तिम्रा प्रत्येक शव्दहरूसँग असहमती, तिम्रो बोल्ने एकाधिकारको अन्तसम्म प्रतिवाद!

Joined July 2024
वो लोग जिन्होंने हमेशा गलत राह पर चलने का जोखिम उठाया वो लोग जिन्होंने गलत लोगों पर भरोसा किया वो जिन्होंने चोट खाई, धोखा खाया, ठोकर खाई गिरे और धूल झाड़कर खड़े हुए वे कहां जाएंगे ?
हारे हुए लोगों के लिए कौन दुनिया बसाएगा ? उन पराजित योद्धाओं के लिए , तमाम शिकस्त खाए लोगों के लिए। प्रेम में टूटे हुए लोग, सारी जिंदगी को कहीं दांव लगाकर हारे हुए लोग थके-हारे लोग, गुमनाम लोग वो बूढ़े पिता जो अब अकेले रह गए हैं वो कल्पनाओं में खोया रहने वाला बच्चा जो परीक्षा में फेल हो गया है वो लड़की जो तेज कदमों से घर की तरफ लौट रही है वो बूढ़ा गुब्बारे वाला जो कांपते हाथों से पैसे गिनता है एक असफल लेखक मैच हार गया खिलाड़ी इंटरव्यू से वापस लौटा युवा और ऐसे तमाम लोग जिन्हें पता था कि वे सफल हो सकते हैं मगर उन्होंने असफलताओं से भरा रास्ता चुना, वो लोग जिन्होंने हमेशा गलत राह पर चलने का जोखिम उठाया वो लोग जिन्होंने गलत लोगों पर भरोसा किया वो जिन्होंने चोट खाई, धोखा खाया, ठोकर खाई गिरे और धूल झाड़कर खड़े हुए वे कहां जाएंगे ? क्या कोई ऐसी दुनिया होगी जहां दो हारे हुए इंसान एक-दूसरे की हथेलियां थामे कई पलों तक खामोश रह सकते हों अपनी चुप्पी में तकलीफ बांटते हुए। जिन्होंने इकारस की तरह सूरज की तरफ उड़ान भरी और उनके पंख पिघल गए हारे हुए लोगों के लिए कोई जगह नहीं है न किसी घर में, न समाज में, न किसी देश में। क्या जो विजेता थे वो इनसे बेहतर हैं? बेहतर थे? नहीं, वही हारा जिसने जिंदगी की अनिश्चितता पर यकीन किया वही जिसने अनजान रास्तों पर चलने का जोखिम उठाया जिसने गलती करनी चाही , जो मक्कार चुप्पियों के पीछे छिपा नहीं। जो बोल सकता था मगर बोला नहीं उसने वो चुना जिसे चुनने का कोई तर्क नहीं था सिवाय उसकी आत्मा के जो हारा आखिर वो भी एक नायक था। एक पराजित नायक के दर्द को कौन समझना चाहेगा? जाएंगे कहाँ सूझता नहीं चल पड़े मगर रास्ता नहीं क्या तलाश है कुछ पता नहीं बुन रहे हैं दिल ख़्वाब दम-ब-दम ~ दिनेश श्रीनेत 🌸🩶
1
28
राज्यका नीतिहरू तृणमूलको यथार्थबाट टाढिँदा र सबै सत्ता अन्तरनिहित चरित्रमा रमाउँदा वैश्विक युवा भविष्य असुरक्षित भयो। शासनहरू नागरिकको दैनन्दिन, आर्थिक कठिनाई र भावनाबाट धेरै पर छन्। त्यसैले अब आक्रोशको सस्तो लोकप्रियतावाद होइन तृणमूल तह केन्द्रित आशाको ठोस राजनीतिको विकल्प छैन।
किशोर र कनिष्ठ युवाहरु संसार भरि सडकमा निस्किएनका छन।धेरै ठाउँको स्थिति हेर्दा यो तहको उपद्रो जायज देखिन्न।के यी अपरिभाषित विद्रोहहरुको कारण कठोर तानाशाहीकरणको खाका तयार हुदै त छैन विश्वमा?
