Om Prakash Shukla Hindu retweeted
ये BSD के सत्ता पलट करेंगे.... 🔥
बेल बांड भरकर बाहर निकले कॉकरोच के
चेहरे पर डर साफ दिख रहा है...
ये डर होना चाहिए 🖐️
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
हिंदुओं बदलते कश्मीर की तस्वीर देख लो 🔥✊
कश्मीर के हिंदू नारे लगा रहे..
अरे आज नहीं तो कल तुम्हे जाना होगा जाना होगा..
फिर कुछ लोग कहते है मोदी ने किया क्या है
जय श्रीराम 🚩🙏
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
मुझे तो हंसी आती है कि जो 99 बार अपनी लॉन्चिंग के क्वालिटी चेक में ही फेल हो गए, वो भाजपा की एक्सपायरी डेट बता रहे हैं।
भाजपा केवल पार्टी नहीं है, ये एक आंदोलन है, राष्ट्र पुनर्निर्माण का महायज्ञ है, गरीब कल्याण का संकल्प है और माताओं, बहनों, युवाओं एवं किसानों के सशक्तिकरण का आंदोलन है। कई लोग ये सोच-सोच के चले गए, आपातकाल भी लगा लिया, देश को जेलखाना बना दिया। लेकिन अंततः जनता ने चुनाव में उन्हीं को बार-बार धराशायी किया।
भाजपा बढ़ती रहेगी और देश की सेवा करती रहेगी।
- श्री @ChouhanShivraj
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
🚨 अमेरिकी Deep State: वैश्विक शक्ति या सत्ता परिवर्तन का खेल? भारत कितना सतर्क है? 🇮🇳
🌍 दुनिया भर में सैन्य ठिकाने, खरबों डॉलर का रक्षा बजट, CIA जैसी खुफिया एजेंसियाँ और वैश्विक राजनीति में दखल देने की ताकत!
सवाल है—क्या महाशक्तियाँ केवल अपने हितों की रक्षा करती हैं, या कभी दूसरे देशों की राजनीतिक दिशा तय करने की कोशिश भी करती हैं?
⚠️ यहीं से शुरू होती है Deep State की बहस!
इराक से लीबिया तक, अफगानिस्तान से यूक्रेन तक—अमेरिकी विदेश नीति और हस्तक्षेपों पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। लेकिन हर घटनाक्रम को किसी एक गुप्त संगठन की साजिश बताने के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर परखना भी ज़रूरी है।
🇮🇳 अब बात भारत की!
आज भारत एक उभरती आर्थिक शक्ति है। मजबूत घरेलू बाज़ार, डिजिटल क्रांति, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्वतंत्र विदेश नीति—भारत वैश्विक समीकरणों में अपनी अलग जगह बना रहा है।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या वैश्विक शक्तियाँ भारत की नीतियों और राजनीतिक दिशा को प्रभावित करने की कोशिश करती हैं?
🔎 विदेशी फंडिंग, राजनीतिक संपर्क, मीडिया की भूमिका और NGOs की गतिविधियों की पारदर्शी जाँच होनी चाहिए। लेकिन किसी नेता की विदेशी राजनयिकों से मुलाकात या किसी संगठन को फंडिंग मिलना अपने आप में देशविरोधी साजिश का प्रमाण नहीं है।
🔥 भारत को न अंधविश्वास चाहिए, न अंधविरोध—भारत को चाहिए सतर्कता, पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखने वाली नीति!
क्योंकि भारत का भविष्य किसी विदेशी ताकत, किसी कॉरपोरेट लॉबी या किसी कथित Deep State के हाथों में नहीं, बल्कि भारत की जनता और उसके लोकतांत्रिक संस्थानों के हाथों में होना चाहिए।
🇮🇳 भारत किसी का मोहरा नहीं है। भारत अपने हितों के अनुसार निर्णय लेने वाला संप्रभु राष्ट्र है।
वंदे मातरम्! 🇮🇳
#IndiaFirst #NationalSecurity #DeepState #भारत_सर्वोपरि @HMOIndia @PMOIndia @AshwiniUpadhyay @ARanganathan72
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
कल से बड़ी चर्चा है कि ध्रुव राठी ने लंदन में इतनी भीड़ जुटाई... ये किया, वो किया।
ख़ैर, हम जानते हैं कि लंदन में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी रहती है, जो भारत के अलगाववाद का समर्थन करते हैं।
लेकिन फिर ये तस्वीर नज़र आई...
इसमें कुछ ख़ास था, जिसने चौंका दिया। पूरे प्रोटेस्ट में ठीक ध्रुव राठी के साथ नज़र आ रहे ये दो लोग आखिर कौन हैं? एक व्यक्ति, जिसने लाल जैकेट के साथ टोपी पहन रखी है...
