@321Sullahi
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ميں گواھي ديتاھوں کہ اللہ کے سوا کوي معبود نہي اور محمد صلی اللہ عليہ وسلم اللہ کے بندے اور اس کے رسول ہے
Joined April 2020
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बैंक वाले एक एक नोट चेक करके ग्राहक से लेते हैं, अगर नोट डैमेज हुआ तो उसे ग्राहकों को वापस कर देते हैं, फ़िर ये नकली नोट आते कहां से हैं, नोटबंदी करके बड़े बड़े दावे किए गए थे सरकार की तरफ़ से, क्या फ़ायदा हुआ।
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غزہ میں اسرائیلی حملے کے دوران اپنے بالکل قریب دھماکہ ہونے پر دو خوفزدہ بچے بھاگ رہے ہیں۔
ان کے پیچھے بمباری میں شہید ہونے والے ایک فلسطینی شخص کی خون میں لت پت لاش پڑی ہے۔
بچے پینے کا پانی جمع کرنے کے لیے پلاسٹک کا ایک برتن اٹھائے ہوئے ہیں۔
غزہ میں بچپن کی یہی حقیقت ہے۔
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"اسرائیلی فوج (IOF) کے جنگی مجرم فوجیوں کی جانب سے ایک اور جنگی جرم"
انہوں نے بچے کے خاندان کو شہید کر دیا. پس منظر میں بچے کے اہل خانہ کو گولی مار کر شہید کیا گیا، اور اس خوفزدہ بچے کے کانپتے ہوئے ہاتھوں پر ذرا غور کریں.
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بیلجیم کے وزیراعظم:
غزہ میں اعضاء سے محروم ہونے کے باعث 15 ہزار سے زائد افراد کو مصنوعی اعضاء کی ضرورت ہے۔ ان متاثرین میں سے 10 ہزار بچے ہیں.
اس سب میں انسانی وقار کہاں ہے ؟ ؟ ؟
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یہ پرنس الولید بن طلال ہیں
جو سعودیہ کے امیر ترین پرنس ہیں
اکثر رات کو ریاض کی سڑکوں پر سائیکل چلاتے نظر آتےہیں اور ضرورت مند ان کا انتظار کرتے ہیں
درخواست دیتے ہیں اور الحمد للہ ان کی ضرورت
اللہ پاک پوری بھی کراتے ہیں
اللہ لمبی زندگی عطا کرے آمین
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EVM के खिलाफ यह चिंगारी सुलगी थी याद हैं?🔥
EVM के खिलाफ है वो वीडियो रिट्वीट करें।
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हम मुसलमान ऐसे ही हैं, आप विश्वास करो मेरे अज़ीज़ दोस्तो कसम है।
हमे कसम है, इस कायनात को बनाने रचना करने वाले अल्लाह करीम की आप हमें जहाँ कही भी पाओगे इंसा अल्लाह आपके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़े रहेंगे।
हम एक अल्लाह की इबादत उसकी भक्ति करते हैं, हम देश प्रेमी हैं, मूसलमान का ईमान ही उसकी दौलत है।
अल्लाह की इबादत के बाद बंदे के हुकूक हक की बात करना उनकी मदद करना हमारी दूसरी इबादत है।
देखिए वीडियो को।👇
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🚨🇾🇪 “देखो, ये Label 5 है!”
हूती लड़ाकों ने सऊदी समर्थित बलों के ठिकानों पर कब्ज़ा करने के बाद वहां कथित तौर पर व्हिस्की का स्टॉक मिलने का दावा किया।
एक हूती लड़ाके ने तंज कसते हुए कहा—
“हमारे सऊदी दोस्त ज़मज़म के पानी की जगह शराब पी रहे हैं।”
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📍 शालीमार विलेज, दिल्ली
बीती रात शालीमार विलेज में मदीना मस्जिद पर बुलडोज़र कार्रवाई की गई। प्रशासन ने मस्जिद को कथित तौर पर अवैध निर्माण बताते हुए देर रात ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रात के अंधेरे में बुलडोज़र चलाए गए। कार्रवाई के दौरान इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
मस्जिद पर कार्रवाई रात में ही क्यों की गई? क्या स्थानीय लोगों को अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका मिला?
