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जमीनी स्तर पर उतना भयकर नहीं जितना आप सोच रहे हैं बल्कि यह ऐसा विषैला नाग बन चुका है जिसका जहर फन कुचलने के बाद ही समाप्त होगा इसके कारण विगत 40 वर्षों में जो परिणाम इसके हुए हैं वह विनाशकारी याद रहे विनाशकारी एक हल्का का शब्द असल स्थिति के लिए तो शायद कोई शब्द बना ही नहीं बात कर रहा हूं विषैले वामपंथ की उपज नारीवाद की...
पिछले दिनों एक इंटरव्यू देख रहा था वह इंटरव्यू मेरे लिए जानकारी का एक अच्छा स्त्रोत साबित हुआ इंटरव्यू था लेखिका और समाज सेविका सोनाली मिश्रा जी का इंटरव्यू का एक-एक शब्द मेरे मन में बैठ गया लेकिन तो ऐसे बातें तो आपसे साझा करना अति आवश्यक है, जिससे पूरी स्थिति समझ में मदद मिल सकती है..
सोनाली मिश्रा जी की यह बात सत प्रतिशत सही है कि वामपंथी नारीवाद हमारी बच्चियों को बाजार में बैठालने का कार्य करता है हमारी बच्चियों को सलाह देता है यह तुम्हारा का प्रयोग की मर्जी से करो तुम इससे पैसा कमा सकते हो...
उनकी इस बात को ऐसे समझा जा सकता है हाल के दिनों में सीनेमा क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिले आज की स्थिति में लोगों के मन मस्तिष्क में डाल दिया गया सिनेमा वह दिखाता है जो मनुष्य देखना चाहता है लेकिन बात यह नहीं है असल बात यह है सिनेमा वह दिखाता है जो वामपंथी आप को दिखाना चाहते हैं आज हमारे घरों के बच्चियों कपड़े उतारने में संकोच नहीं करते आज सिनेमा में अंग प्रदर्शन टीआरपी का मुख्य साधन बन चुका है हमारे बच्चों का ब्रेनवाश विगत वर्षों में तेजी से हुआ हमारी बच्चियां वामपंथ के चंगुल में पूरी तरीके से जकड़ चुकी है बच्चियों ने यह मान लिया है अगर कपड़े उतारने से धन मिलता है तो वह सही है
यह सब यही नहीं रुक रहा बल्कि एक विकराल रूप इसने इसलिए ले लिया है फ्रीडम ऑफ़ प्रदर्शित एंड फ्रीडम ऑफ स्पीच इनाम पर इन सब को लीगल कर दिया है सब संविधान के दायरे में सही है आज अंग प्रदर्शन में हमारे छोटी से छोटी बच्चियों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है यह बात तो तय है कि यह जहर नासूर बन चुका है।
अब प्रश्न उठता है कि इसका दोषी कौन
माता पिता ,सामाजिक, संविधान
देखा जाए मेरी नजर में तो सब दोषी है परंतु इसमें मां-बाप का दोस्त कम है मुख्य दोस्त हमारा समाज है जिसमें से स्वीकारा है और संविधान ने ऐसा करने की इजाजत दी है...
समाज में बदलाव स्वाभाविक है मगर यह बदलाव इस स्थिति पर आ जाएं क्या की संस्कृति ही बदल जाए तो यह स्वीकार करना गलत है और आने वाले पीढ़ी के लिए किया गया आपके द्वारा किया गया एक जघन्य अपराध
समाज में नारियों को सम्मान देना उनकी रक्षा करना उनके हक के लिए लड़ना अलग बात होती है मगर हर स्थिति में उन्हें सर्वोच्च देना या फिर यह कहना कि इनका पहला हक है यह गलत होगा यही सोच के कारण कोर्ट कई मामलों में गलत है फैसले सुनाता है क्योंकि हमारा संविधान नारियों को ज्यादा हक देता है मेरा मानना है कि हर मामले में हक बराबर होना चाहिए मगर ऐसा होता दिखता नहीं है यह सब एक अपवाद है कि संविधान में लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होगा यह मेरी एक निजी सोच है..