1
76
एक से एक जुड़कर दो होते है ये गणित कहता है एक से जुड़कर ग्यारह होना संगठन होता है।
2
92
1
554
16,813
बेताब है इस जहां की हर शय कहते हैं जिसे सुकून, नहीं है रहते हैं सितम-कश-ए-सफ़र सब— तारे, इंसां, शजर, हज़र सब ~अल्लामा इक़बाल 'सुकूँ-ओ-सिबात'
बेताब है इस जहां की हर शय…
1
1
2
125
केवल किरण retweeted
बेहतर समाज के निर्माण में शिक्षा और स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण योगदान होता है। —जाँ द्रेज़
8
384
3
1,293
14,060
कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता कहीं ज़मीन कहीं आसमाँ नहीं मिलता -निदा फ़ाज़ली
Today is the birthday of one of my favourites, Nida Fazli Sahab... His writing simplifies complex emotions... Just so good... घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूँ कर लें, किसी रोते हुए बच्चे को हँसाया जाए!
1
4
126
"गिरो गिरो, लेकिन गिरो तो उस झरने की तरह... जो पर्वत की ऊँचाई से गिरकर भी अपनी सुन्दरता खोने नहीं देता... ज़मीन के तह से मिलकर भी अपने अस्तित्व को नष्ट नहीं होने देता।" ~हृदय लानी
देहत्याग गर्नुभन्दा २९ वर्षअघि नाना पाटेकरले 'यशवन्त' नामक फिल्ममा आफ्नै भाषामा भनेका थिए, "उचाइबाट त्यसरी झर, जसरी झरना झर्छ । पर्वतको शिखरबाट झर्दा पनि उसले आफ्नो सौन्दर्य गुमाउँदैन ।" नाना पाटेकरले असोज २२ मा देह त्याग गरेकै दिन पूर्वराष्ट्रपति विद्या भण्डारी पनि पर्वतको शिखरबाट झरिन् र सोझै केपी ओलीको पाउमा बजारिइन् । उनी झरना होइन, लेदो मिसिएको बाढी जस्तै देखिइन् । त्यो पर्दैनथ्यो विद्या !
1
77
The recent climate-related tragedies we have been facing may be partly due to global warming, particularly in the developed world, but it is largely due to our uncontrolled and unplanned development efforts, reckless and ruthless exploitation of nature over the past few decades.
Something terribly wrong is happening in the Himalayan region of Nepal 🇳🇵
1
100
बन के इक दुर्घटना बाज़ार में आ जाएगा, जो नहीं होगा वो अख़बार में आ जाएगा। ~ राहत इन्दोरी
खबरें छुपाई जाती है अफवाहें उडाई जाती हैं, ये वो जमाना है जहाँ कहानी कुछ और होती है और सुनाई कुछ और जाती है।
1
2
1
7
729
केवल किरण retweeted
खबरें छुपाई जाती है अफवाहें उडाई जाती हैं, ये वो जमाना है जहाँ कहानी कुछ और होती है और सुनाई कुछ और जाती है।
8
1
22
1,953
किसी को मौत से पहले किसी ग़म से बचाना हो हक़ीक़त और थी कुछ उस को जा के ये बताना हो हमेशा देर कर देता हूँ मैं हर काम करने में.....
1
101
मैंने अपनी ही अना के साए में काटी है ज़िंदगी, आज शाम-ए-ज़िंदगी में सिर्फ़ तन्हाई ही बची है। #नेपाली_राजनीति #नेपाली_काँग्रेस #NepaliPolitics #NepaliCongress
सुवर्णजी एक्लै भएर वित्नु भयो,वीपी आफूलाई एक्लो बृहष्पति भनेर जानु भयो,सूर्यप्रसादजी वित्दा अस्पतालमा एकजना नि काँग्रेस थेनन,गणेशमानजीले काँग्रेस नै त्यागेर जानु भयो,किसुनजीको चिठ्ठी प्रशिद्धै छ , सेरबहादुरजी संभवत जीवनको अन्तिम राजनीतिक वहिस्करणलाई पर्खिरहनु भएकोछ- काँग्रेस एक माकुरे दृष्टान्त।
1
3
274
It is a double tragedy when a below-average performance from the representatives meets a below-average classification from the top. Leadership shines when it transforms the average, not when it merely labels it. #NepailPolitics #Governance #Leadership #BelowAvarege
7
141
आफूले आफैंलाई 'सम्माननीय' संवोधन त पदमा हुँदा पनि गरिन्न होला! अवाकाश पछि पनि 'सम्माननीय' भन्नु, लेख्नु त अती हो! नेपालको प्रधान न्यायाधीश (अवकाश प्राप्त) लेख्ने लेखाउने गरे हुने हो!
