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हे बेहया-बेशर्म औरत IIT बॉम्बे ने साहिल के कॉपी की घटना को ख़ारिज कर दिया है, अब माफ़ी मांग ली है, और एक तर्क आपको भी बता दे सभी जगह CCTV लगे होते है, मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट एग्जाम में अलाउ नहीं होते, आपके मन में जाति का जहर भरा हुआ है, आपको मनुस्मृति के अनुसार चूल्हा-चौका करना चाहिए.
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नीचे फोटो में दिखाई दे रहा व्यक्ति एक प्रोफेसर है।
उस पर आरोप है कि उसने कथित जातिगत द्वेष और उत्पीड़न के कारण एक दलित छात्र को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया।
अब सवाल है इस मामले में क्या होगा?
क्या फिर वही होगा जो ऐसे मामलों में अक्सर देखने को मिलता है लंबी जांच, लंबी कानूनी प्रक्रिया और अंततः आरोपी को जमानत?
अगर किसी छात्र के साथ जातिगत उत्पीड़न के आरोप इतने गंभीर हैं, तो सवाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संस्थागत जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करने का भी है।
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किसी भी आंदोलन को दिमागी नक्सली, कोकरोच कह देने वाले सुन ले जब-तक अन्याय अत्याचार होगा तब तक आंदोलन जारी रहेंगे।
इस अन्यायी व्यवस्था को जब हम बदल देंगे तब आंदोलन की किसी को कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।
#जोइन_बामसेफ
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"मैं ब्राम्हण हूँ, मेरा दोस्त SC समुदाय से है। हम जयपुर में जब भी रूम लेने जाते है तब मुझे खुद की जाति बतानी पड़ती है और दोस्त को भाई बोलकर परिचय देना पड़ता है क्योंकि अगर दोस्त की जाति बताऊंगा तो कोई रूम नही देगा। तो आरक्षण हटाने की बात मैं कैसे करू?"
-समझदार ब्राम्हण युवक
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प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण न होने के बावजूद स्थिति यह है कि हम एक कार की बैटरी तक खुद नहीं बना पा रहे और इसके लिए चीन पर निर्भर हैं। देश में मौजूद निजी कंपनियां अपनी किसी स्वदेशी या खुद की विकसित तकनीक से उत्पाद नहीं बनातीं। वे सारी तकनीक, उपकरण और स्पेयर पार्ट्स विदेशों से आयात करती हैं, जिन्हें यहाँ बेहद खराब ढंग से असेंबल करके बेच दिया जाता है। आरक्षण के बिना इस तथाकथित 'मेरिट' का ये हाल है?
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ये वाली मेरिट चाहिए सबको 😅😅😂 भाई बता रहा सबको IIT बेंगलुरु की फीस में इतना फ़र्क़ है, बकायदा फीस का अमाउंट लिख रहा, और सोचो इन दो कौड़ी के मूर्खों को ये तक नहीं पता, आईआईटी बेंगलुरु में है ही नहीं😭
अब बताओ ऐसे फ़र्ज़ी लोग क्रांति करने आए है 🤡
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Aligarh में कमलपुर रोड़ पर वैष्णवी हॉस्पिटल के पीछे वाली गली में अलीनगर रोड़ से सूरज शर्मा के मकान तक सड़क व नाली का निर्माण हो रहा है जिसमें बहुत ही घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
@aligarh_nna
@iaspremprakash
कितने पैसे कमा लेते हो ऐसी पोस्ट करके। कभी कास्टिजम पर भी कर दिया करो जो आरक्षण की जननी है। ओह्ह वहां से पैसा नहीं मिलेगा इसलिए नहीं करते या फिर मलाई खाने को नहीं मिलेगी।
@GC_Revolution
"4 दिन हो गए लेकिन Ticket ID: NP2606190579 पर अभी तक कोई टेक्नीशियन विजिट नहीं हुई है। स्टेटस सिर्फ कागजों पर 'Allocated' दिख रहा है। कृपया तुरंत सर्विस भेजें
@orient_electric
@CaresOrient
चोरी के ख़िलाफ़ क़ानून बनने से किसे दिक्कत होगी? जो चोर होगा! अत्याचार के ख़िलाफ़ नियम बनने से कौन तिलमिलायेगा? जो अत्याचारी होगा! भेदभाव रोकने वाले क़ानूनों का विरोध कौन करेगा? जो भेदभाव करता होगा!
