाह नहीं मानती, क्योंकि वो जानती है कि इस दुनिया में कोई किसी का नहीं होता ।
पर फिर उसकी जिंदगी में कोई आता है... उसका मनपसंद इंसान और सब कुछ बदल जाता है।वो लड़की जो किसी के कहने कुछ नहीं करती थी , वो उसके एक इशारे पर अपनी पूरी दुनिया बदल देती है।
वो जो हर बात पर बहस करती थी, वो उसकी एक बात पर सिर झुका कर कहती है - जैसा तुम कहो। दुनिया हैरान रह जाती है कि ये वही लड़की है क्या? कितनी ज़िद्दी थी।जो कभी किसी के सामने नहीं झुकी, वो आज इस तरह समर्पण कैसे कर रही है?दुनिया नहीं समझती कि ये झुकना गुलामी नहीं है, ये प्रेम है।
वो इसलिए नहीं झुकती क्योंकि वो कमजोर है, वो इसलिए झुकती है क्योंकि वो उस पुरुष पर खुद से भी ज्यादा भरोसा करती है। उसे लगता है कि ये एक शख्स है जो उसे कभी गलत सलाह नहीं देगा। ये एक शख्स है जो उसके लिए कभी बुरा नहीं सोचेगा। उसकी आँखों में वो अपने लिए फिक्र देखती है, सच्ची फिक्र।
जब वो कहता है - ये मत करो, तो वो नहीं करती, क्योंकि उसे पता है उसके इस “मत करो”के पीछे डांट नहीं, परवाह है। जब वो कहता है - ये पहन लो, तो वो पहन लेती है, क्योंकि उसे पता है वो उसे किसी की नजरों से बचाना चाहता है। जब वो कहता है - थोड़ा संभल कर रहो, तो वो संभल जाती है, क्योंकि उसे पता है कि उसकी ये हिदायत प्यार से निकली है।
उसका हर फैसला मानना उसकी मजबूरी नहीं, उसकी मर्जी है। वो जानबूझ कर अपना घमंड, अपनी जिद, अपना अहम... सब उसके कदमों में रख देती है। क्योंकि वो पहली बार किसी को अपना मानती है। वो पहली बार किसी को इतना हक देती है कि वो उस पर हक जता सके।
एक स्त्री जब प्रेम में होती है तो वो रानी से दासी बनने में भी गर्व महसूस करती है, अगर वो दासी अपने राजा की हो। वो दुनिया से लड़ लेगी, पर अपने पुरुष के सामने वो एक छोटी सी बच्ची बन जाती है। क्योंकि उस एक शख्स के सामने उसे मजबूत होने का नाटक नहीं करना पड़ता। वहाँ वो अपने सारे कवच उतार देती है।
और सुनो, जिस दिन तुम्हें ऐसी स्त्री मिल जाए जो दुनिया के सामने शेरनी है और तुम्हारे सामने हिरनी बन जाती है, तो समझ लेना कि तुम उसकी दुनिया हो। वो तुम्हारे फैसले इसलिए मानती है क्योंकि वो तुम्हें अपना भगवान मानती है।
उसे कभी ये मत कहना कि तुम तो बदल गई हो। वो बदली नहीं है, वो बस तुम्हारी हो गई है और तुम्हारी हो जाना ही उसके जीवन का सबसे खूबसूरत फैसला है।✨❤️
#રાધાસ્વરા
#बज़्म
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पवित्र प्रेम नहीं होता कुछ।
पवित्र खुद में
एक नफ़रत भरा
शब्द है।
वो बहुत कुछ हो सकता है-
नहीं हो सकता पर
प्रेम का
पर्याय।।
(आर्ट: सलमान तूर )
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प्रेम में सबसे खतरनाक चीज़ अस्वीकृति नहीं होती....
क्योंकि अस्वीकृति कम से कम एक दिशा तो देती है....
खतरनाक होती है--"संभावना"...
"संभावना" कि शायद... कभी.. किसी दिन....