समाज का स्वीकार करना ज्यादा खतरनाक होता है सोनाली मिश्रा जी की इस बात पर मुझे एक बात याद आती है विषैला वामपंथी नारीवाद हमारे सांस्कृतिक नरसंहार कर रहा है जो कई चरणों में ऐसा ही एक चरण है लव जिहाद लव जिहाद छोटा शब्द है आम जनमानस को समझाने के लिए कहां गया है असल में एक सांस्कृतिक नरसंहार हे जो हमारे साथ वर्षों से हो रहा है हमारी बदलाव को स्वीकार करने की आदत से हमें और हमारे आने वाली वीडियो को उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है और भुगत रहे हैं यह किसी से छुपा नहीं..
क्या है सांस्कृतिक नरसंहार?
इस पर सोनाली मिश्रा जी ने कहा जिस प्रकार एक पुरानी बिल्डिंग को गिराए बिना उसके अंदर पूरा ढांचा बदल दिया जाता है यह उसी प्रकार है
सांस्कृतिक विध्वंस प्रक्रिया के चरण...
वैसे तो भारत में सांस्कृतिक विध्वंस 14 वर्षों से चल रही इसके कई दुष्परिणाम हमारे सामने आए लाखों-करोड़ों लोगों का धर्म परिवर्तन कर दिया गया इस बात का पैसे दे सकते हैं किस देश में एक भी मुस्लिम धर्म का एक व्यक्ति ना हो और 14 बरस में लगभग डेढ़ सौ करोड़ मुसलमान हो जाए ( बटवारे की स्थिति ना होती तो) मूल संस्कृति को कैसे मिटाया जा सकता है शुरुआत में इन्होंने डरा धमका कर धर्म परिवर्तन करने को अपनाया उसके बाद उन्होंने सांस्कृतिक विध्वंस के लिए शादी विवाह जैसे तरीके अपनाए इन्होंने शादी विवाह डरा धमका कर चाकू की नोक पर या फिर बलात्कार बच्चे पैदा की उन्होंने उस वक्त तक सबसे शक्तिशाली लोगों को टारगेट बनाया जिसमें क्षत्रिय , ब्राह्मण , वैश्य लोग शामिल थे ऐसे लोग जो राष्ट्र की और समाज की रक्षा करते आए थे.. 1/2
Upendra Pathak retweeted
#Ramayana 40 मिनट देख चुका हूँ अब देखने का मन नहीं कर रहा है ।
रामायण और रामचरितमानस को खुलेआम उपहास किया जा रहा है ।
सीता माता और राम भगवान की लव स्टोरी तक बना दी ।
रावण और राक्षसों को विक्टिम भी बना ही दिया है।
बचा क्या बोलने का ।
Upendra Pathak retweeted
"मेरा अब्दुल अलग है"
झटूआ गिरोह आज कल इस स्लोगन के प्रेम में है।।
खैर,,
हमने सुना है झटूआ गिरोह के सरगना ओर अब्दुल साथ में फ्रिज खरीदने गये है।।
The Sponsored Fridge Was Bought With Money Donated By Hindus...
Dug Their Own Grave... 🤣🤣
Upendra Pathak retweeted
अब्दुल अब एक ब्राह्मण को बता रहा है कि समाज का हित कैसे करें। @MediaHarshVT 🤣🤣
Upendra Pathak retweeted
Resume change expert, part-time advocate, and full-time fake politician Prashant Bhushan: Delhi Police has registered a case under several sections.
