कल तक ये ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँग रहे थे और आज ये आशुतोष और सौरभ की रिहाई की माँग कर रहे हैं !
जनता को घण्टा फर्क नहीं पड़ रहा इनके जेल जाने से !🤣🤣🤣
अगर सत्ता आज भी @AshutoshRanka और @SauravDassss को रिलीज़ नहीं करती अवैध गिरफ्त से तो समझ जाओ , मोदी ने सरकार बचाने की उम्मीद छोड़ दी है ।
इंकलाब जिंदाबाद ✊
सर, ये आग लगाई गई है रवीश कुमार और कुछ 2bhk टाईप पत्रकारों और सांसदों द्वारा की देखो लोग गोदी मीडिया को भगा रहे हैं, AC कमरों में बैठकर इन्होंने खूब भीड़ को उकसाया है !
मगर, इन्हें पता नहीं था कि भीड़ दोनों तरफ है और भीड़ किसी का सगा नहीं होता, आज अब लोगो की आँखे खुल रही है !
मेनस्ट्रीम मीडिया हो या सोशल मीडिया हो…जो आपके मन मुताबिक ना बोल रहा हो उसके खिलाफ नारेबाज़ी करके वायरल कंटेंट बनाने का प्रचलन बढ़ गया है..ऐसे ही लोग भीड़ को उकसाकर मारपीट करने का माहौल भी बनाते हैं…जबकि @ShyamMeeraSingh जैसे पत्रकार शानदार काम कर रहे हैं…
रवीश कुमार ने जो आग लगाई थी गोदी मीडिया की लिंचिंग की वो अब फैल चुकी है !
Ac कमरों में बैठकर लोगो को पत्रकारों के खिलाफ उकसाने वाले लोग अब चुप बैठे हैं,
भीड़ किसी का सगा नहीं होता हैं वो भीड़ अब किसी को नहीं छोड़ रही हैं, क्या गोदी मीडिया और क्या पप्पू मीडिया !
प्रशांत भूषण का अपना तो कोई पॉलिटिकल पार्टी हैं नहीं और न ही चुनाव लड़ना है उसे,
मगर हाँ, उसने राहुल गांधी के राहों में एक बड़ा सा पत्थर जरूर लाकर रख दिया है रिजीम चेंज का, ये सोचते हैं 1000-2000 लेफ्ट के कार्यकर्ताओं के भरोसे अगर रिजीम चेंज कर देंगे तो ये भ्रम में है !
फ्लॉप अभिनेता हो या फ्लॉप नेता ये सभी इसी आंदोलन से अपना चेहरा चमकाना चाह रहे हैं,
हालांकि इन्हें जनता दुबारा पसंद नहीं करेगी चाहे यह कितनी भी क्रांति कर ले !
राघोपुर, लालू परिवार का गढ़ हैं, यहां से लालू-राबड़ी दोनों चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बने और वर्तमान में तेजस्वी यहां से विधायक हैं !
राघोपुर में न सड़क, न पुल, नहीं स्वास्थ्य केंद्र हैं यहां के लोगो को नाव से नदी पार कर जाना होता हैं, जानबूझकर यहां के नेता ने विकास नहीं किया !
कंगना रनाउत पर हाथ छोड़ा गया, या फिर पत्रकारों पर हमले हुए तो उसे गोदी मीडिया कहकर ट्रोल करने लगे सारे लिबरल, वामपंथी और चमचों में खुशी की लहर थी, सब उस थप्पड़ का महिमामंडन कर रहे थे
बंगाल में महुआ पर हमले हुए अंडों से या फिर अभी पत्रकार ट्रोल हो रहे तो लोकतंत्र दिखने लगा,
पंजाब सरकार व्यस्त हैं दिल्ली के मालिक का हुकुम मानने में और पंजाब की की स्थिति यह है क्विंटल का क्विंटल अनाज पानी मे सड़ रहा है !
कॉकरोच को सिर्फ बीजेपी शाषित राज्यों की चिंता हैं केजरीवाल के राज्यों में सब चंगा सी !
#WATCH | Punjab: Flooding at the grain market in Fazilka damages lakhs of quintals of grain stored here. The grain market was flooded following rainfall. (11.10.2026)
श्याम हैं वो अकेला सबपर भारी, उसे डिटेन कर के डराकर के ज्यादा देर नहीं रख सकते,
दिल्ली पुलिस से आग्रह है वो ऐसे लोगो को गिरफ्तार न करें जो स्वतंत्र पत्रकारिता करता हो !
एक समय केजरीवाल को भी लगता था कि मेरी गिरफ्तारी पर पूरी दिल्ली और देश के कोने-कोने से लोग सड़क पर आ जायेंगे, मगर उसके सारे कार्यकर्ता भी सड़क पर नहीं आये !
ऐसे ही दीपके, रंका को लग रहा था कि उसके गिरफ्तारी पर भीड़ सड़को पर आ जायेगी मगर ऐसा कुछ हुआ नहीं, क्रांति नहीं भ्रांति है !
बीजेपी विपक्ष को अपने हिसाब से खेला रही है,
जब कांग्रेस का आंदोलन हो तो केजरीवाल, अखिलेश और उद्धव ठाकरे जैसे लोग दूरी बना ले और जब कॉकरोच, केजरीवाल का आंदोलन हो तो कांग्रेस के नेता छात्रों की गूंज करे चेन्नई में और छात्र इन्हें डूसू इलेक्शन में हरा दिया !
तो यह है विपक्ष !
आज लड़ाई सरकार और कॉकरोच की नहीं है, आज की लड़ाई सरकार और केजरीवाल की है !
ये जितने भी कॉकरोच प्रमुख है ये सब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता रह चुके हैं, शुरुआत के दिनों से ही केजरीवाल, सिसोदिया और टिकट ब्लैकिय ने मिलकर इसे तैयार किया है सत्ता को अराजक तरीके से कब्जा करने की कोशिश
अगर कॉकरोच पार्टी अपना प्रोटेस्ट स्थगित कर दे किसी और दिन का हवाला देकर तो, आज जो ट्रेनें कैन्सिल हुई हैं जो परेशानी हुई है क्या वो और दिन भी होगा !
सरकार से अगर 3-4 हजार भीड़ न सम्भल रही तो काई की सरकार, कांग्रेस ने एक रात में रामलीला मैदान खाली करा लिया था बाबा रामदेव से !
मेट्रो तक तो ठीक था, मगर ट्रेन को रद्द करने का फैसला बिल्कुल गलत हैं !
महीनों से लोग ट्रेन बुक कर इन्तेजार करते हैं किसी को डॉक्टर तो, किसी को खरीदारी या कोई घर जाने वाला होगा इनसब से सरकार मजबूर दिखाई देती है कॉकरोच के सामने !











