
Tech की जड़ तक 🌱 AI, Phone, Innovations: हर हफ़्ते हक़ीक़त 🎙 Host #TechAajkal 26+ yrs: TV9 · Aaj Tak · Zee 🔍 News × Poetry × Future
India
Joined May 2009
- Tweets9.6K
- Following461
- Followers8.1K
- Likes9.2K
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
Tesla की 'हवाबाज़ी' का सच, iPhone Duo का झटका, ChatGPT vs Gemini | Tech Aajkal
#TeslaRoadster #ChatGPT #GeminiAI #iPhoneDuo #TechAajkal #TeslaRoadster #Tesla | @sidtree
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
ChatGPT से लिखवाया… तो ऐसे पकड़े जाओगे | Tech Aajkal
#TechAajkal #ChatGPT #OpenAI #AIWatermark #ArtificialIntelligence #AITechnology | @sidtree
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
AI की वजह से आपका Phone क्यों हो रहा महंगा ?
#TechAajkal | #AI | #ArtificialIntelligence | #Smartphone | #SmartphonePrice | #PhonePrice | #TechNews | #Technology | @sidtree
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
Bill Gates AI Warning : OpenAI Agent से AI Book तक बड़ा खतरा | AI News
#BillGates #AI #AIWarning #ArtificialIntelligence #AIDanger #AIRegulation #AIThreat | @sidtree
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
हमारा रोहित… @sardanarohit 🙏 😞
…उस सिद्धार्थ के हृदय से जिसमें रोहित की मित्रता जी रही है
@pramiladixit @capt_ivane @ParitoshChoubey @Prakharshri78 @trips8888 @shaileshraanjan @sameerdixit16
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
“दिल के सादे पन्नों पर
वो अब भी कुछ कुछ लिखता है
जब चाहो तब दिखता है”
🧡 प्यारे रोहित, मेरा घर मेरे अंदर है और वहां उस रंगबिरंगी खाट पर तुम आराम से बैठे हो, हमेशा रहोगे, व्यंग्य का कोई तार तुम आदतन छेड़ोगे, हम हंस देंगे, फिर तुम्हारी 30 अप्रैल वाली वो आख़िरी सांस चुभ जाएगी… वो कहता था कि त्रिपाठी मैं इतने बड़े मोज़े नहीं पहन सकता, मेरे पैरों का दम घुटता है… सोचता हूँ जो इतना संवेदनशील हो उसकी अंतिम पीड़ा कितनी तीव्र रही होगी…
हम-तुम बढ़ रहे हैं, स्मृति से गतिमान विस्मृति की ओर…यानी याद्दाश्त का वो क्षेत्र जहां कोई अपना.. हमारे दैनिक जीवन के हर कोने में एक बार पूरी तरह पिघलकर जम जाता है…और फिर वो दिखता तो नहीं, लेकिन महसूस होता रहता है.. आजकल तुम्हारा स्टेटस यही है..
इंतज़ार समय का वो टुकड़ा है जिसकी मात्रा तो घड़ी में दिखती है.. लेकिन वो मूर्त रूप में दिखता नहीं.. हालांकि खोई हुई चीज़ों में, प्रिय लोगों में.. इंतज़ार साकार होता है… और निराकार होते हुए भी दिखने के बहुत करीब आ जाता है,
अगला आइंसटाइन हुआ तो सूत्र निकालेगा.. कि जिन्हें हम चाहते हैं उनका इंतज़ार और उनके जीवन से स्थगित होने का दुख कैसे सचमुच दिखता रहता है.. ज़रूर कोई हिस्सा होता होगा शरीर के किसी अंग की तरह.. जो चला जाता होगा… तो उसकी जगह छूट जाती होगी.. और उस हिस्से में असंख्य क़िस्से अल्ट्रासॉनिक रेंज में गूंजते होंगे
आज भी रोज़ दफ्तर में अकेले बैठकर खाना खाते हुए… मन में रिंगटोन बजती है…मैं कॉल उठाता हूँ…आवाज़ सी आती है— त्रिपाठी… चल बहुत तेज़ भूख लग रही है.. खाना खाते हैं.. उसके बिना लंच बॉक्स… आज भी ताला लगे अंधेरे घर जैसा है.. उस घर में यादों का स्विच ऑन करता हूँ.. तो ही चमक आती है.. कुछ अच्छा खाऊँ, कुछ अच्छा करूँ, कुछ अच्छा हो जाए… और रोहित याद न आए.. ऐसा पहले भी नहीं होता था.. आज भी नहीं होता…
फोन की कॉन्टैक्ट लिस्ट में रोहित का नाम एक चुंबकीय स्मारक की तरह है… उसके नाम के ऊपर से गुज़रते हुए अंगूठा ठहर जाता है.. फोन मिलाने, उससे बात करने का मन करता है, कुछ ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए थी कि ज़्यादा नहीं तो महीने या साल में कम से कम एक बार बात हो सके…कोई आकाशवाणी टाइप तकनीक हो जाए.. कोई चिट्ठी पत्री जैसी चीज़?.. आगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के और उन्नत होने के बाद शायद ऐसा हो सके कि किसी व्यक्ति के शरीर के जाने के बाद उसकी सोच..एक डिजिटल विरासत के रूप में ज़िंदा रहे.. और उसके अपनों से संवाद करती रहे.. खैर ये सोचना तो वैज्ञानिक गल्प जैसा है.. पर उम्मीद करता हूँ कि कभी ये भी सच हो जाए..
