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Replying to @nagarwalgi
यह बात सच है कि धीरे-धीरे बढ़ता मानसिक तनाव इंसान को अंदर से तोड़ देता है। ऐसे में सब कुछ अपने अंदर न रखकर किसी भरोसेमंद से बात करना या थोड़ा आराम देना बहुत जरूरी है।
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Replying to @nagarwalgi
यह बात बिल्कुल सच और कड़वी है कि ज्यादातर लोग सिर्फ अच्छे वक्त में साथ निभाते हैं और मुश्किल समय में अकेले छोड़ जाते हैं। ऐसे में खुद को मजबूत रखना ही सबसे बड़ा सहारा बनता है।
यहां कोई किसी का अपना नहीं ये इतनी कड़वी सच्चाई है कि आप सोच भी नहीं सकते, आपको लगता है, आपका परिवार, आपके दोस्त, रिश्तेदार सब अपने है,
लेकिन ये बस सुख में आपके साथ होंगे दुख में नहीं
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बाँध कर रखना तो अधिकार का मोह था प्रिये ~:)
मैंने अपनी मुक्ति भी तुम्हारी इच्छा पे छोड़ दी ,, 🔥 ~💙
~छुअन
🌹🔥🌹
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इक चाय की प्याली,
थोड़ी सी धूप और ये ख़ामोश सुबह,
ज़िंदगी बयां करती है कि सुकूँ पाने के लिए बहुत महँगे ख़्वाबों की ज़रूरत नहीं होती...🤍:)
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💙
🌺 जयति जय सिद्धिदात्री माँ🌺
दिव्य आभा से सुशोभित ,तेज की पराकाष्ठा ,
सृष्टि के कण-कण में गुंजित आपकी ही प्रतिष्ठा।
कमल-दल पर पाँव धारे ,मंद-मंद मुस्काती ,
नवम नवरात्र पर जग को परम शांति दे जातीं।🙌
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥🙌
चार भुजाओं में शोभित गदा ,चक्र , शंख ,सरसिज ,
मिटातीं अंतर के तिमिर को ,खिलातीं हृदय का द्विज।
अणिमा ,महिमा ,गरिमा की तुम्ही हो दात्री ,
लघिमा ,प्राप्ति ,प्राकाम्य की ईश्वरी विधात्री।🙌
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥🙌
शिव ने जब ध्याया तुम्हें ,सिद्धियाँ अशेष पाईं ,
अर्धनारीश्वर रूप धर त्रिलोकी छवि दिखाई।
देव ,गंधर्व ,यक्ष ,किन्नर शीश चरणों में नवाते ,
पाप-ताप हरने वाली के विमल यश गाते।🙌
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥🙌
मोह-माया का आवरण पल में भस्म कर देतीं ,
भक्त की निष्काम भक्ति से झोली भर देतीं।
साधना की पूर्णाहुति ,ज्ञान का तुम सार हो ,
इस भवसागर में तरने का अंतिम आधार हो।🙌
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥🙌
हे कृपामयी ,कल्याणी ,दो विवेक का वरदान ,
हृदय में गूंजता रहे केवल तुम्हारा पावन गान।
नमन शत-शत सिद्धिदात्री ,मात जग-उद्धारिणी ,
कष्ट-भंजन ,संताप-नाशन ,शुभ-सुख-संचारिणी।🙌
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥🙌~💙
~छुअन
पूजन मंत्र!!
‼️ ध्यान मंत्र:‼️
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥🙌
‼️ बीज मंत्र‼️
ॐ ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नमः॥🙌
‼️ उपासना श्लोक‼️
या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥🙌
‼️ सरल अर्पण मंत्र‼️
ॐ सिद्धिदात्र्यै नमः॥🙌
जयति जय सिद्धिदात्री माँ !!🙌
ॐ ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नमः॥🙌
ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥🙌
🌹🙌🌹🙌🌹🙌🌹
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यह सच है कि हिंसा और सेक्स इंसान की सबसे कच्ची और आदिम कमजोरियां हैं।
बाज़ार और एल्गोरिदम इसी कमजोरी को पहचानते हैं, इसलिए वे विवाद और तमाशे को परोसते हैं ताकि इंसान बिना सोचे-समझे उस भीड़ का हिस्सा बन जाए। यह इंसानी फितरत का वह सच है जो आसानी से बदलने वाला नहीं है।
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अक्टूबर की शामें धीरे-धीरे गहरी होती जाएंगी,पेड़ों से पत्ते खामोशी से गिरना शुरू हो जाएंगे और हमें वो लोग याद आना शुरू हो जाएंगे जो कभी हमारी आंखों का नूर हुआ करते थे।लेकिन वो अब अपनी नजरों से गिर चुके हैं।
पतझड़ हमें हमेशा पत्तों का गिरना नहीं सिखाती,बल्कि वह कहती है कि हर खूबसूरत चीज को एक न एक दिन पतन आना।
मिल ही जाएगा दिल को यकीं रहता है,वह इसी शहरों की गलियों में कहीं रहता है।
दिल अफसुर्दां तो हुआ देख कर उसको लेकिन,
उम्र भर कौन जवान कौन हसीन रहता है।🙂
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तुम उसके जीवन में
नहीं मरोगे ,
तुम तो उससे
पहले मर जाओगे ,
जब वह
तुम्हारे बिना
पहली बार हँसकर कहेगी ,
“अब सब ठीक है”
_अ|जे|य🕊️
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Replying to @nagarwalgi
रावण को जलाते भी हम है तो खड़ा भी हम ही करते है
पहले बनाते फिर जलाते
हिंसा और सेक्स
इसका बाजार हमेशा गर्म रहता है।
ये दोनों ऐसी बिकाऊ चीज़ है कि कितना भी रेड फ्लैग दिखे, बदनामी, परेशानिया दिखे, इंसान उस ओर लपक एक भीड़ का हिस्सा बनने से बाज नहीं आता।
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Replying to @nagarwalgi
हर साल पुतले का दहन होता है, लेकिन अगले ही साल वह फिर से खड़ा हो जाता है—इसके पीछे और आपके दूसरे सवाल का जवाब कुछ इस तरह है:
हर साल रावण को मारते हैं
ये हर साल जिंदा हो जाता है।
कैसे???
क्या भीतर के रावण को मारना भूल जाते है हम??
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फूल तुम्हें भेजा है ख़त में
फूल नहीं मेरा दिल है !
प्रियतम मेरे मुझ को लिखना
क्या ये तुम्हारे काबिल है !!
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Replying to @RuchiraTripathi
वो कहते हैं #'मजबूर हैं हम',
ना चाहते हुये भी दूर हैं हम,
चुरा ली हमारे दिल की धड़कन,
फिर भी कहते हैं 'बेकसूर हैं हम'!
#गीतमाला
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तुम,,,
कोई कविता हो…
जिसे कुदरत ने
फूलों की पंखुड़ियों पर लिखा हो।
तुम्हारी मुस्कान,,,
सुबह की पहली किरण,
तुम्हारी आँखें गहरी झीलें
और तुम्हारी बातें
हवाओं-सी मीठी हैं…
तुम,,,
वो ख़ूबसूरत एहसास हो,
जिसे लफ़्ज़ों में नहीं,
सिर्फ़ दिल से
महसूस किया जा सकता है...
तुम,,,
मेरा वो ख़्वाब हो,
जिसे आँखें खोलकर भी
खोना नहीं चाहता…!!
🌾🧡🌾
#तलाशा 🕊

















