CEO Uttar Pradesh retweeted
A meeting of the Election Commission of India was held today, 26 September 2026, at 3:00 PM at Nirvachan Sadan, New Delhi.
Chief Election Commissioner Shri Gyanesh Kumar and Election Commissioners Dr. Sukhbir Singh Sandhu and Dr. Vivek Joshi were present in today’s meeting.
Read details in the Press Note
— eci.gov.in/eci/public/api/do…
#ECI
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सदस्यों के लिए द्विवार्षिक निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस विज्ञप्ति)
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खण्ड स्नातक के 05 एवं खण्ड शिक्षक के 06 निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 का कार्यक्रम घोषित
29 सितंबर को जारी होगी अधिसूचना, 23 अक्टूबर को होगा मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना
लखनऊ, 22 सितंबर, 2026
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उक्त विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में (कानपुर नगर, कानपुर देहात तथा उन्नाव को छोड़कर) आदर्श आचार संहिता के सुसंगत प्रावधान लागू हो गए हैं। आदर्श आचार संहिता भारत निर्वाचन आयोग के पत्र संख्या 322/ECI/INST/FUNC/BIEN-LC/2016, दिनांक 26 दिसंबर, 2016 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार प्रभावी रहेगी।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश।
(प्रेस विज्ञप्ति)
महोबा / लखनऊ, दिनांक 17.09.2026
आज जनपद महोबा में ईवीएम-वीवीपैट गोदाम का त्रैमासिक निरीक्षण, ईवीएम की प्रथम स्तरीय जाँच (एफ0एल0सी0) का निरीक्षण एवं निर्वाचन की तैयारियों से संबंधित समीक्षा बैठक की गयी।
सर्वप्रथम जनपद महोबा के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
इसके उपरान्त ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की चल रही प्रथम स्तरीय जाँच (First Level Checking - FLC) की प्रक्रिया का जायजा लिया गया। निर्देश दिये गये कि आगामी निर्वाचन के दृष्टिगत ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की कार्यशीलता एवं तकनीकी स्थिति की जाँच तथा प्रथम स्तरीय जाँच की प्रक्रिया को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं प्रोटोकॉल के अनुरूप ही सुनिश्चित किया जाए।
एफएलसी के दौरान मशीनों की जाँच की प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया गया तथा संबंधित अधिकारियों से जाँच की प्रगति, मशीनों के रख-रखाव, सुरक्षा व्यवस्था एवं अभिलेखों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गयी। निर्देश दिए गए कि प्रथम स्तरीय जाँच की पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जाए तथा ईवीएम-वीवीपैट के सुरक्षित भंडारण एवं सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
संबंधित अधिकारियों द्वारा एफएलसी से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई। निरीक्षण के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा भी एफएलसी की प्रक्रिया का अवलोकन किया गया।
इसके पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन से सम्बन्धित समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्वाचन से संबंधित तैयारी एवं कार्यों की जानकारी प्राप्त की गयी, जिसके अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता एवं प्रभारी अधिकारियों की निर्वाचन से संबंधित कार्यों के संपादन करने के लिए ड्यूटी तैयार किए जाने के निर्देश दिए गये। निर्वाचन कार्य को संपन्न कराए जाने हेतु वाहनों की उपलब्धता तथा स्ट्रांग रूम की व्यवस्था एवं कर्मचारियों/अधिकारियों के प्रशिक्षण को बेहतर रूप से प्रदान किए जाने के साथ निर्वाचन से जुड़े अन्य कार्यों की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गये। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन एवं वीवीपैट मशीन को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखे जाने एवं निर्वाचन से संबंधित कार्यों की तैयारी की व्यवस्था किए जाने के निर्देश भी दिए गये।
प्रदेश के समस्त 75जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा एफएलसी सुपरवाइजरों को FLC की रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जा चुकी है। अक्टूबर 2026 के अंत तक पूरे प्रदेश में FLC का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, उसके बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट पोलिंग बूथों का भौतिक सत्यापन करेंगे। यह सुनिश्चित कराया जायेगा कि लोक सभा निर्वाचन की भांति ही आगामी विधान सभा सामान्य निर्वाचन भी पूरी तरह विवाद-रहित, निष्पक्ष और शांतिपूर्वक सम्पन्न हो।
आज दिनांक 17 सितंबर 2026 को जनपद महोबा में जिला निर्वाचन अधिकारी की उपस्थिति में EVM गोदाम का त्रैमासिक आंतरिक निरीक्षण किया गयाI निरीक्षण के समय प्रमुख राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेI
वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग की अध्यक्षता में ईवीएम की एफएलसी ( फर्स्ट लेवल चेकिंग) से संबंधित कार्यशाला का लखनऊ में हुआ आयोजन
33 जनपदों से संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया
लखनऊ, 14 सितम्बर 2026।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं मंशा के अनुरूप ईवीएम मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की प्रक्रिया को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम), लखनऊ में ईवीएम की एफएलसी से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता श्री मनीष गर्ग वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग ने की।
