Nothing is more important than SAVING LIVES. Keep Faith in HUMANITY. 🙏😷🩸🇮🇳

Joined September 2011
Replying to @DChaurasia2312
यह तो होना ही था फटकार भी लगनी थी, जबरदस्त डांट भी कसकर लगनी थी, बेइज्जत भी करना था, वह तो शुक्र करो कि सीधे काले पानी की सजा नहीं दी। आख़िर ज़मानत लेनी थी तो पहले बलात्कारी होना था पर दोनों लड़के बलात्कारी नहीं थे, यदि बलात्कारी होते तो इज्जत से ज़मानत भी मिलती और एक खास संस्कारी पार्टी के नुमाइंदे माला भी पहनाते और गोदी मीडिया के टॉमी पव्वा लगाकर स्टूडियो में जश्न मना रहे होते और उनकी तारीफों में कविताएं और गीत सुना रहे होते। यह नया भारत है जहां पर यदि इज्जत चाहिए, जमानत चाहिए तो पहले राम रहीम, आसाराम जैसे बनो फ़िर आपको वह सब मिलेगा जो भगवान से मांगने पर भी नहीं मिलता है। वैसे जज साहब का एक तर्क़ तो बहुत ही जोरदार है कि जब आप जेन जी नहीं है, छात्र नहीं है तो आंदोलन क्यों कर रहे हैं। यह तो वही बात हुई कि किसी महिला के साथ यदि बलात्कार हो जाए तो उसकी आवाज कोई पड़ोसी, कोई समाज, कोई वर्ग नहीं उठा सकता, आवाज सिर्फ वही महिला और उसके परिवार वाले ही उठाएंगे, गजब! शुक्र करिए इतनी मेहनत के बाद ऐसा नया भारत बना है, उसके लिए तो संस्कारी पार्टी को सेल्यूट देना तो बनता है।
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Replying to @AshokShrivasta6
समय सबका आता है। समय आ भी रहा है धीरे-धीरे सबको मालूम चल जाएगा।
Replying to @MediaHarshVT
समय सबका आता है, आएगा और आ रहा है धीरे धीरे!
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Replying to @sunilgurjar01
Income inequality is so much worse in India, and the sad part is that many do not want to acknowledge it, cos they can not digest the real picture/truth, as they follow a stupid ideology that believes in Hindu-Muslim and Mandir-Masjid. The real picture of India will make you sick. As a nation, we have failed; the worst is yet to come. I have seen so many brilliant students; they don't want to live in India; they prefer to live outside India, as they see that their voice and other voices don't matter to the political party, system, and the judiciary. Some brilliant physics-backed students, after getting a PG and a Ph.D., got jobs at ISRO, but they didn't accept and went abroad for a peaceful life. When we fail to attract brilliant minds, what will be the condition of India after 10-15 years? The thought and condition will make you shiver. The present situation is very alarming.
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Replying to @OpIndia_in
पर इस वीडियो में तो जब सवाल पूछा गया तो दीदी भागने लगीं। स्क्रिप्ट ज़ोरदार होनी चाहिए, वह स्क्रिप्ट भी क्या जो क्षण भर में ही चकनाचूर हो जाए और भेद खुल जाए। चलो अगली बार दोबारा से कोशिश करनी चाहिए!! 😜😄😂
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Dear I am concerned that how our youth trapped and being used. I don't rely on social media or Godi media news. Just giving you some clue. Go and google Golden Triangle and Manipur connection, and also search Sushant Rajput angle in that. You will get an idea why Manipur is still burning. Also search Afghanistan and Adani port drug cartel and seizure of drugs. If Narcotics department seize drug from anywhere, they took custody of the owner too, but no one dare to touch Adani. Earlier, drugs were coming from Pakistan border but now that one is abandoned.