आज से दो साल पहले इस समय मेरा रोम रोम रो रहा था, इसके बाद हर गुज़रते दिन के साथ अलग अलग भावनाओं की, और सवालों की लहरें आती जाती रहीं..
आंसू गिरे तो चुपचाप प्रश्न बनकर.. जीवन के गूढ़ सूत्र बनकर.. ये बात चुभती है कि मैंने और उसने साथ में खाना खाया था… पर उसकी तबीयत खराब हुई.. मेरी नहीं… वो अस्पताल पहुंच गया.. मैं नहीं… वो चला गया.. मैं रह गया.. कभी कभी सोचता हूँ कि उसमें ऐसे कौन से काँटे लगे थे कि वो नहीं रहा और मुझमें कौन से रत्न जड़े थे कि मैं बच गया.. इसका उल्टा भी तो हो सकता था.. सब संयोग है.. वैसा ही संयोग कि आप किसी के साथ सड़क पार कर रहे हों और अचानक आता हुआ कोई वाहन आपके बजाए.. आपके बग़ल वाले को दुनिया से बाहर कर दे… या सड़क पर पड़ी कील.. हज़ारों वाहनों को बख्शते हुए आपके टायर में घुस जाए..
रोहित का यूं जाना…अचानक स्थगित होना.. इसमें हमारे लिए सबक है कि ज़िंदगी में हर पल क़ीमती है.. हर रोज़ इस तरह तैयार हो.. कि कभी दोबारा मौका नहीं मिलेगा.. इस तरह निकलो कि लौटोगे नहीं… कामकाज हो, अभिव्यक्ति हो या प्रेम, इस तरह करो कि आगे शायद मौका मिलेगा नहीं.. मृत्युबोध.. सोच समझ के कूड़े को साफ कर देता है.. जीवन में हम हर पल जो कबाड़ लादकर चलते हैं.. अक्सर उसकी ज़रूरत नहीं होती… जीवन के इस दौर में मैं हल्का हो रहा हूँ, और ऐसी कोशिश है कि मैं आसपास थोड़ा ही सही.. उजाला कर सकूँ.. इस उजाले में रोहित के साथ की चमक भी समाहित रहेगी..
धन्यवाद रोहित… अब तुम्हारे हाथ का बना कुछ खाना है… भले ही खुद बनाना है
💔💛🧡❤️💙
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
यारों के यार दिल के दिलदार....
कलम से निकालें शब्द शानदार...!!
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाईया मेरे अत्यंत प्रिय @sidtree भैया जी💐🎂
आप स्वस्थ रहे, दीर्घायु होवे ऐसी कामना बालाजी महाराज से सदैव करता हूँ🙏🚩
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
AI से 80s PHOTO तो बन गया, अब इंसानों का क्या होगा? 10% तबाही का डर !
#AI #ArtificialIntelligence #AIFuture #AIRisk #AISafety #OpenAI #Anthropic | @sidtree
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
अजीब दास्ताँ है ये
₹3 लाख से शुरू, ₹4.5 लाख पर ख़त्म
😳⤵️
ये iPhone Duo की क़ीमत है,
और ये एक छोटी कार का बजट है।
वैसे Duo में स्क्रीन मुड़ने की क़ीमत कैमरे ने चुकाई है।
और कैमरे के मामले में iPhone 18 Pro बड़ा भाई है।
क्या अच्छा है, क्या बुरा है, क्या नया है, कितना महँगा है ?
पूरी बात, तीस मिनट में 👇 तसल्ली से समझिए
मेरे और @pragatisocial के साथ
@TV9Bharatvarsh
#iPhoneduo #foldableiphone #AppleIndia
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
iPhone Price 2026 | Apple के नए फोन की कीमत ने मचाया हड़कंप, ₹3 लाख से शुरू दाम !
#iPhoneDuo #iPhone18Pro #iPhone18ProMax #AppleEvent #iPhone #FoldableiPhone | @sidtree | @pragatisocial
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
एक लालटेन, दो तरह की रातें।
1. Fire Tamed in a Lantern
बिजली का इंतज़ार करने वाले गाँवों में आज भी
जब शाम को सूरज डूबता है
तो एक लालटेन सूली पर लटकाई जाती है
बहुत सारी मजबूरियाँ
पूरी रात जलती हैं उस लालटेन में
आग अगर पालतू हो जाए
तो घर रौशन रहता है
2. Tired Fire, sitting under a Street light
पूरी अय्याशी से बिजली के पेग लगाने वाले शहरों में
लालटेन सिर्फ़ सजावट का सामान है
ख़ाली लालटेन देखते ही लगता है
जैसे रोशनी ने किराये का घर ख़ाली कर दिया हो
और थककर
किसी स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठ गई हो
— सिद्धार्थ / SidTree · St•
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
नेपाल की तबाही में ये Mint-Green घर क्यों नहीं गिरा?
