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एक हॉस्पिटल में लगभग तीन हफ़्ते से ज़्यादा का समय (27 DECEMBER से )अपनी माँ की हृदय से संबंधित बीमारी के इलाज के लिए बिता चुका हूँ आगे नहीं पता कितना समय ऑर लगेगा।अस्पताल में भर्ती होने के प्रारंभिक दिनों में माँ की तबीयत बहुत ही अन्स्टेबल थी । वाइटल की रीडिंग बहुत ही अप एंड डाउन थी ।हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर और उनकी टीम ने बहुत ही बेहतरीन तरीके से इन्वेस्टीगेशन और इलाज किया जिससे उनकी स्थिति में स्टेबिलिटी आई ।डॉक्टर के इन्वेस्टीगेशन और सभी प्रक्रिया से गुजरने के बाद ये प्रकाश में आया ही माता जी का CABG और MVR का ऑपरेशन होना है ।इसमें ओपन हार्ट सर्जरी और हृदय का वॉल्व बदलने की प्रक्रिया होती है ।चूँकि माता जी का इलाज सीजीएचएस पैनल से होना था तो इसके लिए CGHS वेलनेस सेंटर से रेफरल की जरूरत पड़ती है । रेफरल दो तरीके से मिल सकता है। इनपेशेंट डिपार्टमेंट और आउट पेशेंट डिपार्टमेंट दोनों स्थिति में रेफरल लेने की प्रक्रिया अलग अलग है । इनपेशेंट के मरीजों का रेफरल अगर हॉस्पिटल चाहे तो स्वयं सीजीएचएस के एडिशन डायरेक्टर को लिखकर रेफरल ले सकता है । दूसरा प्रोसेस होता है आउट पेशेंट डिपार्टमेंट रेफरल । इसमें पहले पेशेंट को स्टेबलाइज किया जाता है फिर उन्हें डिस्चार्ज करके संबंधित ऑपरेशन के लिए रेफरल लाने की नसीहत दी जाती है ।मेरे केस में मम्मी की स्थिति ये नहीं थी की मम्मी को डिस्चार्ज कराकर सीजीएचएस सेंटर ले जाकर सर्जरी और उसमे लगने वाले इक्विपमेंट का रेफरल ला पाऊँ ।यहाँ हॉस्पिटल का ये नैतिक धर्म था कि वो स्वयं मेल या किसी भी माध्यम से सीजीएचएस पैनल से मरीज की स्थिति अनुसार क्या क्या जरूरी है उसका रेफरल ले सकता था लेकिन हॉस्पिटल ने ऐसा कुछ नहीं किया ।अपनी बिल से संबंधित कुछ समस्या के कारण अस्पताल प्रशासन के रेस्पोंसिबल पर्सन ने कुछ अलग ही निर्णय लिया जो सभी नियमों को ताक पर रख कर दिया गया । पेशेंट के अटेंडेंट को स्वयं रेफरल बनवाने के लिए डिस्चार्ज समरी दी गई ।सिर्फ डिस्चार्ज समरी पर रेफरल कैसे बनाता है पता नहीं कैसे बनता है ।किसी तरह मरीज का अटेंडर परेसान होकर रेफरल लेकर आया तो ,रेफरल देखकर डिस्चार्ज किया गया ताकि आठ से बारह घंटे बाद पुनः एडमिशन ले सके ।इसमें यहाँ ये ध्यान देने वाली बात है कि मरीज़ भर्ती होने के बाद भी रेफरल बनवाने के लिए अटेंडेंट को बोला जा रहा है ।अटेंडेंट जब रेफरल बनवा के ला रहा है तो उसके बाद शाम को डिस्चार्ज किया जा रहा है ।कॉर्पोरेट हॉस्पिटल की इकॉनमी इतनी बड़ी होती है फिर भी ये लोग अपने कर्मचारियों को सही नियम क्यों नहीं समझा पाते ?मरीजों के लिए हॉस्पिटल मंदिर की तरह होता है ,यहाँ काम करने वाले सभी लोगों के प्रति मरीज़ो के मन में श्रद्धा होती है ।जीडीए से लेकर HOD तक सबके प्रति सम्मान।उसके बाद भी अगर मरीज़ का सही समय पर सही इलाज ना हो तो तकलीफ़ होती है । कोई भी मरीज़ और अटेंडेंट हॉस्पिटल में अपना घर नहीं चाहता उसक ये चाहिए होता है कि जितना जल्दी से जल्दी हो सके उसको सही इलाज़ मुहैया हो सके । अगर रेफरल सिर्फ़ प्रोसीजर का आया है तो अस्पताल चाहे तो जीवन रक्षा के लिए आकस्मिक सर्जरी करके उसमे वॉल् रिप्लेसमेंट कर सकता है ।