कार्यशाला में 33 जनपदों में प्रस्तावित ईवीएम की प्रथम स्तर की जांच (एफएलसी) के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं एफएलसी सुपरवाइजर को तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इससे पूर्व 19 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर में 21 जनपदों तथा 11 सितम्बर को वाराणसी में 21 जनपदों के अधिकारियों एवं कार्मिकों के लिए एफएलसी संबंधी कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं।
कार्यशाला में अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बाराबंकी, सुलतानपुर, अमेठी, गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, सम्भल, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, झांसी, जालौन एवं ललितपुर समेत कुल 33 जनपदों के संबंधित अधिकारियों एवं एफएलसी सुपरवाइजर ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में श्री नवदीप रिणवा मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश, श्री अखंड प्रताप सिंह अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, श्री बी.सी. पात्रा प्रमुख सचिव भारत निर्वाचन आयोग, श्री अमित सिंह उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
श्री मनीष गर्ग, वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि एफएलसी चुनाव की तैयारियों का शुरुआती और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अब से चुनाव संबंधी कार्यों पर विशेष ध्यान देते हुए अपनी निर्वाचन टीम के साथ नियमित समीक्षा करें। प्रतिदिन कुछ समय निर्वाचन कार्यों की समीक्षा के लिए निर्धारित किया जाए, ताकि आयोग के निर्देशों, चुनावी तैयारियों और आगे की कार्ययोजना की लगातार समीक्षा होती रहे। उन्होंने वीवीपैट स्लिप के निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रतिदिन श्रेडिंग एवं निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण श्रेडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। उन्होंने कहा कि एफएलसी के बाद ओके मशीनों की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाए और विधिवत अभिस्वीकृति प्राप्त की जाए। बाद में अभ्यर्थियों के अंतिम रूप से निर्धारित होने के पश्चात कमीशनिंग से पहले यह सूची उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि एफएलसी की प्रक्रिया, राजनीतिक दलों की सहभागिता एवं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुपालन की जानकारी भी सार्वजनिक की जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। एफएलसी के शुभारंभ और समापन के संबंध में प्रेस नोट जारी किए जाएं। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और व्यक्तिगत रूप से इसमें सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की व्यक्तिगत भागीदारी से प्रशिक्षण की गंभीरता बढ़ती है और चुनाव की तैयारियां अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ती हैं। उन्होंने एसआईआर के दौरान अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्राप्त हो रहे आवेदनों एवं प्रपत्रों की लंबित स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए जिससे उनका नियमानुसार समयबद्ध तरीके से निस्तारण हो सके ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने कहा कि आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर पूरी गंभीरता, सतर्कता एवं समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। निर्वाचन की प्रत्येक प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी अपने जनपदों में तैयारियों की नियमित समीक्षा करें तथा आयोग के प्रत्येक निर्देश का समय से अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एफएलसी आगामी चुनाव की तैयारियों का अत्यंत महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है। एफएलसी की प्रक्रिया जितनी मजबूत, पारदर्शी एवं व्यवस्थित होगी, आगे की पूरी प्रक्रिया उतनी ही सुचारू होगी। तकनीकी मानकों के साथ-साथ सभी प्रशासनिक एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन हो। राजनीतिक दलों को एफएलसी की तिथियों की समय से सूचना दी जाए और अभिलेखों का व्यवस्थित रख-रखाव किया जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना ईवीएम की कोई भी आवाजाही न हो। जीपीएस ट्रैकिंग, निर्धारित मार्ग का पालन अनिवार्य हो। प्रशिक्षण जितना बेहतर होगा, मतदान दिवस पर प्रक्रिया उतनी ही सहज एवं त्रुटिरहित होगी। उन्होंने कहा कि एफएलसी स्थलों का नियमित निरीक्षण, सुपरवाइजर की निरंतर उपस्थिति, कंट्रोल रूम की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। किसी भी विसंगति पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तत्काल कार्रवाई हो। मतदाता सूची के शुद्धीकरण एवं अद्यतन की प्रक्रिया निरंतर जारी रखी जाए।
आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा ईवीएम के संपूर्ण जीवन चक्र के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसमें मशीनों के संचालन, रैंडमाइजेशन, कमीशनिंग, मतदान प्रक्रिया, मतगणना तथा मतगणना के बाद की प्रक्रियाओं सहित विभिन्न प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बीईएल के विशेषज्ञों द्वारा ईवीएम की तकनीकी संरचना तथा सुरक्षा विशेषताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। एफएलसी के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों तथा उनसे बचने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया।
