
अहिंसा परमो धर्म: धर्म हिंसा तथैव च #photographer, #poetry
pluto
Joined January 2018
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Hind ka Sitara ♌🇮🇳 retweeted
धनतेरस की सभी को शुभकामनाएं
#Dhanteras
#धनतेरस
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वह बिना कहे मर गया'
यह अधिक गौरवशाली है
यह कहे जाने से --
'कि वह मरने के पहले
कुछ कह रहा था
जिसे किसी ने सुना नहीं।'
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कभी चाहा था एक अच्छा इंसान बनूँ,
माँ-बाप के बुढ़ापे की मुस्कान बनूँ,
किसी राहगीर के लिए फलदार दरख़्त बनूँ,
किसी प्यासे के लिए मीठे पानी की झील बनूँ,
और उदास दुनिया के लिए कमल का फूल बनूँ।
मैं अब कुछ नहीं बनना चाहता।
अब अपने ही मौन में उतर जाना चाहता हूँ
#छोटा_दरवाज़ा
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जो स्वयं के प्रकाश से आलोकित हो,
उसे दीपों की गिनती की चाह कैसी?
जिसकी आत्मा में सौंदर्य का वास हो,
उसे जग की स्वीकृति की राह कैसी?
स्वाभिमान ही जिसका श्रृंगार हो,
उसे प्रशंसा के आभूषणों की दरकार कैसी।
#छोटा_दरवाज़ा
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"तुम तो नज़रों से गिराने के भी लायक़ नहीं हो,
तुम समझते हो कि किसी जंग में मारेंगे तुम्हें।।"
POTUS aayenge aur jaayenge
Magar LOTUS kahi nahi jayega
India me regime change karte karte khud ki regime change hone lagi
#USPolitics
#USA
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उसका हाथ
अपने हाथ में लेते हुए मैंने सोचा
दुनिया को
हाथ की तरह गर्म और सुंदर होना चाहिए।
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लोग भी क्या हैं किसी का दिल दुखा कर ख़ुश हुए
फूल पर बैठी हुई तितली उड़ा कर ख़ुश हुए
Hind ka Sitara ♌🇮🇳 retweeted
In the shimmer of turquoise jewels, the ocean smiles;
amber blossoms set twilight aglow.
When she walks,the seasons pause in quiet wonder,
and every petal becomes a song of her silence.
Within her soul,the entire sky blossoms,
where infinite colors live forever..
#bionicanadian
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Good morning/সুপ্রভাত!
Ballav Bari/Putul Bari ,Dhanyakuria – at Bidhan Nagar, India
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आसमान में रहकर ठहर ना पाया 'उपदेश'।
जिसके नाम दिल लिखा वो अब खाली नही।।
- उपदेश कुमार
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ये क्या सितम है कि तेरी सूरत अब गौर करने पे याद आती है,
कौन इस घर की देखभाल करे, हर रोज़ एक चीज़ टूट जाती है!
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मां ने कहा पानी में झांककर
अपने चेहरे पर मत रीझना
आग रोटियां सेंकने के लिए है
जलने के लिए नहीं
वस्त्र और आभूषण शाब्दिक भ्रमों की तरह
बंधन हैं स्त्री जीवन के
मां ने कहा लड़की होना
पर लड़की जैसी दिखाई मत देना
- ऋतुराज





















