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Noida
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Sanyam Srivastava retweeted
ना लेफ्ट, ना राइट, बंदर की साइड। ये कहना आसान है पर निभाना मुश्किल। मैं लेफ्ट के गुस्से और व्यापक असंतुष्टि को जायज़ मानता हूँ। हाँ, मेरी सहानुभूति लेफ्ट के साथ है और वह उपरोक्त सिद्धांत के अनुसार ही है।
आंकड़े बताते हैं कि इस देश में लेफ्ट संख्या में राइट से कम नहीं है पर बल में बराबरी नहीं कर पाया। क्योंकि लेनदेन इसका मुद्दा नहीं रहा, धन की पूजा राइट ने की, लेफ्ट ने छुआ भी तो कान पकड़ कर। सांस्कृतिक और सामाजिक कारणों से भी राइट का वर्चस्व रहा है। धार्मिक गतिविधियों में भी राइट आगे रहा है। राइट सबसे बड़ा कंज्यूमर वर्ग भी है, दोस्ती हो या रिश्ता, सब में राइट का एक गठजोड़ रहा है जबकि लेफ्ट को कम आंका गया है।
सबसे स्याह हक़ीक़त ये है कि राइट उपभोक्ता है और लेफ्ट उसके मवाद को साफ करने के लिए बना है। कहने को दोनों हाथ बराबर हैं पर लेफ्ट को कौन आगे बढ़ाता है। गियर बदलना लेफ्ट का कम और स्टीयरिंग राइट के पास। पैरों में लेफ्ट के हिस्से ब्रेक ही आया है। रफ़्तार का सारा क्रेडिट राइट ले जाता है, लेफ्ट क्लच दबाता रह जाता है। खाए, पिए राइट, और धोने के लिए लेफ्ट। अभी भी मोबाइल होल्ड कर रहा है चुपचाप जबकि ये सब बकवास राइट टाइप कर रहा है। लेफ्ट को उचित सम्मान दीजिए। बराबरी का संघर्ष जारी रहेगा।
Sanyam Srivastava retweeted
हर चीज़ में सोरोस को लाना ठीक नहीं। प्रशांत भूषण पर सोरोस का एजेंट होने का आरोप बेतुका और हास्यास्पद है। प्रभू के पास स्वयं का कितना पैसा है, ये उनके सपनों के विस्तार में स्पष्ट दिखता है। पैसे से अगर सत्ता परिवर्तन आता तो वो देश को कल उपहार में दे दें। पर संविधान आड़े आ जाता है।
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I agree with SIR every 10 years but I have only one objection: why remove the dead from the electoral rolls? They are not going to come back to vote. To disenfranchise the departed is a grave injustice.
Sanyam Srivastava retweeted
Never thought I'd see the day the Indian opposition will RT Shri Elon Musk Ji Ki. Our opposition is Left. Musk is as Right as it gets. Hor dus kinne achchhe din chahida tainu!
The same people called Starlink a national security risk last year. Was his entry the scandal or the delay is the scandal? Ek hi sahi hoga na.
Tesla drove in on his conditions because Trump Chachu forced India's hand. Starlink is different. Cars need showrooms, satellite links need security clearance. India will set conditions, Starlink will negotiate, and that's how it works everywhere. China hasn't let him in. Sovereignty is not a monthly internet subscription plan.
Yes, the government is in a tight spot at home ATM. It has seen how a Meta algorithm can feed the fire of dissent. It would want X on its side. Smart of Elon to press the crony nerve at this crucial moment. The government better be equally smart to equal.
My guess is Starlink will eventually be in, once India finalises the framework for this new comm compounder. Even the Indian telcos are still waiting for the final go-ahead. It's natural for Starlink to eye the first-mover advantage. For the government, it should always be Advantage India. No matter which party is in power, some things remain non-negotiable and this issue is not even in that category. Outside the conditions of guardrails, everything else will be negotiated. India is not China. India is not Ghana either.
Like Tesla, Starlink would find few takers though if prices remain in that zone. India remains a value for money and price-sensitive market. Jai ho!
Sanyam Srivastava retweeted
नरेंद्र मोदी को ऐसे हराएं.
@narendramodi ने देश के लिए अपना दस साल का प्लान पिछले दो दिन में रख दिया है. उनके भाषण की हर लाइन को सुनना चाहिए. उन्होंने 2036 तक का देश का प्लान बना लिया है. 2047 तक का प्लान भी आएगा.
अब विपक्ष, खासकर @RahulGandhi को बताना चाहिए कि रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रा, रेल, विदेश, आंतरिक सुरक्षा, वित्त, एनर्जी, टेलीकॉम, खेल, महिला कल्याण, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर आदि पर उनका अल्टरनेट प्लान क्या है. रिफॉर्म पर कांग्रेस की नीति क्या है?
