सर !! आपके खुद के संस्थान IMT गाजियाबाद में क्यों आरक्षण नहीं है 1% भी इसको भी समझा दिजिए 🤔
मध्य प्रदेश में OBC वर्ग को 2019 में मेरी सरकार द्वारा दिया गया 27% आरक्षण षड्यंत्रपूर्वक समाप्त करने के बाद भारतीय जनता पार्टी "चोरी और सीना जोरी" की राजनीति पर उतर आई है।
सच्चाई यह है कि मेरी सरकार ने जनता की भलाई के लिए आरक्षण दिया था। आरक्षण की रक्षा करना सरकार की ज़िम्मेदारी होती है। लेकिन उसके बाद बनी भाजपा सरकारों ने कोर्ट के सामने सच्चाई रखी ही नहीं।
भाजपा नेताओं के बयान में यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि तब कांग्रेस सरकार ने जल्दबाजी में आरक्षण दिया। इस तरह के भ्रामक बयान अदालत के आदेश की ग़लत व्याख्या और अवमानना की तरह हैं।
सच्चाई यह कि कांग्रेस सरकार ने 2019 में मध्य प्रदेश विधानसभा में क़ानून पास करके ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण दिया था, जो पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करके दिया गया था।
2020 से प्रदेश में भाजपा की सरकारें हैं, इन 6 साल में भाजपा ने जानबूझकर ओबीसी जनसंख्या के सही आंकड़े न्यायालय के सामने नहीं रखे।
भाजपा सरकार की ज़िम्मेदारी थी कि वह अदालत में मामले को पुरज़ोर ढंग से रखें, लेकिन भाजपा नेताओं के बयानों से लगता है कि 2019 में हमने जो आरक्षण दिया उसके बाद से उस आरक्षण के संरक्षण के लिए भाजपा ने कुछ नहीं किया। अगर भाजपा नेता जो कह रहे हैं उसे सच मान लें तो स्पष्ट है कि भाजपा ने पिछले 6 साल में अदालत के सामने ओबीसी का पक्ष रखा ही नहीं है।
अगर, भाजपा में ओबीसी वर्ग के प्रति जरा भी संवेदनशीलता है तो तुरंत सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाए और साथ ही विधानसभा में नया कानून पारित कर 27% आरक्षण बहाल करे।
मस्क को गाली दो कोई दिक्कत नहीं। बस गाली देते समय फ़ोन का ब्रांड, ऐप का देश और AI का मालिक याद रख लेना। वरना मज़ाक तुम पर है, मस्क पर नहीं। असली मज़ाक ये नहीं कि कोई Starlink चाहता है या नहीं। असली मज़ाक ये है कि निर्भरता की पूरी लिस्ट जेब में रखकर “हम आत्मनिर्भर हैं” का भाषण देना 😂
मंडल जी इस बार मुसलमान के और शोषित पीड़ित वंचित के वोटो से सरकार बनवाएंगे मोदीजी की। मंडल जी जिंदाबाद!! 😎
प्रिय मीडियाकर्मियों, मुसलमानों को बदनाम करना और सांप्रदायिकता फैलाना बंद करें.
मीडिया जब लिखता है कि मुस्लिम-बहुल सीट से बीजेपी जीत ही नहीं सकती, तो दरअसल वो देश के 20 करोड़ मुसलमानों को "कट्टर कम्युनल और जिहादी" ब्रांड करता है, जिन्हें सरकार के कामकाज या विकास से नहीं, सिर्फ मजहब से मतलब है.
मीडिया समझ नहीं रहा है कि आज का मुसलमान कट्टर या जिहादी नहीं है, वे भी कामकाज देखकर वोट देते हैं. पीएम आवास, मुद्रा लोन, डिजिटल इंडिया, यूपीआई, किसान सम्मान, जनधन, आयुष्मान, विश्वकर्मा, उज्जवला, मुफ्त अनाज, नल से जल सबके लिए हैं. लगभग हर मुसलमान सरकारी योजनाओं का लाभार्थी है.
तीन तलाक बंद होने के बाद मुसलमान महिलाओं में मोदी की लोकप्रियता बढ़ी है, जो चार निकाह बंद होने पर और बढ़ेगी.
GC 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर मत जाना , यह मोदी सरकार का हिसाब है, अपना नहीं .सरकार आरक्षण, SC ST फर्जी मामलों और UGC पर आपकी शिकायत सुनने से इनकार करती रही, वही अब विपक्ष और छात्र संगठनों के शोर में जनता का चेहरा ढूँढ रही है। GC उस दिन घर बैठकर अपना कटऑफ, अपनी प्रतीक्षा-सूची और अपने लंबित मुकदमे गिन सकता है ..जंतर-मंतर पर किसी और का एजेंडा पूरा करने से बेहतर। फर्जी राष्ट्रवाद आपको मुकदमे और डंडे देगा इसके सिवाय कुछ भी नहीं।
ओवरटाइम करते रहो, घर भी चलाना होता है, रेलेवेंट भी रहना होता है। यह तुम्हारी विवशता है, जो मैं समझ सकता हूँ। हाथ सेंको, जब तक आग जल रही है।
इंडिगो के 3 सीनियर पायलटों ने एक ट्रेनी वंचिइइत Pilot को क्लियरेंस नहीं दिया तो उसने उन पर SC-ST एक्ट लगा दिया।कोई नहीं मोदी जी इसको अपना Personal Pilot अपाइंट करेंगे सामाजिक न्याय होके रहेगा 💪😎
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Topics being taught under Humanities in our Universities👇
-Brahminical patriarchy
-Caste & Gender
-BR Ambedkar writings on brahminical patriarchy
-Ghulamgiri by Phule
-Dalit History
-Against the madness of Manu
-Mahishasur-Ek jannayak
-Bharat ke Moolniwasi aur Aryans
Wonder whom to blame?
& Who pushed all this into the curriculum?
