गार्डियन से उसका डिफरेंस भरने को कह सकता है । बाद में मरीज के अटेंडेंट चाहे तो अस्पताल के द्वारा आकस्मिक वाल्व रिप्लेसमेंट दिखाकर रीइंबर्समेंट करवा सकता है बाद में यदि नहीं भी होता है तो वो जिम्मेदारी अटेंडेंट की होगी उससे आप अंडरटेकिंग ले लीजिए । ये इतना सरल प्रक्रिया है फिर भी @MaxHealthcare आप लोगों को सर्जरी करने में क्या दिक्कत आ रही हैं पता नहींIमैं 15 जनवरी से पुनः एडमिशन सर्जरी के लिए लिया हूँ अभी तक सर्जरी की डेट डिसाइड नहीं हुई है। कृपया करके मैटर को संज्ञान में लें एवं जितना जल्दी हो सके इसका हल बताए अगर सर्जरी नहीं करनी हो तो किसी और हॉस्पिटल में कारण सहित रेफेर करें । @IMAIndiaOrg @UPGovt @MoHFW_INDIA @WHO @JPNadda @myogiadityanath @Voiceofpavan @vkjatav84 @DalitTime @SamarRaj_ @Imran_Shakeel_ @AbhaySoi @narendramodi @ravish_journo @SonuSood @Mayawati @yadavakhilesh @BhimArmyChief @brajeshpathakup @kpmaurya1
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एमएलसी स्नातक/शिक्षक शीट को कोई पूछता नही था क्योंकि इसमे कुछ हजार ही वोट करते है. वैसे भी एमएलसी चुनाव को कोई सीरियस नही लेता है। लेकीन इस बार के उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी शीट को मीडिया मैनेज करके ऐसा दिखाया गया जैसे यह विधानसभा चुनाव का रिजल्ट तय कर रहा है। वास्तव में;
1.यह जानबूझकर भाजपा करवा रही है। मीडिया इस चुनाव को इतना महत्व दे रही है इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
2.इन 11 शीट पर जानबूझकर भाजपा ने मजबूती से चुनाव नही लड़ा, नही तो 11 की 11 भाजपा जितने की स्तिथि में थी क्योंकि एमएलसी चुनाव पर सत्ता का प्रभाव रहता है।
3.जानबूझकर भाजपा ने समाजवादी को 11 में से 5 शीट जितवाई है।
कारण?
4.मुस्लिम को दिखा सके कि सपा फाइट में है। मुस्लिम ने 2022 में 95% तक वोट सपा को दिया। भाजपा का कुछ नही हुआ। इसलिए मुस्लिम 100% भी सपा को देगी तो भाजपा प्रचंड बहुतम से पुनः आ रही है। क्योंकि 100% मिलने पर भी बाकी का वोट कँहा से लाओगे? यादव पूरे उत्तर प्रदेश में केवल पूर्वांचल व बुलदेलखण्ड की लगभग 50 शीट से 80 शीट पर ही अच्छी तादात में है और वँहा मुस्लिम कम है। बाकी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर आसपास के एरिया में यादव वोटर्स निर्णायक तक नही है।।
5.पांच साल पहले एक मुस्लिम युवक मिला, कहने लगा भाई, बसपा के लिए काहे लिखते हो, सपा के लिए लिखो, इस बार सरकार बन रही है, विधायक व एक पूर्व सांसद जी आपके पास लेकर आयेंगे। मेने उसे जब आंकड़ा दिया कि मुस्लिम 100% सपा को वोट दे देगा तो भी भाजपा नही जाएगी। उसने कहा कि अत्यंत ओबीसी जातिया नेताजी के सम्मान करती है वो वोट देगी। मेने कहा कि अत्यंत ओबीसी जातिया ही कट्टर हिंदुत्व में है, अपने आसपास किसी धीमान, सैनी व अन्य से जाकर पूछना सपा को नही देंगे क्योंकि ओबीसी को यह भी डर है कि सपा सरकार में 80% तक पद पर यादव बैठा देती है। अब चाहे सम्भव न हो लेकिन यह डर है। ऊपर से सपा लोकसभा, राज्यसभा से लेकर महत्वपूर्ण पदों पर परिवार, खानदान, दूर के रिश्तेदारों को बैठा देती है। यह डबल डर ओबीसी को है कि सपा आई तो जो 27% में कुछ मिल रहा है वो भी नही मिलेगा।