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Replying to @Sanjay_Dixit
मणिपुर में 2 साल से दंगे हो रहे हैं महिलाओं को नग्न घुमाया गया, हत्याएं हो रही है, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। 700 से ज्यादा किसान आंदोलन में मार दिए गए, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। देश का गौरव ऊंचा करने वाली, देश को सम्मान दिलाने वाली महिला खिलाड़ी बलात्कार के विरोध में जंतर मंतर पर धरने के लिए बैठी और उन पर अत्याचार किया गया, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। कॉकरोच प्रदर्शन में छोटी-छोटी छात्राओं और महिलाओं के साथ आमर्यादित व्यवहार किया गया, उनकी इज्जत उछाली गई और अपने गुंडों द्वारा उन्हें जलील और पीटा गया, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। इलेक्टरल बॉन्ड से करोड़ों रुपए की हेरा फेरी करी गई, देश के संसाधन लूटे गए, तब इन अंधभक्तों और अनपढ़ों के मुंह में दही जमा हुआ था। राम मंदिर में डाका डालकर राम जी को ही लूट कर ले गए, तब इन अंधभक्तों और अनपढ़ों के मुंह में सीमेंट भर गया था। देश की पर कैपिटा इनकम अंगोला जैसे भुखमरी वाले देश से भी कम हो गई, तब इन एन भक्तों और अनपढ़ों का पैर केले के छिलके पर फिसल गया था, मुंह से आवाज नहीं निकली। देश पर करोड़ अरबो रुपए का व्यापार घाटा चढ़ा दिया गया जो कि 2014 में 37.8 बिलियन था और 2025-26 में 112.16 बिलियन हो गया, तब इन अंधभक्त द्वारा अनपढ़ों को आंखें नहीं खुल रही थी। देश के नौजवान जो बेरोजगार है नौकरी मांग रहे हैं उन पर बेरहमी से लाठियां चलाई गई, सर फोड़ दिए गए, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। चीन अरुणाचल में अपनी कॉलोनी बना रहा है और गलवान में हमारी जमीन हथिया ली, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। वोट चोरी के हजारों सबूत सामने लाकर दे दिए, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। अब जब जनता उनके भ्रष्टाचार, नाकाम पॉलिसी और तानाशाही से परेशान होकर सड़क पर उतर रही है तो अंधभक्त, गोदी मीडिया और यह अनपढ़ चिल्ला रहे हैं कि देश में अराजकता हो रही है। देश में अराजकता नहीं हो रही है, देश में अब चेतना लौट आई है और जनता सारा खेल समझ चुकी है। जनता अब हिसाब मांग रही है और अब जो कंपकपी छूट रही है, डर और दहशत बढ़ रही है उसका परिणाम है कि कुछ गोदी मीडिया, अनदभक्त और अनपढ़ जोर जोर से चिल्ला रहे हैं, पर अब ज्यादा कुछ होगा नहीं। अब वक़्त न्याय का आ चुका है।
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Replying to @GouravVallabh
मणिपुर में 2 साल से दंगे हो रहे हैं महिलाओं को नग्न घुमाया गया, हत्याएं हो रही है, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। 700 से ज्यादा किसान आंदोलन में मार दिए गए, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। देश का गौरव ऊंचा करने वाली, देश को सम्मान दिलाने वाली महिला खिलाड़ी बलात्कार के विरोध में जंतर मंतर पर धरने के लिए बैठी और उन पर अत्याचार किया गया, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। कॉकरोच प्रदर्शन में छोटी-छोटी छात्राओं और महिलाओं के साथ आमर्यादित व्यवहार किया गया, उनकी इज्जत उछाली गई और अपने गुंडों द्वारा उन्हें जलील और पीटा गया, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। इलेक्टरल बॉन्ड से करोड़ों रुपए की हेरा फेरी करी गई, देश के संसाधन लूटे गए, तब इन अंधभक्तों और अनपढ़ों के मुंह में दही जमा हुआ था। राम मंदिर में डाका डालकर राम जी को ही लूट कर ले गए, तब इन अंधभक्तों और अनपढ़ों के मुंह में सीमेंट भर गया था। देश की पर कैपिटा इनकम अंगोला जैसे भुखमरी वाले देश से भी कम हो गई, तब इन एन भक्तों और अनपढ़ों का पैर केले के छिलके पर फिसल गया