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Did you notice no one from Abhijeet Dipke, Saurav Das, Ashutosh Ranka, German Shepherd Dhruv Rathee, Neha Bora, and not a single leftist or liberal has appreciated the courage of Smit Machchhar.
Because the terr0rist is Mu$Iim 🤬🤬
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कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए।
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Guys, Vijay Patel is putting all his stake for the sake of nation
His previous ID was also targeted coz he exposed Naxal Radical nexus operating out of India
He is once against threatened to be silenced
I stand in complete solidarity with him to run #ISupportVijayPatel
Let’s come together & make this as No 1 trending hashtag of India today
Jai Hind 🇮🇳
@VijayGajeraO
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मनुस्मृति। जब मुद्दाविहीन हो जाओ तो मनुस्मृति को गाली दे दो। जब स्वयं को आधुनिक व बुद्धिजीवी दिखाना हो तो मनुस्मृति को गाली दे दो। जब वोक दिखना हो तो मनुस्मृति को गाली दे दो।
मनुस्मृति कहती है कि कन्या का अविवाहित रह जाना बेहतर है, लेकिन उसका विवाह किसी गुणहीन पुरुष से नहीं किया जाना चाहिए। नारी-सशक्तिकरण के लिए इससे बेहतर समझ रखते हैं आप? मनुस्मृति कहती है कि शारीरिक परिपक्वता के बाद निर्धारित अवधि तक प्रतीक्षा करने के बाद ही लड़की का विवाह हो, उस समय के हिसाब से 17 वर्ष तक। बाल-विवाह के विरुद्ध इससे बेहतर कोई प्रमाण है आपके पास?
मनुस्मृति कहती है - विन्देत सदृशं पतिम्। कन्या अपने योग्य पति का स्वयं वरण करे। यदि अभिभावक विवाह नहीं कराते और कन्या स्वयं पति चुन ले, तो न कन्या किसी पाप या अपराध की भागी होती है, और न वह पुरुष जिसे वह चुनती है। स्वेच्छा और कंसेंट को इससे बेहतर परिभाषित कर सकते हैं आप?
पुत्रेण दुहिता समा। पुत्री पुत्र के समान है। स्त्री-पुरुष समानता के लिए मनुस्मृति से बेहतर कुछ ला सकते हैं आप? क़ुरान या बाइबिल लेकर आइए, देख लीजिए। स्वयं डॉ आंबेडकर ने बुढ़ापे में मनुस्मृति का लोहा माना है, उत्तराधिकार वाले विषय को लेकर। मनुस्मृति माता की निजी संपत्ति को अलग से मान्यता देती है और उसे अविवाहित पुत्री का भाग बताती है। परिवार में महिलाओं को सशक्त रखने के लिए इससे बेहतर कोई व्यवस्था अबतक लेकर आए आप?
बल, दबाव या जबरन नियंत्रण से स्त्रियों को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। विश्वसनीय पुरुष भी उन्हें क़ैद नहीं रख सकते। आत्मानमात्मना यास्तु रक्षेयुस्ताः सुरक्षिताः। मतलब, जो स्त्री अपने विवेक से अपनी रक्षा करती हैं, वही सुरक्षित है। बाहरी निगरानी से ऊपर विवेक को रखा गया है। स्त्रियों को विवेकी माना गया है। इससे अधिक सम्मान देते हैं आप? आपने तो अपनी बहन तक को चुनावी राजनीति में खुद के 2 दशक बाद उतारा।
धन के देखभाल एवं प्रबंधन के लिए मनुस्मृति ने स्त्रियों पर विश्वास जताया है। राजा को मनुस्मृति आदेश देती है कि ऐसी स्त्रियों की रक्षा करे जिनके पति बाहर हैं, जिनका परिवार प्रभावशाली नहीं है, जो बीमार हैं या जिनके पति या पुत्र नहीं हैं। अगर कोई संबंधी भी किसी स्त्री की संपत्ति हड़पता है तो उसे चोर मानकर दंड देने को कहा है। इससे अधिक परवाह है आपको स्त्रियों की?
पति को आदेश है कि बाहर जाने से पहले पत्नी की आजीविका की व्यवस्था करके जाए। अब ये मत कहिएगा कि पत्नी ख़ुद नहीं कर सकती क्या। जीवेच्छिल्पैरगर्हितैः। आगे ये भी लिखा है कि पति न करे तो स्त्री ख़ुद सम्मानजनक कार्यों के जरिए कमाए। आत्मनिर्भरता के लिए इससे बेहतर नियम बना लेंगे आप?