कार्यशाला स्थल पर पर्याप्त संख्या में ईवीएम एवं वीवीपैट उपलब्ध कराए गए, जहां बीईएल के विशेषज्ञ इंजीनियरों द्वारा मशीनों के संचालन एवं एफएलसी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन कियां गया। इसके उपरांत प्रतिभागियों को स्वयं मशीनों के संचालन एवं निर्धारित प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करते हुए ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं को समझा। उसके उपरान्त प्रतिभागियों का मूल्यांकन भी कराया गया।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं मंशा के अनुरूप ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की प्रक्रिया को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराने के उद्देश्य से मनीष गर्ग, वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, मा० भारत निर्वाचन आयोग की अध्यक्षता में दिनांक 11. 09.2026 (शुक्रवार) को सर्किट हाउस, सभागार वाराणसी में ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी से संबंधित विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जनपदों में प्रस्तावित ईवीएम एवं वीवीपैट की प्रथम स्तर की जांच (एफएलसी) के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं कार्मिकों को तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यशाला में वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चन्दौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, प्रयागराज, प्रतापगढ, फतेहपुर, कौशाम्बी, आजमगढ़, बलिया, मऊ गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, गोंडा, संत कबीरनगर, बस्ती तथा सिद्धार्थनगर समेत कुल 21 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एफएलसी सुपरवाइजर द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मनीष गर्ग, वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, मा० भारत निर्वाचन आयोग, विशिष्ट अतिथि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश नवदीप रिणवा, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश अखंड प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव भारत निर्वाचन आयोग बी०सी० पात्रा, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश अमित सिंह एवं अवर सचिव, भारत निर्वाचन आयोग राकेश कुमार द्वारा प्रतिभाग किया गया।
कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त, मा० भारत निर्वाचन आयोग द्वारा महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट की एफएलसी से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सावधानियों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही ईवीएम पर तकनीकी एवं प्रशासनिक सुरक्षा उपायों, एफएलसी की प्रक्रिया तथा विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनरों की भूमिका के संबंध में प्रस्तुतियां दी गईं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश द्वारा अपने संबोधन में इस बात पर बल दिया गया कि सभी राजनीतिक दलों को समय से सूचना दी जाए और प्रत्येक चरण में उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए ,यहां बताए गए प्रत्येक बिंदुओं को गंभीरता से ग्रहण किया जाए एवं मैनुअल में इंगित समस्त बिंदुओं का भली भांति अध्ययन किया जाए, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों तथा मैन्युअल में इंगित SOP का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिला निर्वाचन अधिकारी अपने दिशा निर्देशन में एफएलसी की कार्रवाई सुनिश्चित करवाए!ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित प्रत्येक प्रक्रिया में निर्धारित दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगामी विधानसभा निर्वाचन को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संपन्न कराया जा सके।
आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट के संपूर्ण जीवन चक्र के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसमें मशीनों के संचालन, रैंडमाइजेशन, कमीशनिंग, मतदान प्रक्रिया, मतगणना तथा मतगणना के बाद की प्रक्रियाओं सहित विभिन्न प्रोटोकॉल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बीईएल के विशेषज्ञ रवि रंजन, राहुल कुशवाहा एवं रामा मीनन कुमार डी द्वारा ईवीएम एवं वीवीपैट की तकनीकी संरचना तथा सुरक्षा विशेषताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं, भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम प्रभाग के प्रमुख सचिव बी०सी० पात्रा द्वारा एफएलसी के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों तथा उनसे बचने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया गया।
कार्यशाला स्थल पर पर्याप्त संख्या में ईवीएम एवं वीवीपैट उपलब्ध कराए गए, जहां बीईएल के विशेषज्ञ इंजीनियरों द्वारा मशीनों के संचालन एवं एफएलसी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन कियां गया। इसके उपरांत प्रतिभागियों को स्वयं मशीनों के संचालन एवं निर्धारित प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करते हुए ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं को समझा।
प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया तथा डाउट क्लियरिंग सेशन के माध्यम से उनके प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
कार्यशाला के समापन अवसर पर अधिकारियों द्वारा एफएलसी प्रक्रिया को निर्धारित प्रोटोकॉल, पारदर्शिता एवं सावधानी के साथ संपादित किए जाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी / एफएलसी सुपरवाइजर, मास्टर ट्रेनर, बीईएल के विशेषज्ञ एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत वाराणसी में ई0वी0एम0 की फर्स्ट-लेवल चेकिंग (एफ0एल0सी0) पर एक वर्कशॉप आयोजित की गई। भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त श्री मनीष गर्ग और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिण्वा ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और एक गहन, पारदर्शी और व्यवस्थित एफ0एल0सी0 प्रक्रिया के महत्व पर ज़ोर दिया। इस वर्कशॉप में उत्तर प्रदेश के 21 ज़िलों के ज़िला निर्वाचन अधिकारियों, उप ज़िला निर्वाचन अधिकारियों और एफ0एल0सी0 सुपरवाइज़रों को ट्रेनिंग दी गई।
क्या आपने कभी सोचा है कि मतदाता सूची में आपका नाम सुनिश्चित करने में किसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है?
