🚩 जय क्षात्र धर्म! जय मातेश्वरी! 🚩
श्री मातेश्वरी की कृपा सदैव बनी रहे। 🙏🚩
#WATCH | Rajkot, Gujarat: Kshatriya Rajput women performed the traditional Sword Raas at Rajvi Palace during Navratri, displaying sword-fighting skills while riding bikes and jeeps. (12.10)
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। 🙏
यह पावन पर्व उन साहसी क्षत्रिय शासकों के प्रति कृतज्ञ स्मरण का भी है, जिन्होंने मुगल आक्रमणों के काल में मथुरा-वृंदावन से भगवान श्री गोपाल जी, श्री मथुराधीश जी, श्रीनाथ जी, श्री द्वारिकाधीश जी, श्री गोविंददेव जी, श्री गोपीनाथ जी एवं श्री मदन मोहन जी के विग्रहों को अपनी रियासतों में प्रतिष्ठित कर उनकी रक्षा की।
बून्दी, मेवाड़, जयपुर, करौली एवं राजपूताना के उन सभी वीर शासकों को सादर नमन, जिन्होंने धर्म और संस्कृति की इस अमूल्य विरासत को सुरक्षित रखा।
जय श्री कृष्ण! 🙏
हमारी गौरवशाली लोक-परंपरा के प्रतीक—कजली तीज महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ।
“मन मं ठाणी तीज की, गोठड़ा दरबार।
जैपुर सूं लै कै चल्या, हो घोड़े असवार।।"
कजली तीज बून्दी की सदियों पुरानी राजसी परंपरा, वीरता, लोक-संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतिबिंब है।
यह पावन पर्व हमारे पूर्वजों की गौरवगाथा, मातृशक्ति के प्रति आस्था और बून्दी की अद्वितीय सांस्कृतिक पहचान को नमन करने का अवसर है।
माँ पार्वती और भगवान शिव की असीम कृपा से यह पावन पर्व हम सभी के जीवन में सुख, शांति, सौभाग्य, समृद्धि और मंगल लेकर आए।
जै जै हाड़ौती! 🚩
#KajaliTeej #कजली_तीज #Bundi #बून्दी
सीधी बात: नहीं चाहिए - बिल्कुल भी नहीं! ❌
राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी अध्ययन समझ से परे है।
जब तक राजस्थानी भाषा को समुचित मान्यता, विभाग और संस्थागत संरक्षण नहीं मिले, तब तक दूसरी राज्यभाषा को प्राथमिकता देना राजस्थान की भाषाई अस्मिता के साथ न्याय नहीं है।
राजस्थान के विश्वविद्यालयों की पहली जिम्मेदारी राजस्थानी भाषा, साहित्य और बोलियों को सशक्त करना है।
पहले राजस्थानी, फिर बाकी भाषाएँ।
#Make_Rajasthani_official
.@LokBhavanJaipur .@RajCMO
Brigadier Bhupesh Singh, Veteran retweeted
Today, we remember Bhai Mani Singhji Parmar (author of Dasham Granth) on his Balidan Diwas and Lt General Sagat Singh Rathore (liberator of Goa & Dhaka) on his Jayanti.