🤣🤣🤣🤣
हाँ मैं टुटपुँजिया पत्रकार हूँ। मैं नहीं जानता कि जिस @tehseenp के साथ मैं बैठा हुआ हूँ, वो रॉबर्ट वाडरा का क्या लगता है। मगर मैं कांग्रेसियों के साथ नहीं बैठ सकता, ये मैंने शिखा खोलकर प्रतिज्ञा की है। वो शिखा इस बार चायनीज लड़ी से नीली रौशनी लगाकर दिवाली में दिखाऊँगा।
Upendra Pathak retweeted
हाँ मैं टुटपुँजिया पत्रकार हूँ। मैं नहीं जानता कि जिस @tehseenp के साथ मैं बैठा हुआ हूँ, वो रॉबर्ट वाडरा का क्या लगता है। मगर मैं कांग्रेसियों के साथ नहीं बैठ सकता, ये मैंने शिखा खोलकर प्रतिज्ञा की है। वो शिखा इस बार चायनीज लड़ी से नीली रौशनी लगाकर दिवाली में दिखाऊँगा।
Upendra Pathak retweeted
राहुल गांधी की बहन प्रियंका वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा की बहन के पति ओर जटूआ ग्रुप का नया नवेला बाप @tehseenp का भी बढ़िया है,,
जब SC-ST एक्ट के समर्थन में आंदोलन हो रहे थे तब भी बन्दा भाजपा के विरोध में SCST के समर्थन में था,,
ओर अब जटूआ ग्रुप उनको गोद में लिए बैठा है।।
ऐसे ही कोई गांधी वाड्रा परिवार का सदस्य नहीं बनता दोस्तो... घिसी हुई गेंद भी छिप जाए उस लेवल की पलटी मारनी पड़ती है।।
Upendra Pathak retweeted
मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। यहां तक कि SIR पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को भी तैयार है।"
नकली संसद चलाना बंद कीजिए, संसद की कार्यवाही बाधित करना बंद कीजिए और उचित संसदीय बहस में हिस्सा लीजिए।
Upendra Pathak retweeted
ये लगा BSNL चौका ।
कनेक्टिंग इंडिया …
मेरा नाम शिवम् त्यागी है। आप मुझे हिंदू, सनातनी, त्यागी, ब्राह्मण, भूमिहार, जो चाहे बुला सकते हैं।
तो किसी भी मुस्लिम को "अब्दुल" बुलाने से इतना छाती मत पीटो।
अब्दुल का एजेंडा मोदी-नफ़रत है और जिसमें पहले वो SC/ST Act का समर्थन करते थे, अब नफ़रत करते हैं।
उमर ख़ालिद की देशविरोधी स्पीच उनको नॉर्मल लगती है।
संभल में मंदिर उनको ग़लत लगता है।
और स्मृति ईरानी जी पर जो टिप्पणी उसने की, वो सभ्य समाज में कोई कर नहीं सकता।
आपको गाँधी खानदान की चाटुकारिता करनी है, कीजिए। मोदी जी से नफ़रत करनी है, कीजिए। लेकिन देश को बताइए, आप कौन
Upendra Pathak retweeted
मैं चाटुकार यूट्यूबर !
sc st 2018 जब मोदी जी ने स्ट्रॉंग बनाया था उसका समर्थन करता हूँ ।
sc St एक्ट में बदलाव का ठेका सिर्फ ब्राह्मण क्यों ले !
Upendra Pathak retweeted
जो व्यक्ति भारत बंद का समर्थन कर रहा था जिस भारत बंद में 14 से अधिक भारतीयों की मौत हुई थी ये व्यक्ति। वह व्यक्ति इन कथिक लोगों का हीरो है और राष्ट्रवादी @atsshow7 को गालियां दे रहे हैं।
Upendra Pathak retweeted
भारतीय नौसेना और वायु सेना को मिली बड़ी सफलता
हाईजैक किए गए मछली पकड़ने वाले जहाज़ अज़ीनी को आज़ाद करा लिया,
सभी 20 क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया, कोई नुकसान नहीं हुआ।
IAF C-17 MARCOS प्रिसिज़न एयरड्रॉप, एक वॉरशिप और रिकोन एयरक्राफ्ट की मदद से, सेना ने समुद्री डाकुओं के खतरे को खत्म कर दिया।
रक्षा मंत्री @rajnathsingh ने दी जानकारी
अगर अभिषेक जी के 6 लाख फॉलोअर है तो मैं उनमें से एक हूं , अभिषेक का अगर एक लाख फॉलोअर भी होंगे तो मैं उसमें एक रहूंगा, भैया का एक भी फॉलोअर बचेगा तो वह मैं रहूंगा। @atsshow7 जी को तो बीजेपी को तो मेने क्रिटिसाइज करते हुए उस वक्त देखा जब यही लोग इन चीजों को समय की जरूर बता रहे थे।
