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Bhopal, India
Joined October 2009
अमर रहे भारतीय गणतंत्र और उसके मूल्य । गर्व से कहें जय हिन्द ।
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March for Democracy. March for Justice. #ChaloDilli
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यही होता है जब तानाशाह देश की सुरक्षा करने वाले फोर्स को सीमा से हटाकर अपने ही देश के बच्चों को रगड़ने के लिए लगाता है।
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Supreme Court Collegium secrecy must end. Citizens have a right to know why judges are selected and why senior judges are superseded. 𝗝𝘂𝘀𝘁𝗶𝗰𝗲 𝗝𝗼𝘆𝗺𝗮𝗹𝘆𝗮 𝗕𝗮𝗴𝗰𝗵𝗶 was elevated to the Supreme Court while ranking 11th in all-India seniority, overtaking several more senior judges. The Collegium cited regional representation and his future line to become CJI. But the detailed reasons and records remain sealed. 𝗣𝗲𝗼𝗽𝗹𝗲 𝗱𝗲𝘀𝗲𝗿𝘃𝗲 𝘁𝗼 𝗸𝗻𝗼𝘄 𝘄𝗵𝗮𝘁 𝗲𝘅𝗰𝗲𝗽𝘁𝗶𝗼𝗻𝗮𝗹 𝗺𝗲𝗿𝗶𝘁 𝘁𝗵𝗲 𝗖𝗼𝗹𝗹𝗲𝗴𝗶𝘂𝗺 𝘀𝗮𝘄 𝗶𝗻 𝗮 𝗷𝘂𝗱𝗴𝗲 𝘄𝗵𝗼 𝗵𝗮𝘀 𝗼𝗯𝘀𝗲𝗿𝘃𝗲𝗱 𝘁𝗵𝗮𝘁 𝘁𝗵𝗼𝘀𝗲 𝗱𝗲𝗹𝗲𝘁𝗲𝗱 𝗳𝗿𝗼𝗺 𝗲𝗹𝗲𝗰𝘁𝗼𝗿𝗮𝗹 𝗿𝗼𝗹𝗹𝘀 𝗰𝗮𝗻 𝘀𝗶𝗺𝗽𝗹𝘆 “𝘃𝗼𝘁𝗲 𝗶𝗻 𝘁𝗵𝗲 𝗻𝗲𝘅𝘁 𝗲𝗹𝗲𝗰𝘁𝗶𝗼𝗻,” 𝘁𝗵𝗮𝘁 𝗽𝗼𝗹𝗶𝗰𝗲 𝗺𝗮𝘆 𝘂𝘀𝗲 𝗽𝗲𝗹𝗹𝗲𝘁𝘀 𝗶𝗻 𝗲𝘅𝗰𝗲𝗽𝘁𝗶𝗼𝗻𝗮𝗹 𝘀𝗶𝘁𝘂𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻𝘀, 𝗮𝗻𝗱 𝘁𝗵𝗮𝘁 𝗽𝗲𝗮𝗰𝗲𝗳𝘂𝗹 𝗽𝗿𝗼𝘁𝗲𝘀𝘁𝘀 𝘄𝗶𝘁𝗵𝗼𝘂𝘁 𝗽𝗿𝗶𝗼𝗿 𝗽𝗲𝗿𝗺𝗶𝘀𝘀𝗶𝗼𝗻 𝗮𝗿𝗲 𝘂𝗻𝗹𝗮𝘄𝗳𝘂𝗹. Opacity in judicial appointments erodes public trust. Transparency is not optional.
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Today is the 60th day that the Monsoon Session of Parliament has still not been prorogued after having been adjourned sine die on Aug 13, 2026. The gap has broken all records long ago—the previous one being the 28 day delay for the Monsoon Session in 2015. It is clear that the outgoing Union Home Minister’s desperate efforts to muster up a super-tainted two-thirds majority in the Lok Sabha to pass the Modi Govt’s dangerous Bills on Delimitation have failed miserably. A number of NDA allies themselves have been opposed to the Bills and they have suddenly found new courage. Meanwhile GyaneshGate has overwhelmed the country. The evil designs of the PM and the HM were defeated resoundingly in the Lok Sabha on April 17, 2026 because of the unity and solidarity of the Opposition. That is intact even though the HM has split some Opposition parties. The Modi Govt should now gracefully prorogue both Houses and open a genuine All-Party dialogue on the way forward for Delimitation as has been demanded repeatedly by Opposition leaders. But first it will have to secure the resignation of the CEC, suspend the SIR and take steps to restore public faith and trust in the entire election system that has been very badly subverted. But perhaps it is too much to expect the two subverters themselves to take such steps. Ultimately, however, the Constitution will prevail and the resolve of the people will overcome.
