If u r trading any listed markets for ten years and not making money, then dude problem is with ur trading psychology not with markets,
CJP कभी भी अभिजीत दीपके के बेडरूम में नहीं बना था।
CJP के पीछे की असली ताकत 'ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन' (Human Rights Foundation) है...
...और यह पूरा खेल ओस्लो फ्रीडम फोरम (Oslo Freedom Forum) में रचा गया था, जिसका आयोजन ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन ने किया था।
और अंदाजा लगाइए कि भारत से वहां कौन-कौन से बड़े प्रतिभागी (attendees) पहुंचे थे?
सौरभ दास और सुप्रिया शर्मा।
और वहां की प्रमुख वक्ताओं (featured speakers) में से एक थीं हेलेन स्वैनसन — वही पत्रकार जिन्होंने मोदी जी के ओस्लो दौरे के समय (18 से 20 मई के दौरान) उनके सामने हंगामा (heckling) किया था।
इसकी पटकथा काफी समय पहले ही तैयार कर ली गई थी।
और इस पूरे तंत्र (ecosystem) को सौरभ दास और ठाकुर फाउंडेशन (Thakur Foundation) के ज़रिए भारत में लाया गया।
ठाकुर फाउंडेशन ने सौरभ दास को शुरुआती स्टार्टअप फंड के तौर पर लगभग 11 लाख रुपये दिए थे।
उन्होंने एक किताब भी लिखी है — दरअसल वे एक किताब लिख रहे हैं जिसके लिए उन्हें अग्रिम राशि (advance) मिली है। ठीक वैसे ही जैसे न्यूट गिंगरिच (Newt Gingrich) ने तब किया था जब वे अमेरिका में 'फॉक्स न्यूज़' (Fox News) लाने की कोशिश कर रहे थे। सौरभ दास के लिए भी वही तरीका अपनाया जा रहा है।
तो, ये सारी चीजें बहुत पहले से ही तय थीं।
दीपके को 'ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन' और 'जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन' द्वारा अमेरिका में पूरे एक साल तक ट्रेनिंग दी गई थी।
दूसरे साल उनके बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
अब एक भारी भरकम डोनेशन की बातें सामने आ रही हैं, ताकि वहां से उनकी डिग्री पक्की की जा सके।
सुप्रिया शर्मा 'ओस्लो फ्रीडम फोरम' में दूसरी प्रमुख वक्ता थीं। और उन्होंने उमर खालिद पर खुलकर बात की — कि कैसे भारत में अन्य धर्मों का उत्पीड़न हो रहा है और हिंदू लोग हिटलर और मुसोलिनी जैसे हैं।
यही उनकी सोच और विचारधारा थी, और उनके मुताबिक मोदी तानाशाह हैं...
हां, सुप्रिया शर्मा ने 'लव जिहाद' पर एक किताब भी सह-लिखी (co-authored) है और बताया है कि यह एक काल्पनिक (fictional) कहानी है।
वे भारत में भारी मात्रा में पैसा झोंक रहे हैं, इसीलिए FCRA इतना महत्वपूर्ण है और यही वजह है कि अन्य राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं।
अधिकांश आंदोलनों की शुरुआत वामपंथी (Left) विचारधाराओं से हुई है, जहाँ छात्रों का माइंडवॉश करके आंदोलन खड़े किए जाते हैं।
यह नेपाल में हुआ, बांग्लादेश में हुआ और बहुत पहले क्यूबा में भी ऐसा ही हुआ था।
इस देश की Gen Z और Gen Alpha से मेरी यही अपील है — सरकार से जितने चाहें सवाल पूछें, उनसे वे काम करवाएं जो आप चाहते हैं, खासकर शिक्षा के क्षेत्र में।
लेकिन कृपया करके CJP, AAP, ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन और ओस्लो फोरम जैसी विचारधाराओं के बहकावे में न आएं।
वे भारत को अस्थिर कर देंगे और इसे वापस अंधकार युग (Dark Ages) में धकेल देंगे।
Transparency grows with immediate appointment of a Regular CMD for a predictable decision-making framework.
@PMOIndia @JM_Scindia @DoT_India @PemmasaniOnX @DrJitendraSingh @mansukhmandviya @BSNLCorporate
#No_Extn_2_CMDBSNL #NewCMD4BSNL
India needs immediate appointment of a Regular CMD to strengthen trust in institutions.
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BSNL deserves immediate appointment of a Regular CMD for long-term organisational growth.
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Rakesh choudhary retweeted
As part of the celebrations marking the 26th BSNL Foundation Day, the BSNL Pathanamthitta team visited Shri. Nizamudeen A., IAS, District Collector, Pathanamthitta, conveyed warm greetings on this special occasion, and discussed BSNL’s ongoing initiatives under the BharatNet and 4G Saturation Projects aimed at strengthening digital connectivity across the district.
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