आप सभी को यह पढ़ना चाहिए कुछ कथिक लोगों के लिए हीरो बन चुके तहसील पूनावाला की हकीकत , मुझे तो लग रहा है कुछ दिन में जूटुबा गुरूप अपना ईश्वर घोषित कर कर पूजने ना लगे।
कथित राजनीतिक विशेषज्ञ @tehseenp ओर उनके साथ बैठने वालों को जो न्यूट्रल मान रहे है ये पोस्ट उनके लिए,,
तहसीन पूनावाला की पत्नी का नाम है मोनिका वाड्रा।।
मोनिका वाड्रा प्रियंका वाड्रा की ननंद लगती है रिश्ते में,, अर्थात की रॉबर्ट वाड्रा की की चचेरी बहन।।
अब प्रियंका वाड्रा है राहुल गांधी की बहन।।
राहुल गांधी है कांग्रेस के शहजादे।।
वही शहजादे जिन्हें लगता है भारत के प्रधानमंत्री की गद्दी उनकी बपौती है।।
अब,,
प्रियंका वाड्रा के पति के बहनोई के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में गलबैया कर रहे है यूट्यूबर ओर फुद्दु एक्टिविस्ट।।
और चूतिये सब मिल के दूसरे को बोल रहे है कि दूसरे सब आईटी सेलिया है पर वे खुद कांग्रेस या दूसरी पार्टी से पैसे नहीं खाए।।
वाह रे कलयुग।। जोरदार है तेरी माया भी।। 🤣🤣
Upendra Pathak retweeted
Replying to @ajeetbharti
@ajeetbharti @tehseenp
@neha_laldas
उस समय मेरा काम मॉडरेटर के रूप में प्रश्न पूछना और उत्तर माँगना था मुर्गे की लड़ाई करवाना नहीं था।
जयपुर डायलॉग्स के मंच से मेरा कर्तव्य था , SC ACT या यूजीसी के मुद्दे पर प्रश्न उठाना और दूसरों से उत्तर लेना ।
आज मैं 42 मिनट में कल मिली गालियों का उत्तर दे रहा हूँ ।
मैं कल भी BJP के साथ था आज भी हूँ और कल भी रहूँगा ।
SC ST एक्ट के विरोध में अगर तहसीन है तो खुले मंच से राहुल गांधी को गाली दे और 2018 में हुई 14 भारतीयों की हत्या के लिए दोषी ठहरा दे और ट्वीट कर दे ।
मैं मान जाऊँगा ये निष्पक्ष है ।
सिंपल प्रश्न और सिंपल उत्तर चाहिए ।
राहुल गांधी और कांग्रेस ने sc st एक्ट के दंगाई को समर्थन दिया था 14 लोगो की जान गई उसका दोषी राहुल गांधी , RJD, लेफ्ट जो ब्राह्मणवाद से मुर्दाबाद का नारा लगा रहे है ।
अगर मोदी नीलमनाव है तो क्या राहुल गांधी नीलमानव नहीं है ?
तहसीन भाई खुलेआम टैग करके बोले राहुल गांधी को के राहुल गांधी तुम नीलमनाव हो तुम 14 लोगो की हत्या के दोषी हो ।
42 मिनट का वीडियो है मैं काट कर वीडियो नहीं डालता हूँ ।
Upendra Pathak retweeted
कथित राजनीतिक विशेषज्ञ @tehseenp ओर उनके साथ बैठने वालों को जो न्यूट्रल मान रहे है ये पोस्ट उनके लिए,,
तहसीन पूनावाला की पत्नी का नाम है मोनिका वाड्रा।।
मोनिका वाड्रा प्रियंका वाड्रा की ननंद लगती है रिश्ते में,, अर्थात की रॉबर्ट वाड्रा की की चचेरी बहन।।
अब प्रियंका वाड्रा है राहुल गांधी की बहन।।
राहुल गांधी है कांग्रेस के शहजादे।।
वही शहजादे जिन्हें लगता है भारत के प्रधानमंत्री की गद्दी उनकी बपौती है।।
अब,,
प्रियंका वाड्रा के पति के बहनोई के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में गलबैया कर रहे है यूट्यूबर ओर फुद्दु एक्टिविस्ट।।
और चूतिये सब मिल के दूसरे को बोल रहे है कि दूसरे सब आईटी सेलिया है पर वे खुद कांग्रेस या दूसरी पार्टी से पैसे नहीं खाए।।
वाह रे कलयुग।। जोरदार है तेरी माया भी।। 🤣🤣
Upendra Pathak retweeted
जन रैली ❌
जन सैलाब ✅
हैदराबाद रैली जो पिछले कुछ दिन पूर्व ही निर्धारित हुई जिसमें 80000 से भी ज्यादा लोग शामिल हुए।