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आने वाली पीढ़ियां अपने पूर्वजों पर हंसेंगी कि उनके पास इतना शानदार पढ़ा-लिखा दूरदर्शी सोच वाला नेता था फिर भी वे एक नफरती इंसान को बार-बार सत्ता देते रहे... सेंट्रल हॉल में दिया राहुल गांधी का ये शानदार भाषण जरूर सुनिए👇
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आज की रणनीति प्रदर्शन में आई लड़कियों को टारगेट करने के लिए महिला सिपाहियों को आगे करना था। इंस्टा पर दर्जनों रील चल रहे हैं। यंग लड़की को पुलिस धक्का दे रही है। उन्हें क़ाबू में किया जा रहा है। जो लड़कियां कैमरा लेकर निकली थीं उनके साथ भी धक्का मुक्की के बहुत रील हैं। ऐसा लगता है कि सड़क पर आने वाली इन लड़कियों को जिन्हें हम बच्चियाँ कहते हैं, ख़ास तौर से टारगेट किया गया है। जेन ज़ी का जो हौसला है, वो इन लड़कियों के आने से बड़ा होता है। इसलिए उन पर भयंकर हमला हुआ। ये हमला ऐसा नहीं कि सर फट जाए बल्कि ऐसा कि उनका सर झन्ना जाए। ऐसे भी रील हैं जिनमें पुलिस ने उन्हें खींचते वक्त या टाँगते वक्त उनके कपड़ों का भी ध्यान नहीं रखा। अगर इस देश में इंसाफ का मंदिर होता तो ज़रूर इसे लेकर सरकार को नोटिस जारी करता। सरकार के भीतर हड़कंप मच जाता। एक और बात है। हर रील में लड़कियों धक्का खाती हैं मगर किसी रील में डरती नहीं हैं। लौट कर या खड़ी होकर प्रतिकार करती हैं। बस की खिड़की से कूद जाती हैं। छतों पर चढ़ जाती हैं। आप इंस्टा रील देखिए, आज के प्रदर्शन का विज़ुअल सेंस बदल जाएगा। शर्म भी आएगी। बच्चियों को मार कर, धकिया कर आज घर गईं किसी महिला पुलिस को अच्छा नहीं लगा होगा। आने वाले दिनों में महिला पुलिस की आक्रामकता का भयंकर रूप दिखेगा। ज्ञानेश कुमार ने आज दिन भर क्या किया होगा? कोई ख़बर?
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राहुल गांधी का जरूरी भाषण अंग्रेजी में था ज्यादा लोगों तक पहुंचे इसलिए हिंदी में ट्रांसलेट किया है अब आप इसे हिंदी में पढ़ सकते हैं और इसकी गहराई को महसूस कर सकते हैं✍️ -------------------------- कई साल पहले, इसी सेंट्रल हॉल से जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त 1947 को “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” नामक प्रसिद्ध भाषण दिया था। मैं उसका कुछ अंश पढ़ना चाहता हूँ - “यह भारत, पूरे एशिया और दुनिया के लिए एक भाग्यशाली क्षण है। पूर्व में स्वतंत्रता का एक नया सितारा उदय हो रहा है, एक नई आशा जन्म ले रही है, और लंबे समय से संजोया गया सपना साकार हो रहा है। यह सितारा कभी अस्त न हो और वह आशा कभी टूटे नहीं। फिर उन्होंने कहा कि हम उस स्वतंत्रता में आनंद मनाते हैं, भले ही हमारे चारों ओर काले बादल घिरे हों।" मैं 2004 में राजनीति में आया। उस समय भारत एक लोकतांत्रिक और स्वतंत्र देश था। 2014 में कुछ मौलिक बदलाव हुआ। हमने इसे समझा भी नहीं। भारत में कुछ बुनियादी बदलाव हो गया, और यह हर भारतीय को एक दिन दिखेगा। बचपन से मुझे सिखाया गया था, हर दिन मेरे दिमाग में डाला गया था कि आपके लिए सबसे अहम चीज भारत के लोगों की अभिव्यक्ति है। मुझे हर राज्य और हर राजधानी के नाम सिखाए गए। मुझे बताया गया कि आपकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण काम भारत के हर व्यक्ति की आवाज की रक्षा करना होगा—किसी एक राज्य, एक भाषा, एक इतिहास या एक परंपरा की नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की। इसी विचार के साथ मैं राजनीति में आया। और उस