Replying to @ManishSharmaIYC
बाकी मस्ती कर रहे थे, पुरी जी मीटिंग कर रहे थे। फोटो में फॉर्मल ड्रेसिंग है। व्हाइटबोर्ड और पैड काम दिखाते हैं।
Protecting innocent lives must remain the highest priority.
Following the heartbreaking killing of three Meitei civilians near Nongshum, security forces conducted a joint operation in Phailenkot, Kangpokpi, leading to arrests and the recovery of a significant weapons cache.
Appreciation for the commitment and coordination of @crpfindia under the leadership of @gpsinghips.
जहाँ धर्म है, वहीं विजय का मार्ग है। धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, मर्यादा और कर्तव्य का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का जीवन भी धर्म, राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के संकल्प को समर्पित है। जब संकल्प सत्य का हो, उद्देश्य न्याय का हो और मार्ग धर्म का हो, तो संघर्ष कितना भी कठिन क्यों न हो, सत्य की आवाज़ सदैव प्रासंगिक रहती है।
योगी सरकार की बड़ी सौगात।
योगी सरकार गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। निजी स्कूलों में पढ़ने वाले पात्र बच्चों के अभिभावकों के खाते में ₹5,000 की सहायता सीधे भेजकर सरकार शिक्षा की राह आसान बना रही है। उद्देश्य साफ है, आर्थिक मजबूरी किसी बच्चे के सपनों के आड़े न आए और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा के साथ उज्ज्वल भविष्य का अवसर मिले।
अखिलेश यादव जी, सनातन का नाम आते ही आपकी पार्टी की राजनीति में सवाल क्यों खड़े होने लगते हैं? पीलीभीत में नवरात्रि के दौरान रामजी लाल सुमन और सपा नेताओं से जुड़ी मुर्गा पार्टी के मामले ने एक बार फिर धार्मिक आस्था और राजनीतिक जवाबदेही की चर्चा छेड़ दी है।
नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं को समझना हर सार्वजनिक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
ऐसे में समाजवादी पार्टी को इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राजनीति में बयान देना आसान है, लेकिन अपने नेताओं के आचरण पर उठे सवालों का जवाब देना भी नेतृत्व की जिम्मेदारी है। अखिलेश यादव जी, इस सवाल से बचने के बजाय जनता को जवाब दीजिए।