जैसे ब्रिटेन में हर मंत्री के सामने विपक्ष एक शैडो मिनिस्टर उतारता है और मंत्रालय की हर पॉलिसी और कमजोरी पर बात करता है, वैसे ही भारत में भी हर नीति पर विपक्ष अपना पक्ष और प्लान रखे.
राष्ट्र जानना चाहेगा कि कांग्रेस की पॉलिसी क्या है.
फिर जनता अपना पक्ष चुन लेगी. कांग्रेस की तो कई राज्यों में सरकारें हैं. वे अपना मॉडल लागू करके भी दिखा सकती है.
बीजेपी को हराने का ये तरीका है.
राहुल जी को ध्यान देना चाहिए.
दिल्ली में 5 हजार लोगों को सड़क पर उतारकर कुछ नहीं मिलेगा. सिर्फ रील बनेगी. और नेता को एक्साइटमेंट आएगा कि देखो हमने मोदी का मजाक उड़ा दिया.
राष्ट्र ने वो लंबा दौर देखा है जब समाजवादी, कम्युनिस्ट और जनसंघ दिल्ली में पांच-पांच लाख लोगों की रैलियां करते थे और चुनाव में 10-12 सीटें लाते थे.
पिछले 13 साल में तो विपक्ष ने अभी तक दिल्ली का रामलीला मैदान भी नहीं भरा है, जिसमें 50 हजार लोग आ सकते हैं.
अन्ना हजार के बाद रामलीला मैदान कभी नहीं भरा.
5 हजार लोग तो पंचायत का मुखिया या नगर पार्षद भी जुटा लेता है. वो तो हर पार्टी के नेता जुटा सकते हैं. मेरा एमएलए दस हजार लोगों की भीड़ की ताकत रखता है.
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समाजवादी पार्टी से निर्विरोध राज्य सभा सदस्य की घोषणा का इंतजार कर रहे उद्योगपति धनराज नथवानी ने प्रधान मंत्री के 25 साल के सेवा संकल्प की बधाई दी, उनका एक एक शब्द पीएम के प्रति समर्पित है...मुस्लिम भाइयों का एक वर्ग अगर चाहें तो गूगल से उनकी पोस्ट का अनुवाद कर सकते हैं !!!
#''गुजारत अंडर द मोदी''
25 years of leadership. 25 years of dedication. 25 years of Seva ka Sankalp.
Since taking oath as the Chief Minister of Gujarat in 2001, Shri Narendra Modi has travelled a remarkable journey—from serving Gujarat to leading India as Prime Minister.
Through changing times and evolving challenges, his unwavering conviction, perseverance, and commitment to nation-building have remained constant.
Today, as we mark 25 years of public service, we celebrate a journey driven by one enduring spirit — Seva ka Sankalp, Rashtriya Kartavya and an unwavering commitment to a rising India.
Wishing Shri Narendra Modi ji continued strength and success in the service of the nation.
@narendramodi @PMOIndia
#SevaKaSankalp #25YearsOfSeva #PMModi #NarendraModi
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Thinking Gyanesh Kumar successfully rigged an election is giving him way too much credit. The living embodiment of failing upward would struggle to rig a game of Ludo.
He should go for compromising India's biggest flex ⬇️ indiatoday.in/opinion/story/…
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نہیں کھیل اے داغؔ یاروں سے کہہ دو
کہ آتی ہے اردو زباں آتے آتے
Janaab-e-Leonidas Noidavi critiquing Dagh on a Sunday
बढ़ता फ्लैट कल्चर, घटती रिश्तों की गहराई — AajTak ePaper आज का संपादकीय epaper.aajtak.in/2026-10-05/…
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राहुल गांधी बीजेपी से बेकार नाराज हैं. कांग्रेस को बीजेपी ने नहीं, मुलायम सिंह-लालू यादव ने फिनिश किया है.
कांग्रेस का कोर वोट बीजेपी में नहीं गया है. जा भी नहीं सकता. यूपी-बिहार का हिसाब देखिए, जहां तब 139 लोकसभा सीटें थीं.
1984 लोकसभा - कांग्रेस को 139 में 131 सीट
1989 लोकसभा - कांग्रेस को 139 में 19 सीट.
1989 में कांग्रेस की सीटें किसने छीन लीं? बीजेपी तो छोटी पार्टी थी. उसे यूपी-बिहार मिलाकर सिर्फ 16 सीटें मिली थीं. बीएसपी को 2 सीटें मिली थी.
कांग्रेस का किला मुलायम सिंह-लालू यादव ने तोड़ा.