विचार की रक्षा करने वाली संरचना लोकतांत्रिक ढांचा थी। हमने चुनाव लड़े हैं। आपने चुनाव लड़े हैं। जीत और हार होती है। इस कमरे में कोई ऐसा नेता नहीं है जो यह न सोचता हो कि एक दिन मैं चुनाव हार सकता हूँ। यही लोकतंत्र की प्रकृति है। यह भारत के लोगों की अभिव्यक्ति है, और लोग अपना मन बदल सकते हैं। लेकिन 2014 के बाद किसी वजह से यह रुक गया। राज्य-दर-राज्य—मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र—में यह रुक गया। सच कहूँ तो हम सब सदमे में थे। मैं खुद यह सवाल पूछने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था कि क्या भारतीय लोकतंत्र नष्ट हो गया है❓ मेरे लिए यह भारत का ही नहीं, मेरे पूरे अस्तित्व का बुनियादी स्तंभ है। इसलिए संदेह होने पर भी मैंने इसे कभी नहीं कहा। जब मुझे 100% सबूत मिले—हटाने, जोड़ने और वोटर लिस्ट में बदलाव के लाखों लोगों के सबूत—तभी मैंने यह सवाल उठाना शुरू किया। कई देशभक्त चुपचाप हरियाणा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश में काम कर रहे थे। उन्होंने मुझे ब्लैक एंड व्हाइट सबूत दिए। कृपया समझें - अगर लोकतांत्रिक संरचना में समस्या है, तो संविधान काम नहीं करता। अगर संविधान काम नहीं करता, तो संसद में बने हर कानून अवैध हो जाते हैं। हम कभी इस जगह पर नहीं पहुँचे थे, और अब पहुँच रहे हैं। धीरे-धीरे ज्यादा लोग मानने लगे। आज ज्यादातर भारत मानता है कि भारतीय लोकतंत्र और स्वतंत्रता का सितारा अस्त हो गया है। कोई कहता है कि चुनावी सुधारों पर सोचना होगा। मत सोचिए कि सिर्फ ज्ञानेश कुमार को हटाकर समस्या हल हो जाएगी। यह ज्ञानेश कुमार से कहीं गहरी समस्या है। इसके लिए मौजूदा सरकार को समाप्त करना पड़ेगा, और फिर जो नुकसान हुआ है उसकी मरम्मत में सालों लगेंगे। कृपया समझें कि यह देशद्रोह का कृत्य है। यह हर उस चीज के खिलाफ है जिसके लिए हम खड़े हैं। यह हर भारतीय की अभिव्यक्ति के खिलाफ है। यह इस देश की आत्मा के खिलाफ है। मैं अपने बारे में कह सकता हूँ, और मुझे यकीन है कि आप सब भी ऐसा ही महसूस करते हैं—यह लड़ने लायक और मरने लायक चीज है। आज हम राष्ट्रपति के पास जा रहे हैं। कुछ दिन पहले इस देश के सभी विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्त से मिलना चाहा। हमें उठाकर हिरासत में डाल दिया गया। समझें कि वह सिर्फ एक service provider है। वह कोई राजा नहीं है। उसका काम भारत के लोगों और उनके चुने हुए प्रतिनिधियों को सेवा देना है। और वह भारत के चुने हुए प्रतिनिधियों से कहता है कि वह उनसे नहीं मिलेगा। वह अपने आप को समझता क्या है❓ यह भारत के लोगों की आवाज है। आप लोग इस देश के 65% लोगों की आवाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। और यह आदमी सोचता है कि वह आपको बताएगा कि आप उससे नहीं मिल सकते। वह हमसे मिलेगा। और आप जानते हैं वह हमसे कहाँ मिलेगा...जेल की कोठरी में। वहीं वह हमसे मिलेगा। मैं आपने जो किया है उस पर बेहद गर्व महसूस करता हूँ। आप अभी एक समूह के रूप में अपनी ताकत को कम आंक रहे हैं। आपने इस सरकार की नींव हिला दी है। और अगर हम पिछले 3-4 दिनों की तरह दबाव बनाते रहे, तो मैं गारंटी देता हूँ कि यह सरकार गिर जाएगी। क्योंकि हमारे साथ भारत के लोगों की अभिव्यक्ति खड़ी है। हम भारत के लोगों के समर्थन के बिना कुछ नहीं हैं, और हमारे पास भारत के लोगों का पूरा समर्थन है।