दूसरा, जिसने ब्लू स्वेटर पहन रखा है और कान में एक छोटा-सा डिवाइस लगाया हुआ है, जिसे वह बार-बार ठीक करता दिखा...
इसी भीड़ में एक व्यक्ति ऐसे भी थे, जो देशभक्त भारतीय हैं और फिलहाल लंदन में हैं। यूट्यूबर हैं... उन्होंने इस पूरे जमावड़े में सैकड़ों लोगों से घुल-मिलकर बात की।
और इन दो लोगों का जो परिचय सामने आया, वह चौंकाने वाला है... साथ ही भीड़ का सच भी!
टोपी वाले व्यक्ति का नाम है "वक़ार अहमद..."
ये कोई भारतीय नहीं, बल्कि मुरीदके का रहने वाला एक पाकिस्तानी नागरिक है और महज़ एक सप्ताह पहले ही इंग्लैंड पहुँचा है।
स्वेटर पहने अधेड़ व्यक्ति "जमशेद बाजवा" हैं। ये भी पाकिस्तानी-ब्रिटिश नागरिक हैं और पहले भी खालिस्तान समर्थक व भारत-विरोधी प्रदर्शनों में इनकी स्पष्ट भूमिका रही है।
अभी कुछ दिन पहले एक भारतीय के रेस्टोरेंट पर हुए हमले की जाँच में भी इनका नाम आया था...
• तो क्या ध्रुव राठी का यह प्रदर्शन पूर्व-नियोजित कार्यक्रम था?
• और क्या इसे ध्रुव के "पाकिस्तानी दोस्तों" द्वारा आयोजित और प्रायोजित किया गया था?
• क्या इन दो लोगों की तरह ही वहाँ मौजूद भीड़ का एक बड़ा हिस्सा भी पाकिस्तानी था?
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
खाली बोलने से देश नहीं चलता, पिछले कुछ सालो में राहुल गाँधी के द्वारा उठाये मुद्दों और उनकी सच्चाई का विशेलषण करते है-
मुद्दा - राफेल में नरेंद्र मोदी ने सारा पैसा अनिल अम्बानी को दिया
सच्चाई - राफेल में अनिल अम्बानी का कोई stake नहीं निकला, ऑपरेशन सिन्दूर में इस फाइटर जेट की उपयोगता से देश पर एक बड़ा संकट टला, राहुल गाँधी ने प्योर झूठ चलाये और 2019 का पूरा मुद्दा इसी पर लड़ा , बाद में सुप्रीम कोर्ट तक में वो झूठ ही साबित हुआ.
2. मुद्दा- चौकीदार चोर है
सच्चाई - आज तक एक नए पैसे का दाग मोदी जी पर नहीं है जबकि कांग्रेस पर उसके सत्ता में रहते ही हर दिन रोज नए घोटाले के इलाज्म लगते थे , इस स्लोगन पर राहुल ने फिर से सुप्रीम कोर्ट में माफ़ी मांगी.
3. मुद्दा - देश में मुस्लिम खतरे में है
सच्चाई - डेमोग्राफी बेतहाशा बढ़ी है और मुस्लिम हर हिन्दू त्यौहार पर पत्थरबाजी करते हुए स्ट्रीट पावर दिखाते रहे है. उल्टा इस मुद्दे पर सरकार RW की कई उम्मीदों पर खड़ा नहीं उतरी।
4. मुद्दा - चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया
सच्चाई - कई साल ये झूठ जोर शोर से चलाया गया , कई अखबारों में लेख तक मैनेज करवाए गए लेकिन सच ये है कि ना army और ना ही लोकल एरिया से ये कभी आवाज आयी की भारत की एक इंच जमीन पर भी कब्जा हुआ है . इतना बड़ा झूठ देश का सम्मान और गरिमा गिराने के लिए बोला गया जिसकी माफ़ी भी नहीं मिलनी चाहिए.
5. मुद्दा - संविधान खतरे में है
सच्चाई - भारत में संवैधिक व्यवस्था के लिए कांग्रेस ही सबसे बड़ा ख़तरा बन चुकी है जब इनके केरल यूनिट CJI का इस्तीफ़ा मांगती है और इनके प्रवक्ता कहते है सुप्रीम कोर्ट के डिसिशन का क्या मतलब है तब इनसे पूछना चाहिए की ये कौन से संविधान के खतरे में होने की बात करते रहे है?
6. EVM हैक है वोट चोरी हो रही है
सच्चाई - कई साल चीखते रहे की EVM हैक है जब उसे साबित नहीं कर पाए तो वोट चोरी का नया शिगूफा छोड़ दिया है , इनसे सवाल हो कि जब भाजपा EVM हैक कर सकती है तो उसे वोट चोरी करने की क्या जरुरत है और जब वोट चोरी हो रही है तो ये अपने राज्यों में चुनावी जीत पर शपथ क्यों ले लेते है .
