
@badripali
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WORK, WORTHY ,WORSHIP ।WORK IS WORSHIP । Alumni University of Allahabad।राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष-मानस एकता फाउंडेशन। https://nitter.cf/t.co/vdbOShlSGV
Delhi, Allahabad, India
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मां विंध्याचल के धार्मिक स्थल मिर्जापुर जिले में कुल 5 विधानसभा की सीट है।
2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 3 सीट अपना दल S एक सीट और निषाद पार्टी ने एक सीट जीती है। सपा बसपा और कांग्रेस पार्टी का खाता नहीं खुला।
पूर्वांचल का पहला जिला जहां से समाजवादी पार्टी ने एक भी सीट नहीं जीती हैं।
मिर्जापुर में 2022 के विधानसभा चुनाव का रिजल्ट कुछ इस तरह रहा।
विधानसभा प्रत्याशी जीत का अंतर
छानबे राहुल कोल 38113
अपना दल
मिर्जापुर रत्नाकर मिश्रा 39876
बीजेपी
मंझवा डॉ विनोद कुमार बिंद 33587
निषाद पार्टी
चुनार अनुराग सिंह 47614
बीजेपी
मड़िहान रमा शंकर सिंह 62911
बीजेपी
अगर वही बात की जाय तो 2012 के विधानसभा में सपा ने 3 कांग्रेस 1 और एक सीट बीएसपी ने जीता।
अगर समाजवादी पार्टी को यूपी में सरकार बनाना होगा तो इस जिले से कम से कम 3 सीट जीतना होगा जबकि 2022 के चुनाव में खाता नहीं खुला समाजवादी पार्टी का।
कालीन नगरी के नाम से भदोही जिला जाना जाता है।
30 नंबर 1994 में बना भदोही जिला बनाया गया।जिसका पांच बार सिर्फ नाम बदला गया है वह जिला जो अपने नाम की पहचान बनाने के परेशान है 4अक्टूबर 2026 को भदोही जिले का नाम फिर बदलकर संत रविदास नगर भदोही कर दिया गया है।
भदोही जिले में कुल तीन विधानसभा आती है। 2022 के चुनाव में एक सीट सपा, एक बीजेपी और सीट निषाद पार्टी को जीत मिली । यहां भी कांग्रेस और बसपा का खाता नहीं खुला।
भदोही जिला का 2022 का रिजल्ट कुछ इस तरह था।
1. भदोही.- जाहिद बेग. - सपा
2. ज्ञानपुर - विपुल दूबे - निषाद
3. औराई - दीनानाथ भास्कर. - बीजेपी
वहीं 2012 के चुनाव में सपा ने जिले कि तीनों सीट जीत लिया था ।
भदोही जिले का प्रमुख चुनावी मुद्दे की बात की जाय तो कालीन उद्योग, बुनकरों के रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य प्रमुख मुद्दा है।
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🌹❤️ असली महानता अपने लिए जीने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां लाने में है
@PalAshok12
#मानस_एकता_फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सच्चे समाजवादी विचारधारा के प्रति समर्पित आदरणीय श्री अशोक पाल जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और अनन्त शुभकामनाएं 💐 🎊 🎈 🎂 🎁 💖🥳🎉
“मानव सेवा ही धर्म है” — इसी भावना के साथ आपका जीवन समाजसेवा, समानता और जनकल्याण के लिए समर्पित रहे
मानस एकता फाउंडेशन परिवार की कामनाएँ है कि आप स्वस्थ, दीर्घायु एवं जनसेवा के मार्ग पर सदैव सफल रहे
मानस एकता फाउंडेशन परिवार 🌹
सुनो सपा का इतना बड़ा नुक्सान हुआ है कि विधायक जी मिलकर बीजेपी के वर्तमान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को चुनाव हरा दिए थे।
सपा को बड़ा नुक़सान… अवध में अखिलेश यादव की ज़मीन खिसकी…
सपा विधायक अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी और राकेश प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय महामंत्री @smritiirani के नेतृत्व में भाजपा जॉइन की…
उत्तर प्रदेश पुलिस बीजेपी के जिन पदाधिकारी पर rape का FIR हुआ उन सभी का किस दिन गिरफ्तारी करके,परेड पूरे जिले में होगा।
मगर उत्तर प्रदेश पुलिस कभी ऐसा नहीं कर पाएगी क्योंकि वो सभी बीजेपी पार्टी के पदाधिकारी है।
कोई दलित पिछड़ा आदिवासी होता तो अब तक उसका पूरे जिले परेड निकाल दिया जाता।
उत्तर प्रदेश -
अलीगढ़ में BJP के 3 नेताओं पर रेप की FIR दर्ज हुई है। BJYM जिला उपाध्यक्ष सौरभ चौधरी, BJP-SC मोर्चा महामंत्री पंकज दिवाकर और कार्यकारणी सदस्य लोकेश नागर नामजद आरोपी हैं।
पीड़िता के मुताबिक, वह कोर्ट से लौट रही थी। रास्ते में होटल के बाहर खड़े तीनों युवकों ने अश्लील हरकतें की। फिलहाल कोई आरोपी अरेस्ट नहीं है।
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पहले लोग झूठ बोलने से डरते थे कि पाप होगा!