आने वाली पीढ़ियां अपने पूर्वजों पर हंसेंगी कि उनके पास इतना शानदार पढ़ा-लिखा दूरदर्शी सोच वाला नेता था फिर भी वे एक नफरती इंसान को बार-बार सत्ता देते रहे... सेंट्रल हॉल में दिया राहुल गांधी का ये शानदार भाषण जरूर सुनिए👇
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चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। यह स्वतंत्र संस्था है और इसे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार है। लेकिन उन्हें स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने नहीं दिया जा रहा है। चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने खुलकर उजागर किया है कि आयोग किस तरह काम कर रहा है, उसमें किस प्रकार की अनियमितताएँ हो रही हैं और आयोग के सदस्य स्वयं इस स्थिति को लेकर क्या महसूस कर रहे हैं। इसके बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि वे चाहते हैं कि वोट चोरी जारी रहे। अब तक जितनी भी वोट चोरी की गई है, उसी के बल पर केंद्र और राज्यों में सरकारें बनाई गई हैं। ऐसा माहौल तैयार करने के लिए मोदी जी ने 2023 में एक कानून बनाया, जिसके माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण दिया गया। उन्हें ऐसी छूट दी गई, जो भारत के राष्ट्रपति या देश के मुख्य न्यायाधीश को भी प्राप्त नहीं है। लेकिन एक चुनाव आयुक्त को यह विशेष संरक्षण क्यों दिया गया? यह संरक्षण देने के बाद वोट चोरी, EVM और चुनावी घपले की यह पूरी प्रक्रिया शुरू की गई। CEC चाहे कितनी भी गलतियाँ करें, उन्हें जीवनभर उन गलतियों के लिए जवाबदेही से छूट दे दी गई है। इसका सीधा अर्थ है कि यह जनता के वोट छीनने और लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी करने की एक साजिश है। यही सब किया जा रहा है और हम इसके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। 📍बेंगलुरु, कर्नाटक
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RSS से ज़्यादा काइयाँ संगठन नहीं देखा। अरे भाई, जब कुछ करते हो तो गर्व से सीना ठोक के श्रेय लो। गांधी की हत्या भी करेंगे श्रेय भी नहीं लेंगे; बाबरी मस्जिद गिराएँगे, लेकिन श्रेय नहीं लेंगे; सड़क पर दंगे और गुंडागर्दी करेंगे लेकिन श्रेय किसी और को देंगे।
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It's Tomorrow!!! Mogambo Modi, Your Game Is Over!
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हम भारत के लोग... ये देश हमारा है, किसी के बाप की जागीर नहीं। हम देश के गद्दारों के ख़िलाफ़ आँख में आँख डालकर डटकर मुकाबला करेंगे। सभी लोकतंत्र और संविधान प्रेमियों से अपील है कि कल, 12 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले विशाल मार्च में ज़रूर शामिल हों। चलो दिल्ली!
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Tomorrow, 12th October, India marches peacefully as one to the Supreme Court. Students, civil society organisations, Opposition parties: Please join us to defend our democracy. #ChaloDilli
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"लड़की के मुंह से खून निकल आया... उसके पेट पर लातें मारीं, वो बिलख-बिलख कर रो रही थी, फिर भी नहीं छोड़ा! और सामने खड़ी पुलिस कहती है, 'हमारे आगे तो कुछ हुआ ही नहीं'..." "जो मार रहे हैं उन्हें पुलिस कुछ नहीं कह रही, और जो पिट रहा है उसे ही डिटेन किया जा रहा है!" जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस के पास CJP प्रोटेस्ट के दौरान आखिर क्या हुआ? देखिए चश्मदीदों के रोंगटे खड़े कर देने वाले दावे...