था, मुंह से आवाज नहीं निकली। देश पर करोड़ अरबो रुपए का व्यापार घाटा चढ़ा दिया गया जो कि 2014 में 37.8 बिलियन था और 2025-26 में 112.16 बिलियन हो गया, तब इन अंधभक्त द्वारा अनपढ़ों को आंखें नहीं खुल रही थी। देश के नौजवान जो बेरोजगार है नौकरी मांग रहे हैं उन पर बेरहमी से लाठियां चलाई गई, सर फोड़ दिए गए, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। चीन अरुणाचल में अपनी कॉलोनी बना रहा है और गलवान में हमारी जमीन हथिया ली, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। वोट चोरी के हजारों सबूत सामने लाकर दे दिए, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। अब जब जनता उनके भ्रष्टाचार, नाकाम पॉलिसी और तानाशाही से परेशान होकर सड़क पर उतर रही है तो अंधभक्त, गोदी मीडिया और यह अनपढ़ चिल्ला रहे हैं कि देश में अराजकता हो रही है। देश में अराजकता नहीं हो रही है, देश में अब चेतना लौट आई है और जनता सारा खेल समझ चुकी है। जनता अब हिसाब मांग रही है और अब जो कंपकपी छूट रही है, डर और दहशत बढ़ रही है उसका परिणाम है कि कुछ गोदी मीडिया, अनदभक्त और अनपढ़ जोर जोर से चिल्ला रहे हैं, पर अब ज्यादा कुछ होगा नहीं। अब वक़्त न्याय का आ चुका है।
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Replying to @KirenRijiju
मणिपुर में 2 साल से दंगे हो रहे हैं महिलाओं को नग्न घुमाया गया, हत्याएं हो रही है, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। 700 से ज्यादा किसान आंदोलन में मार दिए गए, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। देश का गौरव ऊंचा करने वाली, देश को सम्मान दिलाने वाली महिला खिलाड़ी बलात्कार के विरोध में जंतर मंतर पर धरने के लिए बैठी और उन पर अत्याचार किया गया, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। कॉकरोच प्रदर्शन में छोटी-छोटी छात्राओं और महिलाओं के साथ आमर्यादित व्यवहार किया गया, उनकी इज्जत उछाली गई और अपने गुंडों द्वारा उन्हें जलील और पीटा गया, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। इलेक्टरल बॉन्ड से करोड़ों रुपए की हेरा फेरी करी गई, देश के संसाधन लूटे गए, तब इन अंधभक्तों और अनपढ़ों के मुंह में दही जमा हुआ था। राम मंदिर में डाका डालकर राम जी को ही लूट कर ले गए, तब इन अंधभक्तों और अनपढ़ों के मुंह में सीमेंट भर गया था। देश की पर कैपिटा इनकम अंगोला जैसे भुखमरी वाले देश से भी कम हो गई, तब इन एन भक्तों और अनपढ़ों का पैर केले के छिलके पर फिसल गया था, मुंह से आवाज नहीं निकली। देश पर करोड़ अरबो रुपए का व्यापार घाटा चढ़ा दिया गया जो कि 2014 में 37.8 बिलियन था और 2025-26 में 112.16 बिलियन हो गया, तब इन अंधभक्त द्वारा अनपढ़ों को आंखें नहीं खुल रही थी। देश के नौजवान जो बेरोजगार है नौकरी मांग रहे हैं उन पर बेरहमी से लाठियां चलाई गई, सर फोड़ दिए गए, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। चीन अरुणाचल में अपनी कॉलोनी बना रहा है और गलवान में हमारी जमीन हथिया ली, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। वोट चोरी के हजारों सबूत सामने लाकर दे दिए, तब इन अंत भक्तों और अनपढ़ों को अराजकता नहीं दिखी। अब जब जनता उनके भ्रष्टाचार, नाकाम पॉलिसी और तानाशाही से परेशान होकर सड़क पर उतर रही है तो अंधभक्त, गोदी मीडिया और यह अनपढ़ चिल्ला रहे हैं कि देश में अराजकता हो रही है। देश में अराजकता नहीं हो रही है, देश में अब चेतना लौट आई है और जनता सारा खेल समझ चुकी है। जनता अब हिसाब मांग रही है और अब जो कंपकपी छूट रही है, डर और दहशत बढ़ रही है उसका परिणाम है कि कुछ गोदी मीडिया, अनदभक्त और अनपढ़ जोर जोर से चिल्ला रहे हैं, पर अब ज्यादा कुछ होगा नहीं। अब वक़्त न्याय का आ चुका है।
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