और अब लोग सच बोलने से डरते हैं कि नुक़सान होगा!!
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दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता जी ,इनका और
पार्टी का असली चेहरा सामने है
जब तक हर एक राम मारा ना जाए 👇
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भाई अब शामिल हो गए हैं इसे पूरी तरह से बंद कर दो
विपक्ष नेता राहुल गांधी आज इंडिया गेट पर धरना प्रदर्शन पर बैठे अंकिता भंडारी के माता पिता से मिलने गए।
अंकिता भंडारी का मर्डर कर दिया गया था जिसका आरोप बीजेपी के नेता के ऊपर लगा था।
अब बीजेपी उस नेताको सिक्किम का राज्यपाल बना रही है।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi और कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी ने अंकिता भंडारी के परिवार से इंडिया गेट पर मुलाकात की।
साल 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में BJP के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तराखंड प्रभारी रहे दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे थे।
आरोप था कि अंकिता पर दुष्यंत गौतम को सर्विस देने का दबाव बनाया गया था। जब अंकिता ने मना किया तो उसकी हत्या कर दी गई।
जिस दुष्यंत गौतम पर आरोप लगे, नरेंद्र मोदी ने उसे इनाम देते हुए सिक्किम का राज्यपाल बना दिया है।
देश की बच्चियां और महिलाएं देख रही हैं कि कैसे नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार दुष्यंत गौतम को बचा रही है।
अंकिता भंडारी को न्याय देने के बजाए पूरी BJP सरकार पीड़ित परिवार की आवाज दबाने पर तुली है।
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दुनिया बहुत बड़ी है ये दो क्या चीज तीसरी हस्ती भी मस्ती करेगा वहा वो थाना नही होगा जहा मारपीट का दुस्साहस हुआ था
अमेठी जिले बीजेपी आज जहां सपा के तीन विधायक बीजेपी ज्वाइन किया।
वहीं आज जिला अमेठी बीजेपी में बगावत भी शुरू हो गई है।
अमेठी के बड़े नेता गोविंदा सिंह चौहान से इसकी शुरुआत हो गई है। देखो अब कितनी बगावत होगी।
अमेठी : बीजेपी नेता गोविंद सिंह चौहान का बयान
"सपा से निष्कासन के बाद अब तक क्यों रुके थे’राकेश के आने से पार्टी में देखी जाएगी नाराजगी,‘पुराने BJP के लोगों को कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया’पार्टी का साथ देने वाले कार्यकर्ताओं की अनदेखी"
#Amethi #GovindSinghChauhan #RakeshPratapSingh
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अब हाईकोर्ट ने तीन महीने की समयसीमा तय की! आखिर जवाबदेही किसकी?
उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत जैसे बुनियादी लोकतांत्रिक चुनाव समय पर नहीं हो सके। अब 14 अक्टूबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। ndtv.in/india/allahabad-high…" title="खबर पढ़ें"/>।
सवाल सीधे योगी सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से हैं:
जब ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की सबसे निचली और सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं, तो इनके चुनाव समय पर कराने की जिम्मेदारी किसकी थी?
जब पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया, तो ग्रामीण जनता को अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से शासन चलाने का अधिकार समय पर क्यों नहीं मिला?
क्या चुनावी तैयारियों, आरक्षण और मतदाता सूची की प्रक्रिया को समय रहते पूरा नहीं किया जा सकता था?
और अब जब हाईकोर्ट ने तीन महीने की समयसीमा तय कर दी है, तो क्या सरकार और चुनाव आयोग इस बार तय समय में चुनाव करा पाएंगे?
लोकतंत्र केवल लोकसभा और विधानसभा चुनावों तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र की असली ताकत गांव की चौपाल, ग्रामसभा और ग्राम पंचायत में भी दिखाई देती है।
चुनाव में देरी से सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, जवाबदेही तथा विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जनता को आश्वासन नहीं, स्पष्ट समयसीमा और जवाब चाहिए।
भाजपा सरकार से सवाल है—जब पंचायत चुनाव कराने की जिम्मेदारी आपकी व्यवस्था की है, तो देरी की जवाबदेही कौन लेगा?
लोकतंत्र में सत्ता जनता से बड़ी नहीं होती। जनता को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार समय पर मिलना चाहिए।
अब बहाने नहीं, पंचायत चुनाव की तारीख बताइए! जवाबदेही तय कीजिए!