छोटा भीम और विदुर ने जाना हमारे लोकतंत्र के ग्राउंड हीरोज, बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के महत्वपूर्ण दायित्वों के बारे में।
वीडियो देखें, जानें और दूसरों के साथ भी साझा करें, जिससे अधिक से अधिक लोग निर्वाचन प्रक्रिया में BLOs की महत्वपूर्ण भूमिका को समझ सकें।
#BLO #ECI #ChhotaBheem
@ECISVEEP @InfoDeptUP @DDNewslive @airnewsalerts @PIB_India @AIRNewsHindi
@ians_india @PTI_News @ECISVEEP @SpokespersonECI
Ever wondered who makes sure YOUR name is on the voter list? 🤔
Chhota Bheem & Vidur find out - and salute our foot soldiers of democracy: our Booth Level Officers!
Watch now & tag someone who needs to know this!
#BLO #ECI #ChhotaBheem
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@ians_india @PTI_News @ECISVEEP @SpokespersonECI
Election Quiz में दिखा विद्यार्थियों का उत्साह और मिला प्रतिभा को सम्मान!
लखनऊ में 24 अगस्त को Electoral Literacy Clubs एवं ECINET App पर आयोजित सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों ने इंटरैक्टिव Election Quiz में उत्साह के साथ भाग लिया और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने ज्ञान को परखा।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
CEO Uttar Pradesh retweeted
A sneak peek into the ELC & ECINet Conference at Indira Gandhi Pratishthan, Lucknow. ✨
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A sneak peek into the ELC & ECINet Conference at Indira Gandhi Pratishthan, Lucknow. ✨
Chief Election Commissioner Shri Gyanesh Kumar addressed the participants, while interactive knowledge-sharing sessions and live demonstrations gave students a practical understanding of electoral registration, polling and counting processes.
Learn Democracy, Lead Democracy 🇮🇳
#ELC #ECINET #ECI
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#ECIInitiatives: Electoral Literacy Clubs
Empowering young citizens with electoral knowledge, democratic values and informed participation. ✨
Learn Democracy. Lead Democracy.
#ELC #ECI
लोकतंत्र के रंग, बच्चों के संग।
Electoral Literacy Clubs एवं ECINET App पर आयोजित सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति से सुंदर रंगोली तैयार की। रंगों के माध्यम से बच्चों ने मतदाता जागरूकता, लोकतांत्रिक सहभागिता और सशक्त लोकतंत्र का प्रभावी संदेश प्रस्तुत किया।
Electoral Literacy Clubs एवं ECINET App पर आयोजित सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों ने निर्वाचक पंजीकरण, मतदान एवं मतगणना प्रक्रिया के Live Demo के माध्यम से चुनाव की पूरी प्रक्रिया को नजदीक से समझा।
ऐसे प्रयास युवाओं में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति समझ, जागरूकता और लोकतांत्रिक सहभागिता की भावना को और मजबूत करते हैं।
📍 इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ
CEO Uttar Pradesh retweeted
ELC 2.0 — “Learn Democracy, Lead Democracy” 🇮🇳
Participants share their thoughts and experiences from the ELC & ECINET Conference, reflecting on how electoral literacy can inspire informed participation and strengthen India’s vibrant democracy.
📍Indira Gandhi Pratishthan, Lucknow
#ELC #ECINET #ECI
लोकतंत्र की मजबूती से बूथ स्तर तक पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था का संदेश—लखनऊ में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार जी के दो दिवसीय दौरे की प्रमुख झलकियां…
🔹 विद्यार्थियों से प्रेरक संवाद
24 अगस्त को कोल्विन तालुकदार कॉलेज के अवध हॉल में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त जी ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियां साझा कीं तथा लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया, EVM की विश्वसनीयता, फेक न्यूज से सतर्कता और युवा मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रेरक मार्गदर्शन दिया।
🔹 ELC 2.0 एवं ECINET पर क्षेत्रीय सम्मेलन
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में 20 जनपदों के 440 शैक्षणिक संस्थानों से लगभग 1,500 विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्राचार्यों एवं संस्थान प्रमुखों ने सहभागिता की।
🔹 BLOs के साथ सीधा और आत्मीय संवाद
25 अगस्त को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बूथ लेवल अधिकारियों के साथ विशेष संवाद के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त जी ने BLOs को ‘भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला’ और ‘लोकतंत्र का रक्षक’ बताते हुए उनके समर्पण, निष्ठा और जमीनी योगदान की सराहना की।