तस्मात्साधारणो धर्मः श्रुतौ पत्न्या सहोदितः। धार्मिक कार्य पति-पत्नी साथ मिलकर करें। पत्नी के बिना कोई अनुष्ठान पूरा नहीं होता है। हमारे यहाँ पत्नी को बेगम नहीं, अर्धांगिनी कहा गया है। यहीं से निकला है 'आधी आबादी'। पूरे पचास प्रतिशत - उतना ही, जितना पुरुष का हिस्सा। पचास-पचास। इससे अधिक सटीक तरीके से बराबरी का सन्देश दे सकते हैं आप? अन्योन्यस्य। एक-दूसरे के प्रति। वैवाहिक जीवन में भी दोनों की ज़िम्मेदारियाँ हैं। मनुस्मृति कहती है कि न स्त्री और न ही पुरुष वैवाहिक मर्यादा का उल्लंघन करे। इसमें क्या जोड़ देंगे आप क्रांतिकारी कहलाने के लिए? कुछ बाक़ी है क्या? मनुस्मृति कहती है कि नियम दोनों पर हैं।
मनुस्मृति ने स्त्री को महाभागाः (सौभाग्यशालिनी और सौभाग्य लाने वाली) कहा। मनुस्मृति ने स्त्री को पूजार्हाः (सम्मान की अधिकारी) कहा। मनुस्मृति ने स्त्री को गृहदीप्तयः (घर को प्रकाशित और प्रसन्न रखने वाली) कहा। परिवार के सुख का आधार कहा। गृहस्थ-जीवन का प्रत्यक्ष आधार कहा।
अब जिसने परिवार नामक संस्था को ख़त्म करने का लक्ष्य ले रखा हो, उसे ये सब बुरा लगेगा ही। वो पूछेगा कि स्त्री परिवार के सुख के लिए तिनका भी क्यों हिलाए। वो ये नहीं पूछेगा कि मनुस्मृति ने पुरुष को भी स्त्री के भरण-पोषण की ज़िम्मेदारी उठाने को क्यों कहा है।
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते… रटा-रटाया है, इसीलिए इसे नहीं गिनाया। सबको पता है। इसी प्रसङ्ग में ये भी लिखा है कि जिस घर में स्त्री दुःखी रहती है वह परिवार शीघ्र नष्ट होता है। यानी, परिवार की स्थिति का पैमाना यह तय कर दिया गया है कि उसमें महिलाओं को प्रसन्न रखा जा रहा है या नहीं।
लेकिन नहीं, गाली तो केवल मनुस्मृति को ही पड़ेगी। क़ुरान और बाइबिल का नाम नहीं लिया जाएगा। राहुल गाँधी आज 'स्त्रीवादी' बने हैं, काश मनुस्मृति पढ़ लिया होता कम से कम। पढ़ा तो हमने भी नहीं है, इसीलिए जो कहा जाता है मान लेते हैं। सफाई देने लगते हैं कि ये उस समय की व्यवस्था थी।
मनुस्मृति से अधिक फेमिनिज्म और कहीं नहीं है। फ़िलहाल इस इकोसिस्टम के लिए तो फेमिनिज्म सिर्फ़ अश्लीलता और अंग-प्रदर्शन ही है।
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*🙏 एक बेटी की तलाश में मदद की अपील*
🙏 मेरी बेटी तुष्या की तलाश में मदद की अपील
मेरी 16 वर्षीय बेटी तुष्या सिन्हा 10 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित घर से लापता हो गई है। इस संबंध में 11 अगस्त को FIR दर्ज कराई गई है, लेकिन आज 10 दिन बीत जाने के बाद भी मेरी बेटी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
एक माँ के लिए इससे बड़ी चिंता और पीड़ा शायद कुछ नहीं हो सकती। मैं हर पल अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रही हूँ।
इस समय मेरी एक ही प्रार्थना है कि तुष्या की तलाश में हर संभव मदद मिले और वह सुरक्षित अपने घर वापस लौट आए।
यदि किसी को तुष्या के बारे में कोई जानकारी, सुराग या ऐसी कोई भी बात मालूम हो जो उसकी तलाश में सहायक हो सकती है, तो कृपया तुरंत इस नंबर पर सूचित करें:
📞 +91 94738 00438
🙏 कृपया इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।
आपकी एक छोटी-सी सूचना मेरे लिए मेरी बेटी को वापस पाने की बहुत बड़ी उम्मीद बन सकती है।
मेरी बेटी तुष्या को सुरक्षित घर लौटाने में मेरी मदद करें। 🙏
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1.अभिनेत्री पायल रोहतगी ने जब नेहरू और एडविना की फोटो पोस्ट की राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने रात को 9:00 बजे उनके घर पर पुलिस भेज कर उन्हें उठा लिया था