Brigadier Bhupesh Singh, Veteran retweeted
मेरे पिता ने देश के लिए तीन युद्ध लड़े, अब 90 वर्ष की उम्र में अपनी जमीन बचाने के लिए चौथी लड़ाई लड़ रहे हैं।"
जैसलमेर के मोहंगढ़ क्षेत्र में कैप्टन चुन्नीलाल ठाकुर के बेटे मुल्तान सिंह ठाकुर ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि किसी ने फर्जी व्यक्ति बनकर उनके 90 वर्षीय पिता की जमीन अपने नाम करा ली।
माननीय न्यायालयों में किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार संविधान की आत्मा और न्यायपालिका की गरिमा पर सीधा आघात है।
जब लोकतंत्र के अन्य स्तंभ चरमरा चुके हों, तब "बार और बेंच" ही जनता की अंतिम आशा बनकर खड़े रहते हैं।
न्यायालयों की मर्यादा और जनता के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर एवं उदाहरणीय कार्रवाई होनी चाहिए।
#SupremeCourt #CJI #RuleOfLaw
नहीं, शांतनु जी—ऐसा नहीं है।
और वैसे भी, वास्तविक Action Heroes तो हमारे सैनिक ही हैं, जो अपने साहस, समर्पण और बलिदान से सदैव देश और देशवासियों की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं।
.@ajaydevgn जी और .@jiostudios को #Chauhaan के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।
और चौहानों का जलवा तो पहले भी था, आज भी है और श्री मातेश्वरी की कृपा से भविष्य में भी रहेगा! 🙏
जय हिन्द! 🇮🇳
@Zoomerjeet
-: पूर्व हाड़ा-चौहान राजवंश, बून्दी की संपत्तियों के संबंध में सूचनार्थ :-
प्रिय सभी,
पूर्व हिन्दू रियासतों की संपत्तियाँ सामान्य निजी संपत्तियों से सर्वथा भिन्न विधिक स्वरूप एवं विशिष्ट कानूनी स्थिति रखती हैं। ये संपत्तियाँ अपने उद्गम, स्वरूप एवं स्वभाव से अविभाज्य, अहस्तांतरणीय तथा गैर-सहदायिक (Non-coparcenary) हैं।
फलस्वरूप, इन संपत्तियों पर हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 तथा संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 (Transfer of Property Act) लागू नहीं होते हैं।
हाल ही में बून्दी में जितेन्द्र सिंह, अलवर (@JitendraSAlwar) द्वारा हाड़ा-चौहान राजवंश, बून्दी की एक संपत्ति का विक्रय किया गया है, जो पूर्णतः अवैध, विधि-विरुद्ध एवं आरंभ से ही शून्य (Void ab-initio) है।
इस अवैध हस्तांतरण में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रत्येक उत्तरदायी व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी। कानून की अनभिज्ञता क्षम्य नहीं है।
यह केवल एक अवैध संपत्ति-हस्तांतरण का विषय नहीं है। रियासत की संपत्तियाँ अपने साथ उस राजवंश का इतिहास, सांस्कृतिक विरासत तथा ऐतिहासिक साक्ष्य भी समाहित किए रहती हैं। अतः ऐसे अवैध हस्तांतरण भविष्य में ऐतिहासिक अभिलेखों के विकृतिकरण, दुर्विनियोजन, वैधानिक अधिकारों के अतिक्रमण तथा जनविश्वास के हनन का गंभीर जोखिम उत्पन्न करते हैं।
जो भी हितबद्ध पक्ष इन संपत्तियों से संबंधित तथ्य, अभिलेख एवं दस्तावेजों का विधिसम्मत परीक्षण करना चाहता हो, वह ब्रिगेडियर महाराव भूपेश सिंह साहब से संपर्क कर सकता है।
ब्रिगेडियर साहब इस विषय में अत्यंत संयम, धैर्य एवं विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, ताकि स्थानीय पर्यटन, सामाजिक सौहार्द एवं जनहित पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। किन्तु कुछ लोग उनकी इस सज्जनता एवं संयम का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
यह स्मरण रहे कि प्रत्येक कृत्य का विधिसम्मत लेखा-जोखा होगा—विधि के अनुसार, धैर्यपूर्वक एवं तथ्यों के आधार पर।
सजग रहें। सुरक्षित रहें। अपनी नौकरी, प्रतिष्ठा एवं पूंजी व्यर्थ न गँवाएँ।
श्री मातेश्वरी की कृपा हम सभी पर बनी रहे। 🙏
-: खैरवा पाग-दस्तूर बनाम महिला सशक्तिकरण :-
राजपूत रियासतों, ठिकानों, जागीरों और परिवारों में पाग का अधिकार पुरुष ज्येष्ठाधिकार के अनुसार निर्धारित होता आया है।
पाग किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि कुल, वंश और गोत्र की होती है।
