TGT PGT की पुरानी नियमावली की बहाली को लेकर PGT में गैर BED अभ्यर्थी को शामिल करने BED को बाहर करने व GS को बाहर करने व TGT का विज्ञापन पुरानी नियमावली पर जारी करने संबंधी कई मांगों को लेकर 21 अक्टूबर 2026 को पुनः अभ्यर्थी शिक्षा निदेशालय का घेराव करेंगे।
जनपद- उन्नाव में जनपदीय समायोजन में नियमों के उल्लंघन की शिकायत पर जांच के लिए बनी समिति
कार्यालय आदेश
अधोहस्ताक्षरी को सम्बोधित मीनू सचान सहायक अध्यापक प्रा०वि० जबरेला विकासखण्ड असोहा उन्नाव के प्रार्थना पत्र दिनांक 17.10.2026 (छायाप्रति संलग्न) के माध्यम से अवगत कराया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उन्नाव द्वारा जनपदीय समायोजन में नियम विरूद्ध सहायक अध्यापक का समायोजन विकासखण्ड असोहा के प्रा०वि० मुबारकपुर कर दिया गया है। जबकि प्रार्थिनी का नाम समायोजन सूची में तृतीय स्थान पर था सम्बन्धित शिक्षिका द्वारा समायोजन की प्रक्रिया में हुई अनियमित्ता की जाँच कराकर न्याय दिलाने का निवेदन किया गया है। शिक्षिका के आरोप के सम्बन्ध में समायोजन की प्रक्रिया में हुई अनियमित्ता की जाँच हेतु निम्नवत् समिति गठित की जाती है:-
1. श्री सुनील दत्त जिला विद्यालय निरीक्षक उन्नाव अध्यक्ष
2. श्रीमती किरन भारती प्रधानचार्य, राजकीय बालिका इ० कालेज उन्नाव,- सदस्य
3. सै० समर अब्बास जैदी वरिष्ठ प्रवक्ता जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान- सदस्य उन्नाव।
गठित समिति समायोजन के प्रकरण की जाँच कर जॉच आख्या साक्ष्य सहित 05 कार्यदिवस के अन्दर अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें ।
संलग्नक-शिक्षिका का पत्र दिनांक 17.10.2026 समस्त संलग्नको सहित।
(प्रसेनजीत सिंह) उप शिक्षा निदेशक / प्राचार्य,
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान,
उन्नाव।
#ब्रिजकोर्स
जो लोग एडमिशन से वंचित रह गए थे उनको आवेदन हेतु अंतिम मौका सभी लोग पोर्टल 21 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक खुल रहा आवेदन कर सकते हैं।
68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े विवाद को लेकर अभ्यर्थियों ने आज डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया।
अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए सरकार से न्याय की गुहार लगाते नजर आए। मौके पर तैनात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपने हक और न्याय की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।
@kpmaurya1 #68500ShikshakBharti #UPTeacherRecruitment #KeshavPrasadMaurya #ReservationIssue #TeacherRecruitment
शिक्षक एवं स्नातक चुनाव में अपना नाम खोजें👇
ceouttarpradesh.nic.in/ceoup…
UPSSSC सहायक सांख्यिकीय अधिकारी 2016 का अंतिम परिणाम घोषित।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ ने विज्ञापन संख्या- 18(5)/2016 के तहत सहायक सांख्यिकीय अधिकारी के 49 पदों के सापेक्ष 48 अभ्यर्थियों का चयन किया है।
साक्षात्कार: 20, 22 और 23 जून 2026
परिणाम तिथि: 17 अक्टूबर 2026
अनुसूचित जनजाति के 1 पद पर अभ्यर्थी न मिलने से पद खाली रह गया है।
ब्रिज कोर्स विभागीय प्रशिक्षण हेतु टीम की तरफ से मांगपत्र--
@niostwit महोदय, हम 6 वर्षों से कार्यरत शिक्षक हैं, हमें विभाग में SIR (17अक्टूबर 2026 से 30 अक्टूबर ) BLO( कार्य प्रगति पर) , यूपी बोर्ड परीक्षा ड्यूटी(5 फरवरी 2027 से 24 फरवरी 2027), विभागीय प्रशिक्षण (FLN ट्रेनिंग,ICT प्रशिक्षण, जीवन कौशल प्रशिक्षण,आपदा प्रबन्धन आदि) पंचायत चुनाव (अगले 3 महीनें के अंदर हाईकोर्ट के आदेशानुसार) , विधानसभा चुनाव ( मार्च 2027 से अप्रैल 2027 तक) व जनगणना 2027( 16 नवम्बर 2026 से 30 नवम्बर 2026 तक स्व: गणना , 1 दिसम्बर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक गणना कार्य ) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में अपनी जिम्मेदारी निभानी है।
इन कार्यों के साथ साथ एक शिक्षक के लिए परीक्षा कहां से उचित है, स्वयं NIOS के उच्च अधिकारी विचार करें।
हमारी मांगे निम्न है...