वो बेचारा उस दिन टेंशन में आ गया गया। चुनाव परिणाम भी वो ही आये जो मेने बताये थे।
6.सपा लॉलीपॉप पकड़ाती है। लोकसभा चुनाव में भाजपा की 240 आने पर मुस्लिम को पकड़ाया की मोदी नही बनेगा, जब बन गया तब बताया कि बस कुछ दिन में सरकार पलट देंगे। मेने आंकड़ों के साथ बताया कि 5 साल तक कोई हिला नही सकता , जिसपर सपाई ही नही कोंग्रेसी भी बिलबिला दिए।
7.सीधी बात है कि
"सच्चाई स्वीकार करो। वर्तमान में भाजपा पुनः प्रचंड बहुमत से आ रही है। यह केवल तभी रुक सकता है जब मुस्लिम बसपा को वोट करे क्योंकि बसपा का कट्टर वोटर्स हिमाचल पोटे शा-बेहट(सह्यरणपुर) के अंतिम गाँव से लेकर बलिया-बिहार के अंतिम गांव तक हर गाँव मे है"
नही तो इस बार के चुनाव भी फॉर्मलटी से ज्यादा कुछ नही। सपा को बस यह लाभ है कि मुस्लिम जितने विधायक बनाएंगे उससे उधोगपतियों को राज्यसभा भेजकर नोट चन्दा के रूप में ले लेंगे व कुछ परिवार के लोगो को राज्यसभा भेज देंगे।
बाकी इससे ज्यादा कुछ परिवर्तन होने वाला नही है।।
विकास कुमार जाटव
@Mayawati
@AnandAkash_BSP
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Peaceful protest isn’t crime in India???
Then
Must answer this questions???
@CPMumbaiPolice @DGPMaharashtra @MumbaiPolice @iitbombay
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इन्हें आप इंग्लिश की बेहतरीन रिपोर्टर इसलिए कह सकते हैं क्योंकि एक तरफ अर्नब की तरह चिल्लाने वाले प्रोपेगैंडिस्ट हैं, दूसरी तरफ BBC के मुर्दा प्रेजेंटर्स।
तीसरी तरफ़ लिबरल्स एलीट जिनके शब्द और सेंटेंस में कंटेंट कम, यू नो, यू नो, या, या ज्यादा रहता है।
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Replying to @The_Gaharwar
झूठे हैं आप
समाजवादी उम्मीदवार था कांशीराम के मुकाबले पर उस चुनाव का नतीजा और वोट देखें •
कांशीराम (बसपा): 1,44,290 वोट (विजेता)
• लाल सिंह वर्मा (भाजपा): 1,21,824 वोट
• राम सिंह शाक्य (सजपा/जनता दल): 82,624 वोट
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ऐसा क्या हो गया है की कल लखनऊ आने जाने वाली ट्रेन डाइवर्ट करके लखनऊ को रूट से हटा दिया गया है?
आजतक मेरे मन में किसी भी एक्टर की फोटो अपने घर में नहीं लगायी ।आज नाना के जाने के बाद उनकी फोटो घर में लगाने का मन हुआ ।
RIP नाना साहेब
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विधायक "पूजा पाल" ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ की तो 1 घंटे में ही उनको समाजवादी पार्टी ने निकाल दिया।
"धनराज नाथवानी" को मोदी जी की तारीफ़ किए हुए लगभग 10 घंटे हो चुके हैं।
अभी तक इनको क्यों नहीं निकाला गया?!
चल @grok तू बता क्या कारण हो सकता है??
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9 अक्टूबर को बहुजन विचारधारा के जनक, जिनके सिद्धांतो पर ही;
1.बहुजन समाज का निर्माण हुआ।
2.अत्यंत ओबीसी में राजनैतिक चेतना का आगमन हुआ।
3.भाजपा व आरएसएस को "कैडर" नीति पर "गाँव चलो" अभियान पर चलना पड़ा।
4.कोंग्रेस को "जिसकी जितनी जनसँख्या, उतनी हिस्सेदारी" की तर्ज पर "जितनी जनसँख्या, उतना हक" तक कहना पड़ा।
5.सपा को "बहुजन" नाम से प्रेरित "पीडीए" करना पड़ा।।
उन बहुजन महापुरुष मान्यवर साहब कांशीराम का महापरिनिर्वाण दिवस है। ।।
याद है न।।
आप कैसे याद करेंगे?