ये सिर्फ मैंने कुछ ही उदहारण दिए है, इस आदमी का झूठ बोलने का एक proven ट्रैक रिकॉर्ड है ताकि देश को बदनाम किया जा सके और अराजकता का माहौल यहाँ खड़ा किया जा सके.
देश हमारा है , इसे सम्भलना भी हमे ही है.
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
Rt | Urgent Update | दहाड़ रहा है बुलडोजर
अवैध सुन्नी मस्जिद शालीमार बाग मामला
आज सुबह 3 बजे से ग्राउंड फ्लोर पर कार्यवाही चालू है।
बोला था ना मैंने एक एक ईट गिरेगी
@ANI @PTI_News @ians_india
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
इसके पीछे क्या कारण है?
चुनाव आयोग ने Gen Z को पट्टी पढ़ा दिया है, हर कोई योगी-योगी क्यों कर रहा है?
FCRA से जुटाए धन से देश के लिए गद्दारी करने वालों से सावधान रहना है।
कासगंज का चंदन गुप्ता हत्याकांड देश विरोधी विदेशी धन पर पलने वाले NGO और वकीलों पर गहरा सवालिया निशान खड़ा करता है।
चंदन गुप्ता हत्याकांड के दोषियों को सजा देते समय न्यायाधीश विवेकानंद शरण जी ने कुछ गंभीर प्रश्न उठाए थे।
उन्होंने कम से कम 10 एनजीओ के नाम बताए जो चंदन गुप्ता के हत्यारे को बचाने के लिए ना केवल मौलिक समर्थन दे रहे थे बल्कि लाखों रुपए खर्च करके देश के बड़े-बड़े वकीलों को कासगंज जैसी छोटी जगह पर खड़ा कर दिए थे।
चंदन गुप्ता की हत्या कोई मामूली हत्या नहीं थी। वह 26 जनवरी का दिन था वह तिरंगा लहराते हुए शहर में पदयात्रा कर रहा था। वह हत्या भारत की आजादी की हत्या थी।
वही देशद्रोही NGOs इस समय भारत में तख्ता पलट के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।
करोड़ों करोड़ों रुपए खर्च करके देश में अराजकता का माहौल पैदा कर रहे हैं।
अब समय आ गया है की एफसीआरए कानून को ही रद्द कर दिया जाए।
भारत को गरीबों की मदद करने के लिए किसी विदेशी धन की जरूरत नहीं है।
भारत को अपने शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक करने के लिए किसी विदेशी फंड की जरूरत नहीं है।
न्यायाधीश विवेकानंद शरण जी ने सरकार को जो सुझाव भेजे थे उस पर पूरी तरह अमल करने का समय आ गया है।
विदेशी NGOs को लात मार कर देश से बाहर किया जाए।
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
कह रही है को यह पुलिस वाले अपनी बीवियों को अपनी बेटियों को मोदी के साथ सुलाते हैं |
अगर इस तरह की बेईज्जती सहन करने के बाद भी कोई पुलिस वाला इनमें लट्ठ ना बजाए तो क्या करे | 😡😡
लेकिन जैसे ही पुलिस वाला इसके एक तमाचा लगायेगा वैसे हो हल्ला मचा कर कहेगी मुझे पुलिस वाले ने छेड़ दिया |
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
अब समझ आया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा क्यों दिलवाया।
उस समय विरोध प्रदर्शन छात्रों के नेतृत्व में था, और जैसा फ्रांस में हो रहा है, सरकार छात्रों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठा सकती।
भाजपा ने धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देकर ध्यान छात्रों से हटा दिया।
इसके बाद CJP बनाम भाजपा राजनीतिक विचारधारा की लड़ाई बन गई, न कि फ्रांस जैसी छात्र-नेतृत्व वाली आंदोलन।
इससे अमित शाह और नरेंद्र मोदी को जंतर मंतर 2.0 पर सख्त कार्रवाई करने का मौका मिला, और किसी ने सवाल भी नहीं उठाया, क्योंकि ये छात्र आंदोलन नहीं था, बल्कि सामान्य लेफ्ट बनाम राइट की लड़ाई थी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की वजह से CIA की सत्ता परिवर्तन की पूरी प्लानिंग फेल हो गई।
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
सरकारी जमीन को मजहबी भीड़ से मुक्त करवाने वाले अभियान पर प्रवेश साहिब सिंह |
हिन्दुओं ज्यादा कुछ ना हो सके तो इस अभियान को सोशल मीडिया से मजबूत राष्ट्रवादी बैकअप जरूर दे देना | 🔥🔥✍🏻
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
🚨 मैक्रों ने ट्रंप पर उठाई उंगली, अब सवाल और भी बड़ा है!