1
2
5
413
जलवायु संवाद (Climate talks) र जलवायु कार्य (Climate actions) बीचको खाडल नै वैश्विक र घरेलु जलवायु नीति र कार्यान्ययनको विरोधाभास हो। अन्तर्राष्ट्रिय मञ्चहरूमा गरिने अस्वाभाविक प्रतिबद्धता र तृणमूल तहमा पुग्ने वास्तविक प्रभावि कामहरू बीच अनेक तार्किक र व्यवहारिक विसंगतिहरू छन्।
1
3
1
10
995
यो फगत आफूलाई अभिव्यक्ति गर्ने कुनै सिर्जनशील, तथ्यपरक र बलियो राष्ट्रिय पहिचान बनाउन नसक्ने नेतृत्वले लामो समयदेखि बहसकालागि चलाईआएको भ्रम र विद्वत् वृत्तले त्यसैमा राग गाएको मात्र हो भनेमा अन्यथा हुनेछैन! यसले कुनै फाइदा दिएको या कठिनाई भएको छैन।
Replying to @SomeshVerma
नेपालको विशिष्ट भू-राजनीतिक संवेदनशीलता को राग कहिले सम्म चल्छ कुन्नि? नयाँ राग गाए हुने हो अब त, कि त तेस्लाई नै री-मिक्स गरे हुने!
1
1
249
कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिए, कहाँ चराग़ मयस्सर नहीं शहर के लिए। ~ दुष्यन्त कुमार
मैले भाषण हेरिन । राम्रो, नराम्रो जे भयो सकियो । मलाई त देश नै भाषणमा झुम्मिएको देखेर ताज्जुब लागेको छ । यो obsession ले शायद यो बताइरहेको छ कि नेपालीहरू असाध्यै असाहाय र निरास अनुभव गरिरहेका छन् र विश्वबाट सहारा र सहानुभूति खोजेका छन् । यो भाषणसँग जोडिएको देशव्यापी चासोले प्रधानमन्त्रीको व्यक्तित्वलाई लिएर बनिरहेको निर्भरता पनि उजागर गरेको छ । वालेन देउता होइनन्, तर उनका समर्थक र विरोधी सबैले उनलाई थाम्नै नसक्ने भारी बोकाइरहेका छन् । नेपालले यी दुवै मानसिकताबाट मुक्त हुन जरुरी छ । यो भाषण नेपालको जीवन-मरण तय गर्ने घटना थिएन, न वालेन देउता हुन् ! तु खुदा हे न मेरा इश्क फरिस्तों जेसा दोनो इन्सां हे तो क्यूं इतने हिजाबों से मिले ?? कि कसो ?
1
4
654
|| विकसित भारत ||
आन्ध्र प्रदेश र उडिसामा चक्रवातको आतंक छ । तीन दिनदेखि प. बंगालदेखि नेपालमै समेत लगातार वर्षा छ । उता भारतीय च्यानलका हेडलाईन यस्ता छन्: -केन्द्र सरकार पर राहुलका बडा हमला -ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग की तयारी -युपी में चुनावी संग्राम सुरू धत् !!!
1
1
392
Finding comfort in the bittersweet tunes of autumn music, while watching Nepal’s skies weep with unnatural fury. Climate change has turned our most romantic season into a time of caution and anxiety. Stay safe everyone! #ShorterAutumn #AutumnRain #ClimateChangeIsReal #Nepal
1
75
अपनी हर फतह पर इतना गुरूर मत कर, मिट्टी से पूछ आजकल सिकंदर कहां है...
"अपनी" हर "फतह" पर इतना "गुरूर" मत कर...! "मिट्टी" से पूछ "आजकल" "सिकंदर" कहां है...!!
4
546