मान्यवर साहब की "Pay back to Society" जो ज्ञान देकर, मनोबल देकर, शिक्षा के प्रति प्रेरित करके, सक्षम द्वारा अत्यंत गरीब छात्र छात्राओं की मदद करके, व अन्य प्रकार से मदद में समाज की अधिकतर समस्याओं का हल है।
हम इसी परिपेक्ष में जनजागरूकता, शिक्षा का प्रसार, युवाओ को मनोबल व उनकी मदद के रूप में कार्यक्रम करके मान्यवर साहब को याद करेंगे।
जय भीम । जय भारत।
विकास कुमार जाटव।
@Mayawati
@AnandAkash_BSP
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सपा + गठबंधन = 105 विधायक
भाजपा + गठबंधन = 288 विधायक
अखिलेश यादव को तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मात्र 6 विधायक कम पड़ रहे थे फिर भी सपा ने तीसरा प्रत्याशी खड़ा ही नही किया ।
भाजपा को आठवीं राज्यसभा सीट के लिए 8 विधायक कम पड़ रहे थे फिर भी भाजपा ने अपना आठवा प्रत्याशी खड़ा किया और अब वो प्रत्याशी निर्विरोध चुना जा रहा है ।
लेकिन खबरदार जो किसी ने सपा को B टीम बोला ।
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भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आज़ाद कह रहे थे कि बहन मायावती जी ने तो तीन-तीन बार बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई थी तो चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों को ये मान्यवर कांशीराम साहब की राय सुननी चाहिए।
बसपा ने सरकार बनाने के लिए बीजेपी से बाहर से क्यों समर्थन लेना जरूरी समझा ये उन लोगों को अच्छे से जबाव दिया जो चंद्रशेखर आजाद की तरह सवाल जबाव करते हुए बसपा को बदनाम करते हैं और समाज को गुमराह करने का काम करते हैं।
कांशीराम साहब जी की राय को जरूर सुनें।
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बिना आरक्षण की 158 साल पुरानी TATA कंपनी 9 साल पुरानी कंपनी TikTok, 29 साल पुरानी कंपनी Netflix से छोटी कंपनी है और 23 साल पुरानी कंपनी Tesla से TATA 5 गुना छोटी कंपनी है। TATA कंपनी a to z, सारे बिज़नेस करती है और TikTok, Netflix मनोरंजन के बिज़नेस में है। Tesla सिर्फ़ कार बनाती है।
TATA कंपनी में 158 साल से आरक्षण नहीं है, a to z धंधे करती है, लेकिन 9 साल पुरानी TikTok कंपनी से छोटी कंपनी है। इसे ही भारत में मेरिट कहते है।
TATA कंपनी में शायद ही SC, ST, OBC लोग उच्च पदों पर मिलेंगे लेकिन देश के पिछड़े होने का सारा दोष आरक्षण और SC, ST, OBC मढ़ दिया जाता है। यही हाल देश की दूसरी कंपनियों का है।
मुकेश अंबानी की रिलायंस कंपनी आइसक्रीम की कंपनी खोल रही है। आगे जाकर वह हाउस कीपिंग की कंपनी खोल सकती है।
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चंद्रशेखर कैसे झूठ बोलते है कि मैं गठबंधन करना चाहता हूं लेकिन बसपा की तरफ से कुछ नहीं आता है?
चलिए मैं 2022 विधानसभा चुनाव का एक बात बताता हूं 👇
एक बहुजन समाज पार्टी के नेता है नरेश कुमार गौतम उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर इसके पास गए थे की बात हो जाएगी जिससे समाज के वोटो में बिखराव नहीं होगा और फिर पार्टी और बहन जी को बोला जाएगा इसके साथ गठबंधन करें या पार्टी विलय करा कर काम करने दे जब चंद्रशेखर से बात हुई तो चंद्रशेखर ने बोला नरेश गौतम से ठीक है मैं सोच कर बताता हूं,
फिर अगले दिन क्या देखने को मिला है यह अखिलेश यादव के पास चला गया और दो सीट के लिए रो रहा था जब तो झूठ फैलाना बंद कर दो चंद्रशेखर तुम्हारे पास बसपा के नेता गए थे लेकिन तुझे गठबंधन नहीं करना था तेरा मकसद है बहुजन समाज पार्टी के वोटो का बिखराव करना।
बीजेपी के हनुमान गिरिराज सिंह ने बोला है सबके सामने। @BhimArmyChief – at Garhi Harsaru, India