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कथित तौर पर डोनाल्ड ट्रंप को फ्रांस में व्यापक दंगों के लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि अमेरिका का विरोध करने वाले देशों को अक्सर अशांति, दंगों और सत्ता परिवर्तन की कोशिशों का सामना करना पड़ता है।
बांग्लादेश हो, नेपाल हो या भारत, बाहरी हस्तक्षेप और अमेरिकी Deep State की भूमिका पर सवाल पहले भी उठते रहे हैं।
अमेरिका का लोकतंत्र प्रेम भी गज़ब है! साथ चलो तो साझेदार, अपनी राह चुनो तो दबाव की राजनीति का सामना करो!
आपकी क्या राय है? क्या अमेरिका सचमुच लोकतंत्र की रक्षा करता है, या अपनी सर्वोच्चता को चुनौती देने वालों पर दबाव बनाना उसकी विदेश नीति का हिस्सा है? 🤔
नरेंद्र मोदी के पास अमित शाह जैसा एक चाणक्य है जो दुश्मनों को परास्त करने की सारी नीतियां जानता है।
अमित शाह ने राहुल गांधी को ऐसा फसाया कि अब उनके लिए निकलना मुश्किल हो गया है।
तिलचट्टो द्वारा बुलाए गए दिल्ली बंद में सरकार ने मेट्रो स्टेशन बंद करवा दिए। जगह-जगह बैरिकेडिंग करवा दिया। कांग्रेसियों के वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया बेरीकेटिंग कम करो। अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट जाने वाली सड़क से सारी बेरीकेटिंग हटवा दिया। कांग्रेसी वकीलों के कहने पर सुप्रीम कोर्ट से बंदे की धारा 153 (पुराना 144) हटवा दिया।
राहुल गांधी को खबर पहुंचा दिया कि सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता खुला हुआ है।
राहुल गांधी ने नारा लगाया "सुप्रीम कोर्ट "चलो और पहुंच गए। दिल्ली पुलिस ने रोका भी नहीं।
अब सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को लपेटना शुरू किया है। इसे कहते हैं असली चाणक्य नीति। अपने ही जाल में फसना।
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
मजबूत नेतृत्व और सतर्क पुलिस व्यवस्था किसी भी देश की सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत होती है।
भारत सुरक्षित है, भारत मजबूत है। 🇮🇳🙏
जय हिन्द!
Om Prakash Shukla Hindu retweeted
धर्म परिवर्तन सबने देखा अब जाति परिवर्तन देखो;
यह बहुत बढ़िया है जब समाज में छुआछूत की भावना ही नहीं रहेगी तो आरक्षण किस बात का आरक्षण भी हटा दिया जाएगा...
और जो वामपंथी लोग हिंदुओं को जातियों में बांटकर आरक्षण के नाम पर राजनीति कर रहे हैं उनकी दुकान भी बंद हो जाएगी.!!
सुप्रीम कोर्ट का मंदिर भूमि पर ऐतिहासिक फैसला ।
“मंदिर की संपत्ति देवता की है, सरकार की नहीं।”
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को मंदिर की इनाम भूमि हस्तांतरित करने वाले गिफ्ट डीड को अमान्य और शून्य घोषित कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि राज्य मंदिर की संपत्ति का संरक्षक है, मालिक नहीं।
⚖️ कोर्ट ने 8 मार्च 2019 से पूर्वव्यापी प्रभाव से ₹31,000 मासिक किराया, मंदिर को ₹1 लाख का हर्जाना, और बकाया किराए का भुगतान करने का आदेश दिया है।
एक स्पष्ट कानूनी संदेश: मंदिर की संपत्ति की रक्षा की जानी चाहिए और कानून के अनुसार ही उसका प्रशासन होना चाहिए।
मामला तमिलनाडु के इरोड जिले के नागपालायम मरियम्मन-पोन्नाचियम्मन मंदिर की जमीन से जुड़ा है।
30 अगस्त 2017 को मंदिर के एक अस्थायी ट्रस्टी S. Bhoopathy ने मंदिर की 1 एकड़ 10 सेंट इनाम जमीन तमिलनाडु सरकार को 'गिफ्ट डीड' के जरिए दे दी।
सरकार ने इस जमीन पर तालुक ऑफिस बना लिया।
श्रद्धालुओं ने इसे कोर्ट में चुनौती दी कि ट्रस्टी को मंदिर की जमीन दान करने का अधिकार नहीं है।
जस्टिस PS नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने 16 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया। •
कोर्ट ने कहा: **"मंदिर की संपत्ति देवता की होती है। सरकार सिर्फ संरक्षक है, मालिक नहीं"**।