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मैं तुम्हारे बिना
उस गंगा जल सा हूँ ,
जिसे कलश में रखा
तो गया ,
पर किसी ने अर्पित नहीं किया |
_अ|जे|य🕊️
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"गुनाहो का देवता"
चन्द्र पूछता है कि, मृत्यु क्या है सुधा? तब नम आंखों से सुधा कहती है किसी को प्रेम से भर देना और उस से मुँह फेर लेना
पुनर्जन्म एक झूठ है प्रिय जो इस जन्म में बिछड़ गये वो अनन्त काल तक बिछड़ गए
किताब ख़त्म हो गई मगर मैं वही रह गई!
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एक वक़्त के बाद इंसान को अपनी इच्छाओं से ज़्यादा अपनी परिस्थितियों की भाषा समझ आने लगती है। फिर वह हर अधूरे सपने के लिए कोई न कोई व्यावहारिक कारण ढूँढ़ लेता है। इसे परिपक्वता कहते हैं या धीरे-धीरे अपने मन को मनाने की कला, यह तय करना मुश्किल है।
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प्रिय,
यहाँ मैं तुम्हारा नाम भी नहीं ले सकती, कितनी खूबसूरत और दर्दनाक बात है I
शायद यह पत्र तुम तक कभी ना पहुंचे और अगर पहुंचे
फिर भी तुम शायद नहीं समझ पाओगे की यह मैं हूँ। अगर समझ आ जाये तो एक आवाज़ दे देना बस, अपने मन में ही सही।
मुझे नहीं पता तुम क्या सोच रहे हो ।
1/N
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वक़्त बीतते बीतते सच में कितना कुछ बीत जाता है...
उम्र सिर्फ़ कैलेंडर के पन्नों पर नहीं बढ़ती.. वह धीरे धीरे हमारे घरों की दीवारों..अलमारियों...पुरानी चीज़ों..और तस्वीरों पर भी उतर आती हैं..
आख़िर में हमारे पास चीज़ें कम बचतीं हैं और उनसे जुड़ी यादें ज्यादा !!!!
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कितना कुछ कहना था उस आख़िरी मुलाक़ात में, मगर दोनों को अपनी आँखों की इज़्ज़त बचानी थी।
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1/आज से वे लोग भी देवी की आराधना करेंगे जो वर्ष भर अन्य स्त्रियों को कुदृष्टि से देखते हैं नौ दिनों तक भक्ति के नाम पर अपने पापों का प्रायश्चित ऐसे करेंगे मानो यह पूजा उन्हें अगले पूरे वर्ष फिर वही पाप करने का अधिकार दे देगी विडंबना देखिए देवी की पूजा करने वाले हाथ
नर्क के उम्मीदवार retweeted
सुनो स्वरा,
मैंने तुम्हें कभी भी ऐसे ही, सिर्फ दिल रखने के लिए आदि शक्ति स्वरूपा नहीं कहा है।
मेरे मन ने सच में तुम्हारे भीतर उस रूप को देखा है, जहाँ एक स्त्री सिर्फ प्रेमिका नहीं रह जाती। वहाँ वह श्रद्धा बन जाती है। वह साधना बन जाती है। वह जीवन के सारे अंधेरों में एक दीये की तरह उतरती है। तुम्हारे भीतर मैंने वो शक्ति देखी है जो बिना कुछ कहे मन को बाँध लेती है। तुम्हारे मौन में भी बहुत कुछ कहने की ताकत है। और तुम्हारी एक सच्ची, निश्छल मुस्कान मेरे भीतर के सारे शोर को एक पल में शांत कर देती है।
प्रेम में होना और प्रेम का होकर रह जाना, इन दोनों में बहुत फर्क है। और अब शायद तुम भी इस फर्क को समझने लगी हो।