2:-समित ठक्कर नामक एक युवक ने फेसबुक पर लिखा कि मुंबई जैसे सब- ट्रॉपिकल माहौल में बेबी पेंग्विन पालने का सोच सिर्फ एक बेबी पेंग्विन ही रख सकता है तब उद्धव ठाकरे सरकार ने पूरे महाराष्ट्र में उसके ऊपर 40 जिलों में केस दर्ज करवाया और उसे हथकड़ी और बेड़ियों में किसी आतंकवादी की तरह जकड़ कर पूरे महाराष्ट्र में घुमाया जाता था
3:- केतकी चैताली ने फेसबुक पर लिखा कि जो झूठ बोलता है उसका मुंह टेढ़ा हो जाता है उन्होंने कहीं शरद पवार का नाम नहीं लिखा था सुबह 7:00 बजे उसके घर से उसे तब उठाया गया जब वह पूरे कपड़े भी नहीं पहनी थी और उसे 104 डिग्री बुखार था और उसके ऊपर पूरे महाराष्ट्र में 80 से ज्यादा जगह पर एफआईआर दर्ज करवाया गया
वह तो मुंबई हाई कोर्ट के एक नेक जज की मेहरबानी से उसे जमानत देने का आदेश दिया गया
4:- जब पी चिदंबरम गृह मंत्री थे तब पांडिचेरी के एक बिजनेसमैन ने ट्विटर पर लिखा की कार्तिक चितम्बरम के पास रॉबर्ट वाड्रा से ज्यादा दौलत है तुरंत ही उसे बिजनेसमैन के ऊपर आतंकवादियों वाली धारा लगाकर गिरफ्तार किया गया उसके यूनिट पर DRI, सेल टैक्स पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड इत्यादि का छापा मारा गया बैंक को कहकर उसके यूनिट को दिया गया फाइनेंस रिटर्न करवा लिया गया
5:- कंगना रनौत का घर सिर्फ इसलिए तोड़ा गया क्योंकि उन्होंने उद्धव ठाकरे पर टिप्पणी किया और घर तोड़कर अगले दिन सामना अखबार में लिखा उखाड़ दिया !
6:-महाराष्ट्र में विरोधियों को ठिकाने लगाने के लिए 16 साल पहले पुलिस की नौकरी से इस्तीफा दे चुके दरिंदे वहशी हत्यारे सचिन वजे को फिर से पुलिस की नौकरी में लाकर विरोधियों को ठिकाने लगाया गया अर्णव गोस्वामी को उसके घर से उसके बुजुर्ग मां और बच्चों के सामने घसीटते हुए ले जाया गया
7:- अजीत भारती ने जब कांग्रेस के नेता प्रमोद कृष्णन की बातों को कोट किया तब उनके घर कर्नाटक सरकार पुलिस भेज दी
8:- एक और पत्रकार रचित कौशिक ने जब केजरीवाल के भ्रष्टाचार पर वीडियो बनाया तब पंजाब पुलिस दिल्ली आकर उन्हें रात को 9:00 बजे सादे कपड़े में उठाकर पंजाब ले गई चार दिन तो घर वालों को लगा कि अपराधियों ने किडनैप किया है बाद में पंजाब पुलिस बोली कि हमने उन्हें उठाया है क्योंकि उन्होंने केजरीवाल के शीश महल पर वीडियो बनाया
9:- टाइम्स नाउ नवभारत की पत्रकार भावना ने जब केजरीवाल के शीश महल के भ्रष्टाचार को उजागर किया तब उसकी गाड़ी से एक दलित ई रिक्शा चालक से एक्सीडेंट दिखाकर पंजाब पुलिस उसे दलित एक्ट में उठा ले गई जबकि वह गाड़ी चला नहीं रही थी बगल में बैठी थी
पंजाब हाईकोर्ट ने भगवंत मान सरकार को इतने तमाचे मारे और कहा कि तुम तानाशाह बन चुके हो और भावना को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया और दलित एक्ट रद्द कर दिया क्योंकि हाईकोर्ट ने कहा कि यह साफ पता चलता है कि आपने इस पत्रकार को लंबा फसाने के लिए यह पूरी प्लानिंग की है और बाद में उसे रिश्ता चालक ने भी कोर्ट में कह दिया कि सर मुझे पैसे का लालच देकर कहा गया कि तुमको गाड़ी को टक्कर मारनी है
10:- तेजिंदर बग्गा ने जब केजरीवाल के भ्रष्टाचार पर ट्वीट किया तब पंजाब पुलिस उसे किडनैप करके ले गई लेकिन वह तो हरियाणा सरकार की मेहरबानी थी कि बीच में ही पंजाब पुलिस को तमाचे तमाचे कोर्ट द्वारा लगे
11:- कुमार विश्वास ने जब बिना किसी का नाम लिए लिखा कि अब खालीस्तानी सर उठाएंगे तो उनके घर यूपी में पंजाब पुलिस भेज दिया
12 :- छत्तीसगढ़ में जब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे तब नोएडा में आठ बार छत्तीसगढ़ पुलिस भेज कर उन्होंने तमाम चैनल के पत्रकारों को उठाने की कोशिश किया था ताकि मैडम और पप्पू की नजरों में सर्वश्रेष्ठ चमचा का खिताब पा सकें
लेकिन जिन युवाओं ने मोदी , उनकी माता जी , इटली की राष्ट्रध्यक्ष को गंदी भद्दी गालियां दीं उनको मोदी जी ने आज माफ कर दिया !!!