खैरवा की पाग जोधा-राठौड़ों की पाग है।
लाडेसर तेजस्वनी बाईसा की भावी संतान जोधा-राठौड़ नहीं होगी।
इस प्रयोजन से वंश-परंपरा, उससे जुड़ा इतिहास तथा जोधा-राठौड़ों के वंशक्रम की एक शाखा के विस्मृत होने का संकट उत्पन्न हो गया है।
जहाँ तक स्त्री-पुरुष समानता का प्रश्न है, वहाँ कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है। स्त्री सदैव सर्वोच्च सम्मान की अधिकारी रही है, परंतु स्त्री और पुरुष एक जैसे नहीं हैं; उनके दायित्व, मर्यादाएँ और भूमिकाएँ स्वाभाविक रूप से भिन्न हैं।
क्षत्रिय परंपरा में नारी सदैव सम्माननीय, पूजनीय और वंदनीय रही है। हमारी कुलदेवियाँ इसका सर्वोच्च उदाहरण हैं।
श्री मातेश्वरी कृपा करें। 🙏
जय क्षात्र धर्म। 🚩
परंपरा का अर्थ अतीत की आत्मा को संजोना है, उसका प्रदर्शन करना नहीं।
यह एक बालसुलभ कृत्य है।
विरासत और इतिहास का निर्माण प्रतीकात्मक आयोजनों से नहीं, बल्कि पीढ़ियों के त्याग, शौर्य, मर्यादा और लोककल्याणकारी कर्मों से होता है।
जो आचरण आने वाली पीढ़ियों को विवेक, संस्कार और उत्तरदायित्व का बोध न करा सके, वह गौरवशाली परंपरा का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता।
जय राजपूताना। 🚩
जय क्षात्र धर्म। 🙏
राजपूत रियासतों, ठिकानों, जागीरों एवं परिवारों में पाग का अधिकार सदियों से पुरूष ज्येष्ठाधिकार की परंपरा के अनुरूप तय होता आया है - यह व्यक्तिगत मनोवृत्ति या सुविधा का विषय नहीं है।
श्री मातेश्वरी सबको सद्बुद्धि प्रदान करें। 🙏
जय क्षात्र धर्म। 🚩
राज बाईसा सुश्री तेजस्विनी कुंवर जोधा ठी. खैरवा (पाली) की पाग दस्तूर...
क्षत्रिय समाज के साथ सर्वसमाज अभिभावक उपस्थित रहा, उसके साथ ही भाजपा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौङ जी @madanrrathore भी उपस्थित रहें
बून्दी - हमारी प्राचीन और अनुपम नगरी की स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
बून्दी नगर और हाड़ौती राज्य के संस्थापक, राव श्री देवराज सिंह हाड़ा को सादर नमन व विनम्र श्रद्धांजलि। 🙏
"नकली गढ़ दीधो नहीं, बिना घोर घमसाण;
सिर टूटयां बिन किम फिरै, असली गढ़ पर आण।"
यह वीरता, स्वाभिमान और अटल क्षात्र परम्परा का अमर संदेश है जिसने बून्दी को युगों-युगों तक गौरवान्वित रखा।
जै जै हाड़ौती। 🚩
जय माँ राजराजेश्वरी आशापुरा। 🙏
जय श्री रंगनाथ जी महाराज। 🙏
Stupidity has no limits!
कहाँ तक यह बेहूदगी चलेगी?
जै जै हाड़ौती। 🚩
जय राजपूताना। 🚩
जय क्षात्र धर्म। 🙏
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जय श्री रंगनाथ जी। 🙏
हमारी गौरवशाली विरासत, इतिहास और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण किसी एक समाज का नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक का साझा दायित्व है।
दुर्भाग्यवश, राजस्थान में वर्तमान विरासत एवं पैनोरमा नीति के अंतर्गत अनेक स्थानों पर स्थानीय इतिहास, प्रामाणिक धरोहरों और क्षेत्रीय प्रेरणास्रोतों की उपेक्षा कर बाहरी अथवा विवादास्पद आख्यानों को प्राथमिकता दी जा रही है। यह प्रवृत्ति हमारी सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक सत्य और स्थानीय गौरव के लिए चिंताजनक है।
इसी संदर्भ में आज 16 जून 2026 को आयोजित "सर्व समाज एकता रैली" में हम अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण हेतु लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।
📍 स्थान:
रामसागर की पाल, हिण्डौली (बून्दी)
📍 मुद्दा:
हाड़ा-चौहान राजवंश से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर - भवन, बारहदरी एवं बगीची - के संरक्षण, संवर्धन तथा उनकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने की मांग।
आइए, हम सब मिलकर अपनी विरासत बचाएँ और आने वाली पीढ़ियों को उनकी सच्ची ऐतिहासिक पहचान सौंपें।
एकता • जागरूकता • संरक्षण
सादर। 🙏
@RajCMO @KumariDiya
#बून्दी #SaveHeritage
Serving the nation with courage.
Living life with grace.
Duty and love are both worth fighting for.