कांग्रेस आज भी इन दो राज्यों में चौथे या पांचवें नंबर की पार्टी है. एक चुनाव तो ऐसा भी हुआ जिसमें कांग्रेस यूपी में एक भी एमपी सीट नहीं जीत पाई.
इन दो नेताओं के उभार के बाद कांग्रेस को लोकसभा में कभी बहुमत नहीं मिला. मुलायम सिंह 1989 में और लालू प्रसाद 1990 में मुख्यमंत्री बन गए. इनको फिनिश करने के लिए टीएन शेषन और सीबीआई को लगाया गया.
उसके बाद का आप लोगों को सब मालूम है. शेषन कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने चले गए. लालू यादव और मुलायम सिंह केस-मुकदमों में फंस गए.
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Maybe it is because India has been a victim of terrorist attacks, including hijackings and the loss of Indian lives in such incidents
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तेरा ध्यान किधर है, #TTstaff दुकान इधर है 👉 itgstore.in/
#Opinion | दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए ढेरों पाबंदियां, पर मजदूरों की रोजी का क्या?
#DelhiPollution #DelhiAirPollution #ConstructionBan #DelhiNCR #PollutionControl #ConstructionWorkers | @beSANYAMit
aajtak.in/opinion-analysis-/…
घोटाले का केवल देखिए और एक्शन भी देखिए. केवल फटकार से काम चलाया जा रहा है. जबकि ऐसी धोखाधड़ी के लिए सस्पेन्शन भी कम था. ऐसे चोट्टे अधिकारियों का टर्मिनेशन होना चाहिए था. ताकि आगे जो काम ही रहे हैं उसके लिए नजीर बनता.
Sanyam Srivastava retweeted
संपादक रहीं मृणाल पांडे जी अपनी जाति को कोस रही हैं. सोमनाथ के पतन के लिए पुजारियों को इतिहास का अपराधी बता रही हैं. मैं उनको बताना चाहता हूं कि उन्हें अपनी ब्राह्मण जाति पर गर्व क्यों करना चाहिए.
तो मृणाल जी,
सबसे पहले मैं खुद से शुरू करता हूं. मैंने अपने माता-पिता, पुरखों, अपनी जाति, वंश, राष्ट्र के खिलाफ पूरे जीवन में एक शब्द न बोला, न लिखा, न लिखूंगा. हमेशा प्रशंसा की है.
हमारे वंश का गौरवशाली अतीत रहा है और ये बात हमें बचपन में ही परिवार के बुजुर्गों द्वारा सिखा दी जाती है. इसलिए हमारे परिवार में लोग अपनी जाति का अपमान कभी नहीं करते.
मुझे तो गर्व है अपने पुरखों और वंश पर.
आपको अपनी जाति पर गर्व क्यों नहीं है?
मृणाल जी, दरअसल आप दया की पात्र हैं. जिनमें भी अपनी सभ्यता-संस्कृति-पुरखों की अच्छी बातों को लेकर गौरव-बोध नहीं है, वह दया व करुणा का पात्र है.
कहीं आप लेफ्ट-इस्लामिस्ट-पोस्ट मॉडर्निस्ट-डिकंस्ट्रक्शन वालों के प्रभाव में तो नहीं फंस गई हैं?
आपकी सबसे बड़ी समस्या ये है कि आप पढ़ती नहीं हैं, सिर्फ लिखती हैं. डॉ. आंबेडकर की पुस्तक रिवोल्यूशन एंड काउंटर रिवोल्यूशन पढ़िए.
बाबा साहब की थीसिस है कि "इस्लाम के हमले से हिंदू धर्म को पुरोहितों ने बचाया." ये ऐतिहासिक तथ्य है. दुखद है कि आपको इसका गर्व नहीं है.
बाबा साहब आगे बताते हैं कि इस्लाम के हमले में भारत में बौद्ध धम्म खत्म हुआ क्योंकि उनमें हिंदुओं जैसा मजबूत और सहज जन्म-आधारित पुजारी सिस्टम नहीं था. भिक्खु बनना कठिन था.
इस्लामिक शासन में भिक्खुओं की चुन-चुन कर हत्या की गई. विहार जला दिए गए. नए भिक्खु नहीं बन पाए. बौद्ध धम्म की जड़ें सूख गईं.
जबकि एक समग्र हिंदू जाति ही पुजारियों की जाति थी तो सबको मार डालना मुसलमानों के लिए संभव नहीं हो पाया. ग्रंथ जब जला दिए गए, तो पुजारी परिवारों ने रटकर याद से उनको जिंदा रखा. जंगलों में रहे, हिमालय चले गए, गुफाओं में रहे पर धर्म ग्रंथों को जिंदा रखा.
आपको इसका भी गर्व नहीं है? धिक्कार है.
