dolly (@rawone0) header
dolly (@rawone0) profile picture

truth only truth is the key of trust

India
Joined November 2024
Photo by dolly (@rawone0)Photo by dolly (@rawone0)Photo by dolly (@rawone0)Photo by dolly (@rawone0)Photo by dolly (@rawone0)Photo by dolly (@rawone0)Photo by dolly (@rawone0)Photo by dolly (@rawone0)Photo by dolly (@rawone0)Photo by dolly (@rawone0)
Pinned Tweet
What the hell you asshole @JioCare Your technician agin told me to fix it on next day.😡😡😡😡😡😡 You Morons, its last day of not solved then you lost a old customer 😡 #digitalindia #jio #IranIsraelWar #jiouniversalrouter
6
5
3
13
3,030
THE only support left in market #Nifty50#LastHope
1
25
🤖 Made with AI
24
योगी जी आपकी हर बात मान्य है लेकिन ये नहीं हो पाएगा अब क्षमा करे 🙏 जो नहीं जलाएगा लाइक करे 😊
5
1
20
483
आज कल बीमार सा रहने लगा हूँ लगता है दुश्मनों ने मरने की दुआ माँगना छोड़ दिया
32
भक्तों दूर ही रहना 😂 #india #kamlistaan
2
1
3
103
🤖 Made with AI
1
44
Orignal image clicked by me 😃
16
आदि काल मैं यहाँ जानवर विचरण करते थे लेकिम अब ……..Read More
1
51
जब बैंक के बाबू ने खाता चेक किया, तो पता है क्या बोला? माता जी, आपके खाते में सिर्फ ₹16 बचे हैं! बूढ़ी माँ अपनी 'विधवा पेंशन' की उम्मीद में, चिलचिलाती धूप में कई किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुँची थीं। सोचा था, इस बार कुछ पैसे मिल जाएंगे तो महीने भर के राशन और दवा का इंतज़ाम हो जाएगा। ₹16...! ज़रा सोचिए, उस वक्त उस बेसहारा माँ के दिल पर क्या गुजरी होगी? सुनने की समस्या की वजह से उन्हें यह भी नहीं पता कि उनकी हक की पेंशन कहाँ, किस दफ्तर की फाइल में दम तोड़ चुकी है। बैंक वाले बताते हैं कि यह माँ हर महीने इसी उम्मीद में दूर से पैदल चलकर आती हैं, और हर बार इसी तरह खाली हाथ, अपनी सूनी आँखों में आँसू लिए वापस लौट जाती हैं। बिहार में सोशल सिक्योरिटी पेंशन के तहत इन बुजुर्ग और विधवा महिलाओं को हर महीने ₹1,100 मिलने का प्रावधान है। किसी रईस के लिए ₹1,100 महज़ एक शाम के नाश्ते का बिल हो सकता है, लेकिन इस माँ के लिए यह उनके स्वाभिमान और दो वक्त की रोटी का इकलौता सहारा है। अब हमारे सिस्टम के कर्ता-धर्ताओं से कुछ तीखे सवाल कागज़ी डिजिटल इंडिया का क्या फायदा? जब एक बुजुर्ग महिला को यह बताने वाला कोई नहीं है कि उसकी पेंशन 'e-KYC', 'आधार लिंकिंग' या 'DBT' के किस तकनीकी मकड़जाल में अटकी हुई है? बैंक और ब्लॉक के अधिकारियों की आत्मा कहाँ सोई है? जब एक असहाय बुजुर्ग महिला हर महीने दफ्तर के चक्कर काट रही है, तो क्या किसी एक भी बाबू का फर्ज नहीं बनता कि वो कुर्सी से उठकर उसकी समस्या का समाधान कर दे? क्या कागज़ों के नियम इंसानी जान से बड़े हैं? नियम बनते हैं जनता की सहूलियत के लिए, लेकिन यहाँ नियम ही गरीबों का गला घोंट रहे हैं। यह सिर्फ एक माँ की कहानी नहीं है। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक, न जाने कितने ऐसे बुजुर्ग हैं जो ब्लॉक और बैंकों के चक्कर काटते-काटते दम तोड़ देते हैं, लेकिन उनकी पेंशन चालू नहीं होती। बड़ी-बड़ी योजनाओं के होर्डिंग्स लगाने वाली सरकार और एयरकंडीशनर कमरों में बैठकर फाइलें सरकाने वाले अधिकारियों को तुरंत जागना चाहिए। अगर हकदार को उसका हक पाने के लिए भी भीख मांगनी पड़े, तो समझ लीजिए कि हमारा सिस्टम पूरी तरह वेंटिलेटर पर है। इस बेबस माँ की खामोश चीख का ज़िम्मेदार कौन है? आखिर कब मिलेगा इन्हें न्याय? क्या कोई साहब इनकी आवाज़ सुनेगा, या अगली बार फिर ये ₹16 का बैलेंस देखने पैदल ही आएंगी?
9
8
1
24
1,147
I need a remote job
94
दुर्भाग्य से ये हकीकत है
1
103
This is reality, and it’s remain until ……..
1
2
1
5
604
Possible only in India
1
98
dolly retweeted
Replying to @BJP4Rajasthan
फ़र्क़ साफ़ है
1
1
1
1
100
Replying to @policybazaar
@policybazaar एक नंबर की घटिया कंपनी है बहन चोर इनके एम्प्लोयी को स्पेशल ट्रेनिंग मिलती है कस्टमर को चुटिया बनाने का @PBHelpDesk
2
2
2
249
सोचो और जवाब दो
78
After being rejected so many times by the voters..... Owl baba thinks that India has only 'Rejection System'.. 😛😛😛😛
8
52
1
364
10,043