Jai Hind! 🇮🇳
#IndianArmy #Pride
हिण्डौली, बून्दी में ज्योतिराव जी फुले के प्रस्तावित पैनोरमा का सर्व समाज द्वारा विरोध:-
बून्दी एवं समूचा हाड़ौती क्षेत्र लगभग आठ शताब्दियों तक हाड़ा-चौहान राजवंश के गौरवशाली, शौर्यपूर्ण एवं जनकल्याणकारी शासन का केंद्र रहा है। इस राजवंश ने हाड़ौती क्षेत्र को संस्कृति, स्थापत्य, जल-संरक्षण, कला और परंपराओं की ऐसी गौरवपूर्ण एवं अमूल्य विरासत दी है, जिस पर आज भी समूचा क्षेत्र गर्व करता है।
हिण्डौली स्थित रामसागर झील के किनारे स्थित बाग, बारहदरी एवं महल महाराव रघुवीर सिंह जी हाड़ा द्वारा निर्मित ऐतिहासिक धरोहर हैं।
यह स्थल हाड़ौती की अस्मिता, इतिहास और स्थानीय गौरव का प्रतीक है।
ऐसे ऐतिहासिक स्थल पर स्थानीय विरासत की उपेक्षा करते हुए बाहरी व्यक्तित्व का पैनोरमा प्रस्तावित करना न केवल अनुचित है, बल्कि हाड़ौती के इतिहास और जनभावनाओं की प्रत्यक्ष अवहेलना भी है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक है कि जिन हाड़ा-चौहान शासकों ने सदियों तक बून्दी एवं हाड़ौती की पहचान बनाई, जिनकी वीरता, दूरदर्शिता और योगदान आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हैं, उनके सम्मान में आज तक सरकार द्वारा एक भी पैनोरमा प्रस्तावित नहीं किया गया। इसके विपरीत वोट बैंक और राजनीतिक तुष्टिकरण की राजनीति के चलते स्थानीय इतिहास एवं विरासत पर बाहरी प्रतीकों को थोपने का प्रयास किया जा रहा है।
बून्दी एवं हाड़ौती का सर्व समाज स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि स्थानीय इतिहास, संस्कृति और विरासत की उपेक्षा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
हिण्डौली के इस ऐतिहासिक स्थल का उपयोग हाड़ौती की संस्कृति, स्थानीय प्रेरणास्रोत विभूतियों तथा हाड़ा-चौहान राजवंश के गौरवशाली इतिहास के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रदर्शन के लिए किया जाना चाहिए।
यदि शासन-प्रशासन द्वारा जनभावनाओं की अनदेखी करते हुए इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, तो बून्दी एवं हाड़ौती के नागरिक लोकतांत्रिक एवं व्यापक स्तर पर इसका विरोध करने के लिए बाध्य होंगे।
स्थानीय अस्मिता, इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शुभकामनाएँ। 🙏
चौहान कुल शिरोमणि, राष्ट्र गौरव, हिन्दवी शौर्य के उज्ज्वल नक्षत्र एवं भारतभूमि के अमर योद्धा क्षत्रिय सम्राट श्री पृथ्वीराज चौहान जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। 🙏🙏
प्रमाणित ऐतिहासिक ग्रंथ “पृथ्वीराज विजय” के अनुसार सम्राट पृथ्वीराज चौहान जी का जन्म ज्येष्ठ कृष्ण द्वादशी को हुआ था।
शब्दभेदी बाण के अद्वितीय ज्ञाता, अदम्य साहस एवं अप्रतिम रणकौशल के प्रतीक उन महापराक्रमी सम्राट ने भारतवर्ष, धर्म एवं स्वाभिमान की रक्षा हेतु अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
ऐसे वीर शिरोमणि, राष्ट्र गौरव एवं स्वाभिमान के प्रहरी सम्राट को बारम्बार प्रणाम - आपके वंशज होने पर हमें सदैव गर्व रहेगा।
“चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण।
ता ऊपर सुल्तान है, मत चुके चौहान।।“
#सम्राट_पृथ्वीराज_चौहान #PrithvirajChauhan
.@IndianOilcl Wake up!
Needful action please Shri @HardeepSPuri
तीन देशों के छक्के छुड़ाने वाले जनरल सगत सिंह के परिवार को अपनी ही प्रॉपर्टी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है
कोटा में उनकी निजी लैंड पर पेट्रोल पंप की लीज खत्म होने के बाद भी क़ब्ज़ा जारी है
देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सगत सिंह का परिवार सिस्टम के आगे लाचार है
कृपया सभी आवाज़ उठाए और कोटा प्रशासन मामले में संज्ञान ले



