हां तानाशाह तो नरेंद्र मोदी है
No benefits for those who wed thrice, refuse vaccines: Suvendu epaper.indiatimes.com/articl…
This is a path breaking, positive and farsighted decision by Suvendu Adhikari, which other state governments should also emulate.
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Replying to @SupriyaShrinate
Congress hired multiple lawyers to fight the case in court and prevent construction of Ayodhya Ram Janmabhoomi temple. Their leadership has openly disowned the temple and ignored the invite that was sent to them to attend the inauguration.
With that as background, this press conference by Urinate is nothing but trying to get political mileage out of something they don't really care about.
Please go visit the temple, ask for forgiveness for disowning it, make a public apology to the people of Inda for fighting in court against its construction and only then talk about the temple.
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Replying to @Priyaa_Purohit
Sonia's sister, Robert Vadra and his daughter are protecters of our constitution.
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Replying to @khanumarfa
Muslims have been here for centuries but they declared that they cant live with hindus and propagated the "Two Nation" theory. Basis which there was partition. 85% of muslims in India voted for partition of India.
2018 PEW survey had 85% of muslims in India wanting Sharia Law. This is after our politicians bent over backwards to appease muslims. For them saying "Bharat Mata Ki Jai" is taboo but will rally around Palestine.
There is just too many similar issues which clearly shows muslims as a threat to our nations integrity. That is the honest truth.
I dont hate muslims but I acknowledge that wherever they live, there is violence, there is targeting of "Kafir" women. There is hate.
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Whoever edited this gave me my Monday morning dose of laughter. Maybe this is what they call 'peak detailing' of a political career.
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She has busted the fake narrative of
“Jai Bheem Jai meem “
Tarun Khatik was from Scheduled caste but today this blue birds who divide HINDUS on basis of caste are missing
Where is Acha Mussalman ?
Gulf countries have banned Dhurandhar. Taking a cue from this, our government should seize the initiative and prohibit all Indian movies from being released in these countries.
This is being done keeping the sensibilities of these countries so that banning a movie does not arise.
The other positive effect of this would be that our movies would be made for our audience and not be concerned about hurting Pakistani sentiments. There would also be a level playing field for all producers to earn from domestic market only. Gulf market will not matter.
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To be very honest, I never particularly wanted to see #Dhurandhar, because I dislike both Ranveer and Sanjay Dutt. But now that all the Paki loving reviewers have panned it, not only am I going to see it, I am going to sponsor tickets for all my staff and some college students in the neighbourhood to go watch the movie! Schadenfreude never felt sweeter! RT if you feel the same! @AdityaDharFilms @yamigautam
270 citizens who have held responsible positions in the government and judiciary wrote to Rahul Gandhi to stop blaming the ECI and for targeting the Chief Election commissioner.
Rahul Gandhi could have told them that he disagrees, instead congress launched an all out attack on these citizens, trying to defame them.
Congress cant tolerate a different point of view and uses all its resources to defame and shame citizens. It cant take on BJP and takes out its frustration on ordinary people. This incident should forewarn Indian citizens not to vote for congress.
Everyday there is a new low that congress achieves.
Manu Narayan retweeted
A woman who has single-handedly waged an unyielding crusade against the Leftist–Communist intellectual syndicate for decades.
Her command of history and her ferocity of argument are so overwhelming that a single podcast from her can intellectually pulverise an entire battalion of Romila Thapars.
Repost if you agree with me


