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इनमे से कौन सबसे बड़ा नौशिखिया, फर्जी खबरे वायरल करने वाला है, स्वयं निश्चित कीजिये।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 20 के अनुसार 7 साल तक के बच्चे पर कोई भी केस दर्ज नही किया जा सकता है।।
और नेहा दास और यह मुंशी टाइप वकील 1 साल के बच्चे पर एससी/एसर्टी एक्ट लगा रहे है। इसने वाकई एलएलबी की है न।
बस इसी तरह इनका आंदोलन फर्जी घटनाओं, खबरों पर टिका हुआ है।
विकास कुमार जाटव
@neha_laldas बहन, क्या है यह? काहे बेइज्जती करवाती रहती हो।
deepak kumar (समण) retweeted
ऐसे कम से कम 20 वकीलों की क्लिप परसो से देख रहा हूँ जिसमे बता रहे है कि बिहार में 1 साल के बच्चे पर एससी/एसर्टी एक्ट लग गया। आरक्षण, एससी/एसटी अधिकारों के विरुद्ध चल रहे कार्यक्रमो की संयोजनकर्ता नेहा दास से लेकर सभी वायरल कर रहे है।।
खैर, अफवाह फैलाना व एससी/एसटी को बदनाम करना इनका काम है लेकिन एक भी एससी/एसटी बुद्धिजीवी ने भी इनसे नही पूछा कि;
"भारत का कानून "Doli Incapax" पर चलता है जिसमे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 20 (पुराने कानून में भारतीय दंड संहिता यानी IPC की धारा 82) के अनुसार 7 वर्ष से कम उम्र के बच्चे पर कोई केस दर्ज नही किया जा सकता है। अगर किया है तो पुलिस की गलती है"
और यह "1 साल के बच्चे" पर केस दर्ज करना बता रहे है।
एससी/एसटी पर इसी प्रकार की फर्जी घटनाओं का हवाला देकर वार किया जा रहा है।
लेकिन उससे बड़ी बात है कि एससी/एसटी इन योजनाओं को विफल नही कर रहा है। जबकि यह लोग सफलतापूर्वक सरकार पर दवाब बनाने में कामयाब हो रहे है जिसका नुकसान एससी/एसटी से जुड़ी सैकड़ो योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ रहा है।।
एससी/एसटी अपने ही समाज के अकाउंटों को न तो लाइक करते, न शेयर, न प्रमोट करते है। जिसके कारण भी पलटवार नही हो पा रहा है।।
अजीब बात है।
@neha_laldas अफवाहें क्यो फैलाती हो।
deepak kumar (समण) retweeted
चार मेडिकल कॉलेज मुद्दे पर;
1.अखिलेश यादव अपने पीडीए के साथ गायब है।
2.राहुल गाँधी गायब है।
3.समाजवादी पार्टी गायब है।
4.कोंग्रेस गायब है।
5.और तो और;
" इन दोनों पार्टियों की तरफ से मायावती हाय हाय करने वाले हरिजन टाइप" चमचे गायब है।
एक भी शब्द नही निकल रहा। फिर कैसे पीडीए और कैसा कोंग्रेसी प्रेम?
इसलिए दिमाग मे इसे भर लो;
"एससी से जुड़े मुद्दे केवल और केवल बसपा या उससे जुड़े लोग ही उठा सकते है"
विकास कुमार जाटव
@Mayawati
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जिसने बगीचा बनांकर दिया, उसे ही बगीचे के छीनने का दर्द सबसे पहले होता है।
बहनजी ने तुंरन्त इस दर्द को बयां करा।
बहनजी के बगीचे से कम से कम 3000 एक्स्ट्रा एमबीबीएस डॉक्टर सरकारी मेडिकल कॉलज से बन गए। जिसमे अत्यंत गरीब छात्र तक है जो अब लाखो कमा रहे है।
बाकी 87 विधायक जो आरक्षित शीट से जीतकर आये अभी निंद्रा में है। उन्हें चिंता भी नही है।
बुद्धिजीवी अथार्त सरकारी सेवा में जा चुके या आरक्षण से प्रोफेशनल कोर्स कर चुके मायावती हाय हाय में व्यस्त है।
लेकिन वो ही मायावती जी समाज के दर्द को बयाँ कर रही है।
विकास कुमार जाटव
@Mayawati
@bspindia
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प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब देख रहे महंत आदित्यनाथ जी के शपथ पत्र पर घोषित कुछ धारायें..
147, 148, 295, 297, 153A, 307, 506, 302, 427, 504, 149, 307, 336, 427, 147, 148, 133, 285, 133A.
दुनिया के पहले संत जिन्होंने अपने ऊपर चल रहे मुकदमों को खुद सत्ता में आते ही वापस ले लिया..




