1- 6 माह के ब्रिज को पूर्व की भांति सिर्फ विभागीय प्रशिक्षण के रूप में करवाया जाएं।
2- IGOT कर्मयोगी, FLN प्रशिक्षण की तरह ऑनलाइन मूड में परीक्षा कराई जाएं।
3- विद्यालय स्तर पर ऑनलाइन परीक्षा OPEN यूनिवर्सिटी की तरह कराई जाएं।
4- विशेष परिस्थितियों में मेडिकल अवकाश हेतु स्पष्ट गाइडलाइन जारी करें, विभाग में महिला शिक्षिका के मातृत्व अवकाश को लेकर बहुत परेशान है।
उपरोक्त बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का कष्ट करें!
धन्यवाद!
@EduMinOfIndia
@myogiadityanath
@UPGovt
@JoshiPralhad
@thisissanjubjp
@jayantrld
#NCTE
#bridgecourse
प्रदेश के विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण योजना के अन्तर्गत कार्यरत रसोइयों के मानदेय में वृद्धि के सम्बन्ध में
प्रा.और उ.प्रा. शिक्षकों की पदोन्नति और सेवा निरंतरता के लिए टीईटी की अनिवार्यता:
माननीय उच्चतम न्यायालय ने सिविल अपील संख्या 1385/2025(अंजुमन इशअत-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य)में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की योग्यताओं को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। इस निर्णय ने सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा की विधिक स्थिति, पदोन्नति के नियम और नौकरी में बने रहने की शर्तों को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।
1.पदोन्नति के संदर्भ में न्यायालय का स्पष्ट दृष्टिकोण,
अदालत के समक्ष मुख्य तर्कों में से एक यह था कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) की धारा 23 में प्रयुक्त "नियुक्ति" शब्द केवल प्रारंभिक/सीधी नियुक्ति पर लागू होता है, पदोन्नति द्वारा नियुक्ति पर नहीं। इसलिए सेवारत शिक्षकों के लिए पदोन्नति हेतु टीईटी आवश्यक नहीं होना चाहिए।
उच्चतम न्यायालय ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। न्यायालय ने विधिक सिद्धांतों और पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि:
"नियुक्ति" और 'भर्ती' के अंतर्गत आंतरिक स्रोत यानी "पदोन्नति द्वारा नियुक्ति" भी पूरी तरह समाहित है।
एनसीटीई द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यताएं (जिसमें टीईटी शामिल है) केवल पहली नियुक्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पदोन्नति पर भी समान रूप से लागू होती हैं।
पैरा 170 में अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी सेवारत शिक्षक पदोन्नति चाहते हैं, चाहे उनकी सेवा अवधि कितनी भी लंबी क्यों न हो, पदोन्नति के विचारार्थ पात्र होने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
पैरा 218 में इसे पुनः दोहराते हुए रेखांकित किया गया कि पदोन्नति चाहने वाले शिक्षकों को टीईटी पास करना ही होगा, अन्यथा उन्हें अपनी उम्मीदवारी पर विचार कराने का भी कोई विधिक अधिकार नहीं होगा।
2. सेवा निरंतरता (नौकरी बचाने) और पदोन्नति में अंतर,
अदालत ने उन वरिष्ठ शिक्षकों की व्यावहारिक कठिनाई को ध्यान में रखा जो आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे और दशकों से पढ़ा रहे हैं। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए सेवा निरंतरता के संदर्भ में दो श्रेणियां बनाईं:
