निर्भया के दोषियों को फांसी का खौफ.. ये सभी न केवल घबराए हुए हैं, बल्कि ठीक से भोजन भी नहीं कर रहे हैं..फांसी की आहट का असर ये है कि अब दोषी अपने-अपने सेल में देर रात तक चक्कर काटते रहते हैं
#NirbhayaCase#Nirbhaya
पाओं ज़मीन पर रखे मेरे, रूह कभी ना मग़रूर थी;
परवाज़ ऐसी दी मुझे, जो मेरे तख़य्युल से भी दूर थी।
-आयुष्मान
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Paaon zameen par rakhe mere, rooh kabhi na maghroor thi;
Parvaaz aisi dee mujhe, jo mere takhayyul se bhi duur thi.
-Ayushmann
Takhayyul = imagination