और जब नेता की चाहत ख़त्म हो जाए तो हम फिर बिन जल की मछली की तरह तड़पते रहे। अब काम नेता से नहीं चलेगा, काम चलेगा संघ से। नेता छोड़ो सबको संघ में जोड़ो। नेता पीछे पीछे आएगा। #समणसंघ
जिनका संघ नहीं है उनकी कोई ज़मीन नहीं है। ये सब परिपक्वता की कमी है। बिना संघ के कोई सामाजिक काम मुमकिन नहीं। अच्छे लोगों का पुराना संघ मज़बूत होगा तो देश को फिर से वास्तव में सोने की चिड़िया बनाया जा सकता है। नेता का पीछा छोड़ो, अपने संघ को मज़बूत करो देश को मज़बूत करो। #समणसंघ
यह उदाहरण है संघ ना होने से होने वाले नुक़सान का। जिनका संघ नहीं होता और वो नेता के पीछे खड़े होते हैं उनका आंदोलन, समाज, ताक़त सब नेता के मन बदलने, कमज़ोर होने, बिकने, ब्लैक्मेल होने या नेता के ख़त्म होने से ख़त्म हो जाता है। संघ मज़बूत करो। #समणसंघ
जो लोग प्राकृतिक संघी नहीं होते पर संघ का महत्व मानते हैं, उनका कोई बाल भी बाँका नहीं कर सकता, उदाहरण सामने है। जो लोग प्राकृतिक संघी होते हैं और संघ का महत्व नहीं मानते उन पर अत्याचार नहीं रुकते, उदाहरण सामने है। अपना संघ मज़बूत करो, संघ में आओ। #समणसंघ
जब तक जुड़ेंगे नहीं, तब तक जीतेंगे नहीं। #समणसंघ #samansangh