जिनकी सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से कम समय बचा है:
उन्हें बिना टीईटी पास किए अपनी सेवानिवृत्ति तक नौकरी में बने रहने की छूट दी गई है। परंतु, पैरा 216 में यह कड़ा प्रतिबंध लगाया गया कि यदि ऐसा कोई शिक्षक पदोन्नति चाहता है, तो उसे टीईटी उत्तीर्ण किए बिना पात्र नहीं माना जाएगा।
जिनकी सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से अधिक समय बाकी है:
उन्हें अपनी नौकरी बचाने के लिए 2 वर्ष का समय दिया गया है कि वे टीईटी उत्तीर्ण कर लें। यदि वे 2 वर्ष में टीईटी पास नहीं करते हैं, तो उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देकर सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। रिव्यू पेटीशन में टीईटी उत्तीर्ण करने की अवधि दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष किया गया।
3. क्या गैर-टीईटी शिक्षक पूरी पदोन्नति प्रक्रिया को रोक सकते हैं?
विधिक व प्रशासनिक रूप से यह स्थिति पूरी तरह साफ है कि गैर-टीईटी शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया को बाधित नहीं कर सकते:
3 वर्ष का समय केवल सेवा सुरक्षा के लिए है, पदोन्नति के लिए नहीं: 3 वर्ष की दी गई मोहलत का उद्देश्य शिक्षकों को तत्काल बर्खास्तगी से बचाना और उन्हें न्यूनतम योग्यता अर्जित करने का समय देना है। इसका यह अर्थ कदापि नहीं है कि उन्हें पदोन्नति के नियमों में 3 वर्ष की छूट दी गई है।
पदोन्नति के समय पात्रता की अनिवार्यता: सेवा नियमों के अनुसार, जिस तिथि को पदोन्नति की प्रक्रिया (DPC) होती है, उस तिथि को अभ्यर्थी के पास पद की अनिवार्य अर्हता होनी चाहिए। गैर-टीईटी शिक्षक वर्तमान में पदोन्नति के लिए विधिक रूप से "अपात्र" हैं।
योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन नहीं हो सकता: जो शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण हैं और सभी शर्तें पूरी करते हैं, उनके पदोन्नति के अधिकार को केवल इसलिए लंबित नहीं रखा जा सकता कि अन्य शिक्षकों के पास टीईटी पास करने के लिए 2 वर्ष की मियाद बची है। कानून की दृष्टि में अपात्र व्यक्ति इस आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक नहीं लगवा सकते कि वे भविष्य में कभी पात्र हो सकते हैं।
माननीय उच्चतम न्यायालय का यह फैसला स्पष्ट करता है कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जहां एक ओर न्यायालय ने मानवीय आधार पर शिक्षकों की आजीविका को 3 वर्ष की मोहलत देकर सुरक्षित किया है, वहीं दूसरी ओर यह अकाट्य रूप से तय कर दिया है कि पदोन्नति केवल और केवल टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों का ही अधिकार है। अतः वर्तमान में होने वाली पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की पदोन्नति को रोका नहीं जा सकता।
कितने लोग चाहते हैं कि पदोन्नति में प्रधानाध्यापक पद के लिए 150 और 100 छात्र संख्या की अनिवार्यता को हटाकर प्रत्येक विद्यालय में हेड की तैनाती की जाए, क्योंकि प्रभारी का वेतन तो वैसे भी देना ही पड़ेगा।
@CMOfficeUP @thisissanjubjp
पदोन्नत होकर आए जूनियर स्कूल के सहायक, सीधी भर्ती से आए जूनियर स्कूल के सहायक अध्यापकों से वरिष्ठता में ऊपर रहेंगे।
#जूनियरहेड