धर्म पौधे की तरह है. इसमें लगातार पानी डालना पड़ता है. ये काम तमाम धर्मों में पुजारी, भंते, इमाम और प्रिस्ट आदि करते हैं.
मेरे मां-पिताजी ने हमें गौरवशाली अतीत और किसी जमाने में राजा होने की बात बताई थी. इसलिए हममें स्कूल जाने से पहले ही गौरव-बोध आ चुका था.
आपके माता-पिता ने आपको गर्व करना सिखाया था या नहीं?
आपने अपने बच्चों को क्या सिखाया?
सोचिए और पश्चाताप कीजिए.
मेरी सलाह - हजारों साल की यात्रा में बहुत कुछ गैर-जरूरी सामान जमा हो जाता है. जो त्याज्य है, उसे छोड़ें, अच्छी चीजों पर गर्व करें. अहंकार नहीं करना चाहिए, लेकिन गौरव-बोध आवश्यक है. दूसरे को नीचा मानना बीमारी है. पर खुद को नीचा मानना उससे भी बड़ी बीमारी है, जो आपको हो गई है.
दूसरी सलाह - फ्रांस के पोस्ट-मॉडर्निस्ट थिंकर्स की किताबों को अंतिम सत्य मत मानिए. न समझ आए तो मेरे साथ उन पर शास्त्रार्थ कीजिए. क्रिटिकल थ्योरी में समस्याएं हैं. मुझसे समझिए.
तीसरी सलाह- इस्लामिक हमलावरों को 'गजनी के सैनिक' कह कर भौगोलिक पहचान मत दीजिए. वे जिहादी हमलावर थे और काफिरों को मिटाने आए थे.
@MrinalPande1
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कमला पसंद ग्रुप और उसका पहरूआ
उत्पाद एवं सेवा कर खुफिया महा-निदेशालय के पूर्व-अधिकारी रविंदर सिंह सांगवान ने किस तरह रिटायर होते ही अट्ठारह दिन में तीन लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनर्शिप बना डाली और फिर कमला पसंद ग्रुप के लिए 278.29 करोड़ रुपये घुमाये। सांगवान और उनके परिवार ने आठ वर्षों के भीतर राजधानी दिल्ली समेत चार राज्यों में 50.87 करोड़ रुपये की संपत्तियाँ खरीदी। इनमें 5.25 करोड़ रुपये की संपत्तियाँ तब खरीदी गईं जब सांगवान केन्द्रीय सरकार के कर-राजस्व प्रशासन के एक महत्वपूर्ण अंग में वरिष्ठ अधिकारी के बतौर कार्यरत थे!
पूरी खबर कोबरापोस्ट पर! खोजी पत्रकार अनिरुद्ध बहल को बधाई, खुलासा करने के लिए!
#KamlaPasand #kobrapost #aniruddhbahal
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कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ आवश्यक दवाएं ऐसी हैं, जिनका अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹27,000 है, जबकि उनका प्राइस टू रिटेलर (PTR), यानी निर्माता द्वारा खुदरा विक्रेता को दी जाने वाली कीमत, केवल ₹2,700 है। यह तो मरीजों के साथ खुलेआम लूट और अत्यंत गंभीर शोषण है।
जिस दवा को निर्माता खुदरा विक्रेता को ₹2,700 में बेचता है, उसके लिए किसी मरीज से ₹27,000 कैसे वसूले जा सकते हैं? यह बेहद आश्चर्यजनक है कि जिन प्राधिकरणों को इस मामले में निर्णय लेना चाहिए, वे पूरी तरह मौन हैं। इसके कारणों को बताने की हमें आवश्यकता नहीं है।”
- सुप्रीम कोर्ट
There are essential medicines for cancer for which MRP is ₹27000 and PTR (price to retailer) is ₹2700. That’s absolute rampage and carnage and broad day light dacoity with the patients. How can a patient be cheated for a medicine which the manufacturer sells to the retailer at ₹2700 and MRP is printed at ₹27000? It is surprising that the authorities who are supposed to take a decision on this are absolutely silent. We need not spell out the reasons for that: Supreme Court
जाति न पूछो अपराधी की...... via @aajtak intdy.in/96gwqx
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🚨 Nashik activists release stray dogs on official's table after complaints go unheard. 👏
हरियाणा सरकार में @NayabSainiBJP सभी के लिए उपलब्ध रहते हैं . पर उनका सरकारी अमला बिल्कुल भी काम नहीं कर रहा है. रोहतक के पॉश सेक्टर मानसरोवर कालोनी में सुबह से बिजली नहीं है. करीब 11 घंटे हो गए , फाल्ट ठीक नहीं हो सका है. गणपति पंडाल वाले भी परेशान है. @DC_Rohtak कृपया ध्यान दें.

