#UPPanchayatElection #YogiGovernment #AllahabadHighCourt #लोकतंत्र #उत्तरप्रदेश
समाजवादी पार्टी PDA समाज की पार्टी है।
जो बागी विधायक हैं वो तीनों PDA समाज से नहीं आते हैं।
ये तीनों विधायक PDA समाज का वोट लेकर विधायक तो बन जाते हैं। मगर अपने समाज का एक भी वोट PDA को नहीं दिला सकते हैं।
#WATCH | अमेठी, उत्तर प्रदेश | भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में कुछ ही देर में तीन बागी सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुवेर्दी भाजपा में शामिल होंगे।
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मुझे लगता है टिकट किसी को भी दो हार तो निश्चित है
इस बार गौरीगंज विधानसभा चुनाव दो लोगों के बीच होगा।
पहले व्यक्ति जो स्मृति ईरानी को गुलदस्ता दे रहे हैं भूतपूर्व विधायक, भूतपूर्व बीजेपी प्रत्याशी चंद्र प्रकाश मटियारी है, जो 2022 विधान सभा में बीजेपी के प्रत्याशी है। और पांच साल से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।
दूसरे व्यक्ति वर्तमान विधायक राकेश प्रताप सिंह हैं जो दूर से स्मृति ईरानी को देखकर रहे हैं।
बीजेपी पार्टी इन्हीं दो लोगों में से एक को टिकट देगी।
अगर बीजेपी राकेश प्रताप सिंह को टिकट देती है तो चंद्र प्रकाश मटियारी बागी हो जाएगे। बीजेपी को बहुत बड़ा नुक्सान होगा ।
अगर बीजेपी चंद्र प्रकाश मटियारी को टिकट देगी तो राकेश प्रताप सिंह का राजनीतिक करियर खत्म हो जाएगा।
इसलिए इस बार के गौरीगंज विधानसभा के इन्हीं दो बीजेपी प्रत्याशी के बीच होगा।
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बाबा साहब हमेशा यही कहते थे कि पढ़िए, लिखिये और देश के बड़े से बड़े संस्थानों में प्रवेश कीजिए तभी आपका कल्याण हो सकता है
लेकिन हमारे लोग तो झोला झण्डा उठाएंगे और सोचेंगे कि अब वो बड़े हो गये और टपोरी गिरी करेंगे क्या फायदा
बाबा साहब के विचारधारा ही हमें मानवी बना सकते हैं
क्योंकि दुर्दांत अपराधी पिछड़ी समाज से आते हैं इसलिए इनको सैंकड़ों पुलिस वाले मिलकर चौराहे पर घुमा रहे हैं। क्योंकि इनका सरनेम पाल है।
अगर अपराधी का सरनेम सवर्ण जाति का होता तो उसको फूल माला पहनाकर सम्मानित किया जाता है। तिलक लगाया जाता है, गमछा पहनाया जाता, ढोल बाजें के साथ घोड़े पर बैठाकर पूरे शहर में घुमाया जाता।
मंत्री लोग आकर गुलदस्ता देते और सेल्फी लेते इनके साथ, और रैली में शामिल होकर जय श्री राम का नारा लगाकर इसके सारे पाप धो देते।
मगर अपराधी तो PDA समाज का पिछड़ी जाति का है इसलिए उसको पूरे शहर में घुमाया जा रहा है।
सजा और न्याय सबके साथ समान हो चाहे जिस जाति,धर्म समुदाय का हो।
इस बार गौरीगंज विधानसभा चुनाव दो लोगों के बीच होगा।
पहले व्यक्ति जो स्मृति ईरानी को गुलदस्ता दे रहे हैं भूतपूर्व विधायक, भूतपूर्व बीजेपी प्रत्याशी चंद्र प्रकाश मटियारी है, जो 2022 विधान सभा में बीजेपी के प्रत्याशी है। और पांच साल से चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।
दूसरे व्यक्ति वर्तमान विधायक राकेश प्रताप सिंह हैं जो दूर से स्मृति ईरानी को देखकर रहे हैं।
बीजेपी पार्टी इन्हीं दो लोगों में से एक को टिकट देगी।
अगर बीजेपी राकेश प्रताप सिंह को टिकट देती है तो चंद्र प्रकाश मटियारी बागी हो जाएगे। बीजेपी को बहुत बड़ा नुक्सान होगा ।
अगर बीजेपी चंद्र प्रकाश मटियारी को टिकट देगी तो राकेश प्रताप सिंह का राजनीतिक करियर खत्म हो जाएगा।
इसलिए इस बार के गौरीगंज विधानसभा के इन्हीं दो बीजेपी प्रत्याशी के बीच होगा।