#NotesOnNews
26 अगस्त की विनाशकारी आपदा में बर्फ, पत्थर, कीचड़ और पानी का तेज़ बहाव कई बस्तियों को बहा ले गया। इसी बीच नुवाकोट का एक हरा मकान वायरल हुआ। मलबा उससे टकराता रहा, लेकिन उसका ढांचा खड़ा रहा और अंदर मौजूद परिवार को बाद में बचा लिया गया।
सवाल है ऐसा क्यों हुआ ?
पहाड़ी इलाकों में परंपरागत रूप से कई मकान पत्थर या ईंट की चिनाई, लकड़ी और स्थानीय सामग्री से बनते हैं। पुराने या कम-इंजीनियर्ड घरों में कई बार मजबूत RCC फ्रेम और पर्याप्त steel reinforcement नहीं होता, इसलिए साइड से पड़ने वाला तेज़ दबाव ज्यादा नुकसान कर सकता है।
लेकिन ये हरा घर थोड़ा अलग था
- इसमें मजबूत RCC फ्रेम था। स्टील से जुड़े कॉलम, बीम और नींव ने झटके को पूरे स्ट्रक्चर में बांट दिया।
- घर मलबे की सबसे तेज़ मुख्य धारा से थोड़ा हटकर और ऊंची जगह पर था।
- दरवाजे-खिड़कियां क्षतिग्रस्त हुईं, लेकिन मुख्य skeleton नहीं टूटा। आसपास जमा मलबे ने बाद की धाराओं को मोड़ने में भी मदद की होगी।
यानी ये सिर्फ चमत्कार नहीं था। Engineering + Location + परिस्थितियों ने मिलकर इसे बचाया।
सबक ये है कि पहाड़ों में आपदा रोधी मकान बनाना जरूरी है।
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
ओ बबीता...
ये खूब वायरल हो रहा है। बड़ा दिलचस्प है। देसी बोली- भाषाओं ने क्रिएटिविटी को नया आयाम दे दिया है। 🎙️#BodhMusic
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted

Dr. Eli David@DrEliDavidMay 9
Israel
IsraelConnected via Israel Android AppAccount-level information, not a live location or per-post device.
Lose a war to India
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
ख़बरों की दुनिया में TV9 भारतवर्ष की सत्ता
BARC रेटिंग्स में नंबर वन... TV9 भारतवर्ष
प्यार और भरोसे के लिए दर्शकों का आभार
हम आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगे हर बार
#TV9Bharatvarsh | #TV9Network | #TV9BharatvarshNo1
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
बेंगलूरु में एक पिता ( @caleb_friesen ) अपने बच्चे को फुटपाथ नहीं, एक तरह के Survival Track या कहें कि खतरों से भरे रास्ते से निकाल रहा है 🤯
ये हमारी रोज़मर्रा की हकीकत है
टूटे स्लैब, खुले गड्ढे, खंभे और ऊपर से सिस्टम की चुप्पी
सवाल सीधा है
क्या भारत में पैदल चलना भी लग्ज़री बन चुका है?
अगर ये नॉर्मल लगने लगा है, तो यही सबसे डरावनी ख़बर है… ऐसी समस्याओं पर बोलना चाहिए— क्योंकि चुप्पी ही असली समस्या है
This is a sad InfraJoke !
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
लकीरें कहती रहीं —
“इधर रहो, लाइन में चलो”
मैं मुस्कुराया…
और खुद को स्केचबुक में आज़ाद छोड़ दिया,
क्योंकि अपनी लाइन
खुद ही खींचनी होती है ✍️ #SidTreeSutra 🌀
Siddharth Tripathi / SidTree retweeted
राम लोक के हैं।अयोध्या राम की है।वस्तुतः अयोध्या महज एक शहर नहीं समदर्शी विचार है।अयोध्या में जन्मस्थान पर बनने वाला यह मंदिर अन्याय के खिलाफ सतत संघर्ष और विरोध को ताकत देगा।गीता के तीसरे अध्याय में कर्म योग को समझाते हुए भगवान कृष्ण कहते हैं, “स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते।”श्रेष्ठ लोग अपने जीवन और कर्म से लोगों के सामने आदर्श प्रस्तुत करते हैं।वही लोकअनुकरण का उदाहरण बनते हैं।कल्पना कीजिए अगर गीता न होती तो राम की जीवन कथा ही कर्मयोग की सबसे सुंदर गाथा बनती।’अनासक्त भाव’ से कर्मरत राम दरअसल गीता का पूर्व पाठ हैं।
इन मुद्दों पर रौशनी डालती मेरी किताब #राम फिर लौटे” कल लोकार्पित हो गयी।किताब का लोकार्पण @OrgRss के सर कार्यवाह @DattaHosabale जी ने किया।किताब छापी है @prabhatbooks ने।समारोह की झलकियाँ।
















