ममता दी ने, कल प्रदर्शन के समय अपने कार्य कर्ता को झापड़ रसीद कर दिया।
बेचारा उनके लिए, रास्ता बना रहा था, सुरक्षित निकालने का मार्ग।
खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे,
जो मर्ज़ी, जिसकी वो, सोचे!
हार का दर्द कहीं, इनकी मानसिक संतुलन न बिगाड़ दे।
अनपेक्षित, हर कार्य कर रही है, आज कल।।
। – at Delhi, India