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القسام بریگیڈز نے اپنے ایک جنگجو، 16 سالہ صہیب لباد (25 اکتوبر 2008 – 7 ستمبر 2025) کی اسرائیلی ٹینکوں کو نشانہ بناتے ہوئے ایک ویڈیو جاری کی۔
غزہ کے ذرائع کے مطابق، اسرائیلی فوج کے ہاتھوں اپنے والد، والدہ، بہن بھائیوں اور ان کے بچوں کی شہادت کے بعد، وہ القسام کے قریبی جنگی مورچے پر گئے اور ان کے ساتھ شامل ہونے پر اصرار کیا۔
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गज़ा से एक बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। इज़राइली हमले में अपनी माँ को खोने के बाद 11 साल की नन्ही सुमैया ने अपनी माँ का माइक संभाल लिया है।
गज़ा में पत्रकारों के लिए हर पल जान का खतरा बना हुआ है और कई पत्रकार अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे माहौल में यह मासूम बच्ची अपनी जान की परवाह किए बिना ज़मीनी हालात दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
जंग ने इस बच्ची समेत न जाने कितने मासूमों से उनका बचपन छीन लिया है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और खिलौने होने चाहिए, उसी उम्र में सुमैया के हाथ में माइक है।
सुमैया का कहना है कि वह फ़िलस्तीन की मशहूर पत्रकार शिरीन अबू अकलेह को देखकर बड़ी हुई है और उन्हीं की तरह सच्चाई की आवाज़ बनना चाहती है।
#GazaGenocide
फ़िलिस्तीन में हो रही तबाही को लेकर Amazon, Google, Microsoft, Palantir, HP और IBM जैसी कंपनियों की भूमिका हैं। 🇵🇸 ये सब कंपनी के भूमिका पर सवाल उठाना जरूरी है और बहिष्कार करें।
अब सिर्फ़ बात नहीं, जाँच और कार्रवाई भी होनी चाहिए। फ़िलिस्तीन के लोगों के साथ इंसाफ़ होना चाहिए।
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दिल्ली एम्स में एक मां अपनी 2 साल की बेटी की जानलेवा बीमारी का इलाज कराने पहुंची। बीमारी का नाम (SMA type 1) जिसके इलाज में 9 करोड रुपए का खर्चा था।
मां ऑटो में बैठी सिसक रही थी कि अपनी बेटी के इलाज के लिए इतना पैसा कैसे इकट्ठा करेगी तभी वहां इस मां पर कुछ मुसलमान लड़कों की नजर पड़ती है। लड़के डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन मांगते हैं
दूसरे दिन लड़के जामा मस्जिद जाते हैं ऐलान करते हैं, बच्ची की बीमारी का... नमाजी निकलते हैं और बच्ची के लिए पैसे डोनेट करते रहते हैं। 6 करोड़ 33 लाख रुपए इकट्ठा हो जाता है।
ना कोई धार्मिक नारा लगाया जाता है, ना नाम पूछा जाता है, ना आधार कार्ड मांगा जाता है... बस मुसलमान खड़े होते हैं एक हिंदू बहन की बिटिया की जिंदगी बचाने के लिए....यही मेरा हिंदुस्तान है।
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کس طرح مساجد اسکولوں ہسپتالوں کو آل سعود نے یمن میں تباہ کرا ہے پچھلے چند سالوں میں آل سعود اور صہیونیوں میں کیا فرق ہے جنھوں نے یہی جرائم غزہ میں انجام دیے
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आख़िर सऊदी हुकूमत ने बलजिंदर सिंह को फ़ासी की सजा क्यों दी ?
फोटो में दिखने वाले सरदार जी का नाम बलजिंदर सिंह है, ये पंजाब के रहने वाले हैं।
बलजिंदर सिंह सऊदी में अपने एक दोस्त के साथ काम करते थे।
बलजिंदर सिंह हाल में सऊदी से अपने घर की तरफ़ लौट रहे थे।
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एक MLA मुस्लिम मोहल्ले का पानी इस लिए बंद कर देता है क्योंकि वह मुस्लिम रहते है
कितना नफरत बढ़ गया है मुस्लिमो के प्रति आप खुद सुने इस हिंदू भाई से
Video from own creator
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असम में 1400 मुस्लिम परिवारों की जमीन लेकर Adani को दे दी !
हिमंता बिस्वा सरमा जी, आप जनता के सेवक हैं या Adani के प्रॉपर्टी डीलर?
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इटैलियन जज ने फाँसी की सज़ा सुनाने से पहले उमर मुख़्तार से पूछा।
क्या तुमने इतालवी हुकूमत के ख़िलाफ़ जंग लड़ी?
उमर मुख़्तार: हाँ
क्या तुमने लोगों को इतालवी हुकूमत के ख़िलाफ़ जंग के लिए उकसाया?
उमर मुख़्तार: हाँ
तुमने इटली के ख़िलाफ़ कितने साल जंग लड़ी?
उमर मुख़्तार: क़रीबन 20 साल
क्या तुम्हें अपने अफ़आल (कामों) पर कोई शर्मिंदगी या अफ़सोस है?
उमर मुख़्तार: नहीं
क्या तुम जानते हो कि तुम्हें फाँसी दी जाएगी?
उमर मुख़्तार: हाँ
काज़ी ने हैरतज़दा होकर कहा: तुम्हारे जैसे शख़्स के लिए ऐसा अंजाम बेहद अफ़सोसनाक है।
यह सुनकर उमर मुख़्तार ने जवाब दिया।
इसके बिल्कुल उलट, यह मेरी ज़िंदगी के खात्मे का सबसे ख़ूबसूरत तरीक़ा है।
काज़ी ने शर्त रखी कि अगर वह मुजाहिदीन के नाम एक बयान जारी करके जिहाद रोकने का हुक्म दें।
तो उन्हें बरी करके जिला वतन कर दिया जाएगा।
इस पर उमर मुख़्तार ने वह तारीखी अल्फ़ाज़ कहे।
"जो उँगलियाँ हर नमाज़ में इस बात की शहादत देती हैं कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं।
और मुहम्मद (स.अ.व.) उसके रसूल हैं।
वे उँगलियाँ कभी कोई ग़लत बात नहीं लिख सकतीं!
हम सरेंडर नहीं करते, हम या तो फ़तह हासिल करते हैं या शहीद हो जाते हैं।
हम मर कर भी जीत जाते हैं और तुम हार जाते हो।
लेकिन अफ़सोसनाक बात यह है कि तुम्हें यह हक़ीक़त सिर्फ़ अपनी मौत के बाद समझ आएगी।
और उस वक़्त इसका तुम्हें कोई फ़ायदा नहीं होगा!"
आप किसी भी धर्म से हों।
एक बार उमर मुख़्तार के बारे में ज़रूर पढ़ना चाहिए।