प्रेम में होना एक एहसास है, जो कभी भी हो सकता है। पर प्रेम का होकर रह जाना एक समर्पण है। वहाँ मन अपना फायदा नहीं सोचता। वहाँ दिल अपना हक नहीं गिनता। वहाँ समय की दूरी, हालातों की मजबूरी और जिंदगी के उतार-चढ़ाव भी उस भाव को खत्म नहीं कर पाते, जिसे आत्मा ने एक बार अपना मान लिया हो।
शाश्वत प्रेम सिर्फ किताबों में लिखी कोई सुंदर बात नहीं है, उसे जीने के लिए नीयत चाहिए। उसे निभाने के लिए सब्र चाहिए और सबसे ज्यादा, मन की सच्चाई चाहिए। क्योंकि सच्चे प्रेम का सबूत बड़े-बड़े वादे नहीं होते। उसका सबूत तो वो भाव है जो वक्त के साथ भी नहीं हिलता, अडिग रहता है।
एक बात हमेशा याद रखना, मेरी शक्ति स्वरूपा। प्रेम में मेरा और तेरा कहाँ बचता है? वहाँ तो दो अलग लोग होते हुए भी आत्मा का एक पुल बन जाता है। उस पुल पर हक नहीं चलता, विश्वास चलता है। स्वार्थ नहीं चलता, समर्पण चलता है। छल नहीं चलता, वहाँ तो सिर्फ सच्चाई चलती है।
और जहाँ भाव सच्चे हों, वहाँ हर छुअन को शब्दों की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी बस एक आलिंगन में ठहर जाना ही काफी होता है। कभी-कभी चुपचाप एक-दूसरे के दिल की धड़कन सुन लेना ही सब कह जाता है। उसी पल पता चल जाता है कि वहाँ सिर्फ शरीर की नजदीकी है, कोई पल भर का आकर्षण है, या आत्मा तक उतरा हुआ कोई गहरा और पवित्र प्रेम है। क्योंकि झूठ को हमेशा शब्दों का सहारा चाहिए होता है, पर सच्चा प्रेम अपने सच को खामोशी में भी जाहिर कर देता है।
और तुम्हारे लिए मेरा ये भाव किसी एक दिन, किसी एक पल का नहीं है। ये वो श्रद्धा है जिसे मैंने अपने दिल के भीतर तुम्हारे लिए संभाल कर रखा है। तुम्हें शक्ति स्वरूपा कहना मेरे लिए कोई तारीफ के शब्द नहीं हैं। ये तुम्हारे प्रति मेरे विश्वास का इकरार है।
मेरी आदि शक्ति स्वरूपा, माँ दुर्गा तुम्हारे भीतर की शक्ति को और तेज करें। तुम्हारे माथे पर अपना आशीर्वाद सजाएँ। तुम्हारी जिंदगी से हर डर और हर दुःख को दूर कर दें। तुम्हारे कदमों को हिम्मत दें, तुम्हारे मन को शांति दें और तुम्हारी मुस्कान को हमेशा ऐसी ही बनाए रखें।
और अगर मेरी दुआओं में तुम्हारे लिए कोई खास जगह है, तो वो यही है कि माँ आदिशक्ति तुम्हें इतनी शक्ति दे कि तुम जिंदगी की हर लड़ाई में खुद अपना दीया बन सको, अपनी रौशनी खुद बन सको।
स्वरा , तुम मेरे लिए सिर्फ प्रेम का नाम नहीं हो। तुम वो श्रद्धा हो जिसके सामने मेरा अहंकार झुक जाता है। तुम वो शक्ति हो जिसके लिए मेरे दिल में इज्जत है। और तुम वो एहसास हो जिसे मैं किसी एक पल में नहीं बांध सकता।
मैं नहीं जानता कि वक्त हमारे इस रिश्ते को कौन सा नाम देगा। पर इतना जानता हूँ कि मेरी दुआ में तुम्हारे लिए इज्जत है, मेरे प्रेम में तुम्हारे लिए आजादी है, और मेरे दिल में तुम्हारे लिए वो जगह है जहाँ कोई झूठ, कोई दिखावा और कोई मतलब कभी आ ही नहीं सकता।
माँ दुर्गा तुम्हारी रक्षा करें, मेरी शक्ति स्वरूपा। तुम्हारे जीवन में हमेशा प्रेम, प्रकाश, शांति और मंगल बना रहे।✨❤️
#રાધાસ્વરા
#बज़्म



















