मैं सुबह से सोच रहा हूं कि लॉरेंस बिश्नोई मुसलिम आतंकवादी है य हिंदू आतंकवादी? आधी रात हो गयी, जवाब नहीं मिला है।
अगर आप गुंडा हैं और आपका नाम लॉरेंस बिश्नोई है, तो पुलिस आपको इज़्ज़त से बुलाएगी। विश्वास न हो, तो ये वीडियो देखिए!
अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट जलकर खाक हो गया है। संसद पर हमला हुआ है। प्रधानमंत्री छिपे हुए हैं और देश विद्रोहियों के हाथों में है। अल्बानिया ने खुलेआम हो रहे भ्रष्टाचार और अपने देश को बेचे जाने का विरोध किया है।
हमारे बच्चे कम से कम ये तो नहीं कर रहे!!
Avinash Das retweeted
भारत के प्यारे लिबरल यूटुबर्स की दुनिया -
> हर एक लाख व्यूज़ पर इनको 10,000 से लेकर 25,000 तक का पेआउट मिलता है।
> इनके चैनलों पर आने वाले पैनलिस्टों को अमूमन ये मुफ्त लेबर की तरह इस्तेमाल करते हैं। कभी भी किसी को भी कॉल कर लेंगे, और प्रोग्राम कर डालेंगे (मानो वो बंधुआ मज़दूर हों)। इनके लिए किसी के भी समय की कोई कीमत नहीं।
> यदि पैसा प्रॉमिस भी करते हैं, तो अक्सर देते नहीं। लेकिन पेआउट का लालच इतना, कि फ़ोन बार बार करते रहेंगे।
> पैनेलिस्ट भी अपनी तस्वीर देखने का चस्का लगने के बाद इस ड्रग एडिक्शन से मुक्त नहीं हो पाते। किसी ने "एयरपोर्ट पर पहचान लिया" उस नशे की लत जो एक बार लगी, उस "शोहरत" ही हेरोइन जो एक बात चखी, आदमी ख़तम। आखिर एक विश्वगुरु तो सबमें है ही।
> इस तरह एक शानदार बिज़नेस खड़ा हो चुका है। बाकी केजरी से ज्यादातर को जो लगातार फंडिंग आती है वो अलग। और बीजेपी वालों का तो कहना ही क्या।
> एक छोटा सा हिंट देता हूँ - जो भी यूट्यूबर आपको बार-बार कॉकरोच कॉकरोच या 'काकरोच काकरोच' करता दिखे, समझ लो सेटिंग पूरी हो गयी है।
> लेकिन महान कांग्रेस को इस सबसे कोई मतलब नहीं। किसी से न कुछ लेना, न देना। अपनी दुनिया अपनी मस्ती। तुम सब जाओ भाड़ में।
इस सब हाट बाजार से अलग एकदम ईमानदार और सच्चे यूट्यूबर भी हैं जो हम सब का अच्छा लक है। उन्हें देखें उन्हें सुनें।
ABP नेटवर्क ने अभी तक तक उस रिपोर्टर और उस डिजिटल संपादक को निकाला या नहीं? अगर नहीं निकाला है, तो इस क्षमायाचना का कोई मतलब नहीं है।
अदालत को धमकाने की हिम्मत किसकी है। बस कोई याचिका लेकर आता है, तो जज साहब को खुद ही सबको समझाना पड़ता है कि हम डरते नहीं हैं।
hindi.news18.com/news/nation…
Avinash Das retweeted
हर उस शख़्स को जिसको इस बात के लिए चिंता हैं कि हमारे देश में नेपाल और बांग्लादेश जैसा तख़्तापलट नहीं होना चाहिए उनको एक बात समझना होगा नेपाल में युवा इस बात को लेके गुस्से में सड़कों पर निकले कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक , एक्स और इंस्टा पर उनकी बात सरकार के दबाव में दबायी जा रही थी और बांग्लादेश में जो चुनाव हुए उसमें जमकर धांधली हुई और चुनाव आयोग से लेके हर संस्था हसीना सरकार के पीछे खड़ी थी इसलिए अभी जरूरत इस बात की हैं कि युवा वर्ग की आवाज दबाने के बजाय उनके साथ संवाद कर समाधान निकालने के प्रयास करे ।हमारे देश का युवा क्यों नाराज हैं इसके लिए आप थोड़ा समय निकालकर कॉलेज , यूनिवर्सिटी का जायजा लीजिए जवाब मिल जाएगा । चुनाव आयोग की भी विश्वसनीयता पिछले तीन दशक में इतना चौपट कभी नहीं रहा @ravish_journo @iamnarendranath @Anurag_Dwary
एक अदद प्रोटेस्ट रोकने के लिए सत्ता ने सत्ताइस हज़ार जवान और हिरासत की गाड़ियां सड़क पर उतार दीं। डर अच्छा है, कुर्सी की सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है।
indiatv.in/india/national/cj…
Avinash Das retweeted
इस देश में ग़ैर कांग्रेसवाद के जनक स्वर्गीय डॉक्टर राममनोहर लोहिया का सत्ता परिवर्तन के बारे में कई विचार थे उनमें एक था ज़िंदा क़ौमें पाँच साल इंतज़ार नहीं करती और उसी से जुड़ा एक और विचार था जब भूख और जुल्म बढ़ जाती हैं तो तो चुनाव से पहले भी सरकारें बदली जा सकती हैं । राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश जी के लाइब्रेरी में डॉक्टर लोहिया की सारी किताबें मिल सकती हैं ।
ऐ मेरे वतन के लोगो! ज़रा आंख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो क़ुर्बानी
जागो जागो! फिर से जागो!!
Avinash Das retweeted
UPDATE #01 | AISA President Comrade Neha has been taken to R.K. Puram Police Station after being transported across Delhi for five hours as the lone detainee.
Our legal team has met Neha at R.K. Puram Police Station, but even at midnight, police refuse to clarify when they will be released.
- HQ, CPIML Liberation | 17 Oct | 0010 HRS
Avinash Das retweeted
WHERE IS AISA PRESIDENT NEHA BORA ?
Parliment PS barricaded & shut!
Lawyers are being denied to entry!
अब घृणा की बंसी जहां बजाता आया एक छिछोरा
वो भारत देश है मेरा, वो भारत देश है मेरा xitter.cf/Imdead108_ybc/status/2…
मर्डर करवा कर आप कुरबानी लिये न जी! दिये कहां!!
अपने मुंह से बोल रहे हैं आप। मतलब नीतीश जी आपसे मर्डर करवाते थे?
डेमोक्रेसी नाउ की यह वीडियो रिपोर्ट देखनी चाहिए। यह कोई गढ़ी हुई डॉक्यूमेंट्री नहीं, सड़क से सीधी रिपोर्ट है, और इसकी अहमियत यही है कि दिल्ली में जो हो रहा है उसे दुनिया एक भारतीय पत्रकार की ज़बान में सुन रही है, सरकारी बयान की नहीं।
@democracynow
deshkaal.xyz/lekh/2026-10-16…