अगर कोई कानून किसी वर्ग या समूह के सम्मान को बचाने के लिए बनाया गया है तो इसमें दिक्कत क्या है? जातिगत भेदभाव और पक्षपात हमारे समाज की पुरानी बीमारी है, और पुरानी बीमारियों का इलाज कड़वी दवाइयों से ही होता है.
SC-ST एक्ट ऐसी ही कड़वी दवाई थी जिसका भरपूर विरोध किया गया था. आरक्षण भी ऐसी ही एक कड़वी दवा है, जिसका खूब विरोध होता है…लेकिन मेरा यकीन कीजिए, इन कड़वी दवाइयों ने समाज की सेहत में सुधार ही किया है.
कहीं कुछ लोग इस वजह से तो नाराज नहीं हैं कि वो अब दूसरों को अपमानित नहीं कर पायेंगे? कहीं उन्हें ये तो नहीं लग रहा कि उनका ये अवैध विशेषाधिकार छिनने वाला है?
देश का संविधान समानता के बुनियादी सिद्धांत पर टिका है, लेकिन क्या देश का हर नागरिक बराबर सम्मान पाता है? दरअसल नहीं!
बीते तमाम सालों में ले-देकर एक काम तो ढंग का हुआ है, और कुछ लोग इसका भी विरोध करने लग गए! और विरोध कर भी कौन रहा है! वही लोग जो अखंड भारत के नाम पर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गार जैसी बुनियादी चीजों से समझौता करने को तैयार थे…
…वही लोग जो राष्ट्रवाद के नाम पर अपने ही देश के नागरिकों की लिंचिंग तक को सही बताते थे और सरकार से चार कायदे के सवाल पूछने वालों को देशद्रोही कहते थे…आज वही लोग एक ढंग का क़ानून आने पर बिलबिला रहे हैं…क्यों भाई! अब मज़ा नहीं आ रहा क्या?
देश का हर नागरिक जब तक गौरवान्वित, सम्मानित और कॉंफिडेंट महसूस नहीं करेगा, तब तक ये देश मजबूत नहीं होगा…देशवासियों के आत्मसम्मान को बढ़ाने वाला ये क़ानून देशहित में है, और इस क़ानून के ख़िलाफ़ बोलने वाले लोग देशहित के ख़िलाफ़ बोल रहे हैं. उन्हें ये काम नहीं करना चाहिए.
जातिगत स्वार्थों के लिए देशहित से समझौता मत कीजिए भाई! देश को मजबूत बनाने वाले क़ानून का समर्थन कीजिए. सबसे पहले देश है…जाति-बिरादरी बहुत बाद में आती है.
ये कोई मामूली क़ानून नहीं है…18-18 घंटे मेहनत करने के बाद ये क़ानून बनाया गया है…आपको इसका सम्मान करना चाहिए.
(वीडियो में पक्षपात के शिकार स्वर्गीय रोहित वेमुला जी की मूर्ति के साथ उनकी माताजी हैं)
हमारा पढ़ा-लिखा भी EWS आरक्षण पर चुप था और उनका अनपढ़ भी UGC का विरोध कर रहा है!
बस यही अंतर है समाज के अगड़े और पिछड़े वर्ग में।
जागो बहुजन जागो!
#We_Support_UGC
#We_support_UGC_Act
Arakshan xitter.cf/i/status/2011442017835…
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दुख की इस घड़ी में हम सब परिवार के साथ हैं और जब तक न्याय नहीं मिल जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
आप सभी से अपील आज श्याम 8 बजे #JusticeForPuranKumarIPS के साथ ज्यादा से ज्यादा post share करे ताकि आवाज मजबूती से पहुंच सके।
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#फ्लाइट छूटने पर महिला ने #ड्राइवर पर बरसाए लात-घूसे..
#मुंबई एयरपोर्ट के बाहर का बताया जा रहा वायरल वीडियो..जहां फ्लाइट छूटने पर #गुस्साई महिला ने कैब ड्राइवर की लात-घूसों से पिटाई कर दी..
#mumbaiairport #viralvideo


