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Just see closely.. the police officer whispered something in the ear's of this RSS goon and then he ran towards camera to shut down his gundagardi being caught in camera
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नरेंद्र मोदी को ऐलान कर देना चाहिए कि अब इस देश में सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने आज ही पुलिस को आदेश दिया है कि पत्रकारों को अपना काम करने दो, आज ही दिल्ली पुलिस पत्रकारों को डिटेन कर रही है। दूसरे पत्रकार कह रहे हैं कि वह मीडिया से है, पुलिस को कोई फर्क नहीं पड़ता। मोदी और शाह ने ज्ञानेस की तरह हर संस्था से कह दिया है कि देश के कानून को मत मानो। हमारा काला कानून लागू करो और देश को नरक बना दो।
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Yesterday, the nation's young came out in Delhi to peacefully protest. They came with love in their hearts, not hatred or anger. They were beaten, both by cops and BJP goons. This is not the India we want. Tomorrow, we will march to the Supreme Court as Indians, united beyond party, gender, caste, community and state. Youth, all opposition parties, civil society groups, all those who believe in democracy and stand by the Constitution of India, will walk with us. We will submit a memorandum to the Chief Justice on behalf of the nation, demanding an end to vote chori, halting of SIR and the resignation of Gyanesh Kumar. Narendra Modi, Amit Shah, Ajit Doval and Mohan Bhagwat cannot silence India's voice. These cowards cannot intimidate us. They will have to step aside. We will march together, with love, brotherhood and patriotism. Daro mat. Tomorrow, all of India will march to the Supreme Court. कल दिल्ली में देश का युवा शांतिपूर्ण विरोध के लिए सड़कों पर उतरा। उनके दिलों में नफ़रत या गुस्सा नहीं, मोहब्बत थी। लेकिन उन्हें पुलिस और BJP के गुंडों, दोनों ने पीटा। ऐसा भारत हम नहीं चाहते। कल, सोमवार 12 अक्टूबर को, हम भारतीय होने के नाते सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। पार्टी, महिला-पुरुष, जाति, समुदाय और राज्य की हर दीवार से ऊपर उठकर, हम सब एक साथ चलेंगे। देश का युवा, तमाम विपक्षी दल, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले, भारत के संविधान के साथ खड़े सभी लोग हमारे साथ चलेंगे। हम देश की ओर से मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपेंगे। हमारी माँग है - वोट चोरी बंद हो, SIR पर रोक लगे और ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें। नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोभाल और मोहन भागवत भारत की आवाज़ को दबा नहीं सकते। ये कायर हमें डरा नहीं सकते। इन्हें पीछे हटना ही होगा। हम सब साथ चलेंगे - मोहब्बत, भाईचारे और देशभक्ति के साथ। डरो मत। कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा। #ChaloDilli
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Every time one thinks that Amit Shah’s Delhi Police couldn’t hit new lows, they go lower. Detaining and assaulting reporters from agencies, Malayalam journalists, independent bloggers and YouTubers - especially women - to hide your own crimes, is completely unforgivable. These honest journalists who are showing the ugly truth of this regime are being harassed to suppress the reality from being shown to the world. The Delhi Police has turned the entire city into a torture chamber where innocent citizens exercising their fundamental rights are being chased, thrashed and detained. All this, while vigilante groups aligned with the ruling regime are given a free hand to assault protesters - under full police protection. Modi-Shah are criminal-minded dictators who have decided to go to any lengths to save their regime from collapsing. They know their Vote Chori is out in the open and the public has completely turned against them. They should know very well that the youth of India are not cowards like them. No amount of brutality will deter their will to resist this regime. We, the people of India, will succeed. Our satyagrah will win.
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Congress Sevadal के आधिकारिक X अकाउंट को भारत में बैन करा दिया गया है। मोदी-शाह तानाशाही की सारी हदें पार कर चुके हैं। लोकतंत्र को खत्म करना चाहते हैं। अब बहुत हुआ... Mogambo Modi का यह खेल ज्यादा दिन नहीं चलेगा। जनता सबक सिखाएगी।
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The Game Is Over For Them 👇
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"𝑺𝒕𝒖𝒅𝒆𝒏𝒕𝒔 𝒐𝒇 𝑰𝒏𝒅𝒊𝒂, 𝒚𝒐𝒖 𝒂𝒓𝒆 𝒓𝒆𝒇𝒖𝒔𝒊𝒏𝒈 𝒕𝒐 𝒍𝒆𝒕 𝒂 𝒄𝒐𝒓𝒓𝒖𝒑𝒕 𝒔𝒚𝒔𝒕𝒆𝒎 𝒅𝒊𝒄𝒕𝒂𝒕𝒆 𝒚𝒐𝒖𝒓 𝒇𝒖𝒕𝒖𝒓𝒆. 𝑰 𝒂𝒎 𝒑𝒓𝒐𝒖𝒅 𝒐𝒇 𝒚𝒐𝒖𝒓 𝒄𝒐𝒖𝒓𝒂𝒈𝒆. 𝑰 𝒔𝒕𝒂𝒏𝒅 𝒘𝒊𝒕𝒉 𝒚𝒐𝒖. 𝑻𝒐𝒈𝒆𝒕𝒉𝒆𝒓, 𝒘𝒆 𝒘𝒊𝒍𝒍 𝒅𝒆𝒎𝒐𝒍𝒊𝒔𝒉 𝒕𝒉𝒊𝒔 𝑴𝒐𝒈𝒂𝒎𝒃𝒐 𝑴𝒐𝒅𝒊 𝒓𝒆𝒈𝒊𝒎𝒆."
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